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किसान आंदोलन: कृषि कानून किसानों के हित में नहीं, रालोद ने किया प्रदर्शन
Wed, 02 Dec 2020 05:43 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Wed, 02 Dec 2020 05:43 PM IST
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Kisan agitation
- फोटो : अमर उजाला
केंद्र सरकार की ओर से लागू किये गए कृषि कानूनों को राष्ट्रीय लोकदल ने गलत बताया है। इसे लेकर रालोद कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कार्यकर्ताओं की ओर से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा गया।
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बुधवार को रालोद कार्यकर्ता कलक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार किसानों का शोषण कर रही है। कभी किसानों को पराली जलाने के नाम पर तंग किया जाता है, तो कभी अन्य प्रकार से उनका उत्पीड़न किया जाता है। यह किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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कृषि कानूनों के लागू होने से किसानों की स्थिति और अधिक दयनीय हो जाएगी। इस भीषण सर्दी में भी किसान दिल्ली में आंदोलन कर रहे हैं। आखिर बार बार किसानों को आंदोलन के लिए क्यों विवश होना पड़ रहा है। समझ नहीं आता कि सरकार आखिर चाहती क्या है?
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आरोप लगाया कि केंद्र सरकार किसानों का सहयोग करने के बजाए भीषण सर्दी में भी उन पर पानी की बौछारें और आंसू गैस के गोले दागकर उन्हें और अधिक पीड़ा पहुंचाई जा रही है। यह बर्ताव कृषि प्रधान देश के किसानों के अनुचित है।
कहा कि कानूनों के फलस्वरूप मंडी समिति और एमएसपी समाप्त हो जाएगी तथा कारपोरेट जगत का स्वेच्छा से की जाने वाली कीमत पर कृषि उपज की खरीद होगी। साथ ही पूंजीपतियों एवं किसानों के बीच संभावित विवादों का निस्तारण भी सिविल कोर्ट में न होने सेकिसानों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन होगा।
ज्ञापन देने वालों में पूर्व सांसद मुंशीराम पाल, जिलाध्यक्ष राहुल सिंह, नरेंद्र सिंह, सरदार बलवीर सिंह, पवन राजपूत, कुलदीप चिकारा, पूनम चौधरी, हेमेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।