{"_id":"6a0dafd1d05b9891bd056903","slug":"farmers-are-wandering-for-fertilizer-demand-for-action-from-dm-meerut-news-c-44-1-smrt1055-112400-2026-05-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: खाद के लिए भटक रहे किसान, डीएम से कार्रवाई की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: खाद के लिए भटक रहे किसान, डीएम से कार्रवाई की मांग
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। क्षेत्र में खाद की किल्लत लगातार गंभीर होती जा रही है। सरकारी केंद्रों पर खाद उपलब्ध न होने और निजी दुकानों पर मनमाने तरीके से वितरण के आरोपों के बीच किसानों में भारी नाराजगी है। परेशान किसानों की ओर से गांव जुलेढ़ा निवासी अधिवक्ता चंद्रकेतु त्यागी ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र भेजकर तत्काल पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
किसानों का कहना है कि इस समय गेहूं, गन्ना और अन्य फसलों के लिए खाद की अत्यधिक जरूरत है लेकिन सरकारी गोदामों पर खाद नहीं मिल रही। किसान सुबह से लाइन में लगने के बावजूद खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। आरोप है कि कई स्थानों पर प्रभावशाली लोगों को प्राथमिकता देकर खाद वितरित की जा रही है, जबकि छोटे और जरूरतमंद किसानों की अनदेखी हो रही है।
अधिवक्ता चंद्रकेतु त्यागी ने कहा कि खाद की कमी का सीधा असर फसलों की वृद्धि और उत्पादन पर पड़ रहा है। यदि किसानों को समय पर खाद नहीं मिली तो उत्पादन घटने के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सभी सरकारी केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए और वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन शुरू किया जाएगा। किसानों का कहना है कि प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप कर खाद संकट दूर करना चाहिए ताकि फसलें प्रभावित न हों और किसानों को राहत मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरधना। क्षेत्र में खाद की किल्लत लगातार गंभीर होती जा रही है। सरकारी केंद्रों पर खाद उपलब्ध न होने और निजी दुकानों पर मनमाने तरीके से वितरण के आरोपों के बीच किसानों में भारी नाराजगी है। परेशान किसानों की ओर से गांव जुलेढ़ा निवासी अधिवक्ता चंद्रकेतु त्यागी ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र भेजकर तत्काल पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
किसानों का कहना है कि इस समय गेहूं, गन्ना और अन्य फसलों के लिए खाद की अत्यधिक जरूरत है लेकिन सरकारी गोदामों पर खाद नहीं मिल रही। किसान सुबह से लाइन में लगने के बावजूद खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। आरोप है कि कई स्थानों पर प्रभावशाली लोगों को प्राथमिकता देकर खाद वितरित की जा रही है, जबकि छोटे और जरूरतमंद किसानों की अनदेखी हो रही है।
विज्ञापन
अधिवक्ता चंद्रकेतु त्यागी ने कहा कि खाद की कमी का सीधा असर फसलों की वृद्धि और उत्पादन पर पड़ रहा है। यदि किसानों को समय पर खाद नहीं मिली तो उत्पादन घटने के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सभी सरकारी केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए और वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन शुरू किया जाएगा। किसानों का कहना है कि प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप कर खाद संकट दूर करना चाहिए ताकि फसलें प्रभावित न हों और किसानों को राहत मिल सके।
विज्ञापन