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किसान बोले- काशी से जुडे़ गंगा एक्सप्रेसवे का लिंक
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किसान बोले- काशी से जुडे़ गंगा एक्सप्रेसवे का लिंक
मेरठ। गंगा एक्सप्रेसवे से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को जोड़ने को लेकर संशय खड़ा हो गया है। पहले दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के काशी गांव से गंगा एक्सप्रेसवे को निकाला जाना था। इसके बाद ही काशी से लेकर बिजौली तक के गांवों के बैनामे बंद कर दिए गए थे। जो अभी तक बंद हैं। हाल ही में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गंगा एक्सप्रेसवे से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को जोड़ने की घोषणा कर दी है। अब किसानों का कहना है कि गंगा एक्सप्रेसवे को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के काशी गांव से ही जोड़ जाए। इससे आठ गांवों के किसानों को लाभ मिल सके।
गंगा एक्सप्रेसवे का एलाइनमेंट पहले काशी गांव से ही तय किया गया था। इसके बाद फिर बिजौली से एलाइनमेंट फाइनल कर दिया गया। इस फैसले के बाद काफी किसानों ने हंगामे किए थे। किसानों का कहना था कि हमारे गांवों में सर्वे करने के बाद खूंटी लगा दी गई लेकिन एलाइनमेंट बिजौली से कर दिया।
ये गांव थे पुराने एलाइनमेंट में शामिल
धनोटा, खंदावली, खानपुर, खेड़ा बलरामपुर, नंगला पातू, डीलना, सोलाना, काशी
अब ये हुई है घोषणा
नई घोषणा में भगवानपुर से खानपुर तक गंगा एक्सप्रेसवे को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को जोड़ा जाना है। हालांकि, घोषणापत्र में भी साफ नहीं हो रहा है। एक तरफ आठ किमी का मार्ग बनाकर दोनों एक्सप्रेसवे को जोड़ने का लिखा गया है। ये बिजौली से काशी तक आठ किमी ही बैठता है। पत्र में तीन किमी का लिंक मार्ग बनाकर एक्सप्रेसवे को जोड़ने का रखा गया है।
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ये बोले किसान
हमारे बैनामे बंद हैं। अभी तक खूंटी भी खेतों में लगी है। ऐसे में अगर अब नई घोषणा हुई है तो इसे काशी तक जोड़ा जाए। - महबूब अली, सोलाना
हमारे मुआवजे की राशि भी तय हो गई थी। अगर लिंक किया जा रहा है तो इसका एलाइनमेंट फाइनल किया जाए। - दीपक त्यागी, खंदावली
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मेरठ। गंगा एक्सप्रेसवे से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को जोड़ने को लेकर संशय खड़ा हो गया है। पहले दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के काशी गांव से गंगा एक्सप्रेसवे को निकाला जाना था। इसके बाद ही काशी से लेकर बिजौली तक के गांवों के बैनामे बंद कर दिए गए थे। जो अभी तक बंद हैं। हाल ही में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गंगा एक्सप्रेसवे से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को जोड़ने की घोषणा कर दी है। अब किसानों का कहना है कि गंगा एक्सप्रेसवे को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के काशी गांव से ही जोड़ जाए। इससे आठ गांवों के किसानों को लाभ मिल सके।
गंगा एक्सप्रेसवे का एलाइनमेंट पहले काशी गांव से ही तय किया गया था। इसके बाद फिर बिजौली से एलाइनमेंट फाइनल कर दिया गया। इस फैसले के बाद काफी किसानों ने हंगामे किए थे। किसानों का कहना था कि हमारे गांवों में सर्वे करने के बाद खूंटी लगा दी गई लेकिन एलाइनमेंट बिजौली से कर दिया।
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ये गांव थे पुराने एलाइनमेंट में शामिल
धनोटा, खंदावली, खानपुर, खेड़ा बलरामपुर, नंगला पातू, डीलना, सोलाना, काशी
अब ये हुई है घोषणा
नई घोषणा में भगवानपुर से खानपुर तक गंगा एक्सप्रेसवे को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को जोड़ा जाना है। हालांकि, घोषणापत्र में भी साफ नहीं हो रहा है। एक तरफ आठ किमी का मार्ग बनाकर दोनों एक्सप्रेसवे को जोड़ने का लिखा गया है। ये बिजौली से काशी तक आठ किमी ही बैठता है। पत्र में तीन किमी का लिंक मार्ग बनाकर एक्सप्रेसवे को जोड़ने का रखा गया है।
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ये बोले किसान
हमारे बैनामे बंद हैं। अभी तक खूंटी भी खेतों में लगी है। ऐसे में अगर अब नई घोषणा हुई है तो इसे काशी तक जोड़ा जाए। - महबूब अली, सोलाना
हमारे मुआवजे की राशि भी तय हो गई थी। अगर लिंक किया जा रहा है तो इसका एलाइनमेंट फाइनल किया जाए। - दीपक त्यागी, खंदावली