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बुझ गया था घर का इकलौता चिराग: अब बेटे की याद में परिवार ने की ऐसी पहल, आप भी करेंगे सलाम,युवा भी होंगे जागरूक

Wed, 21 Sep 2022 08:26 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Wed, 21 Sep 2022 08:26 PM IST
सार

घर के इकलौते बेटे की मौत के बाद परिवार ने एक ऐसी पहल की है, जिसके बारे में जानकर आप भी सलाम करेंगे। उन्होंने एक लीगल क्लीनिक की शुरुआत की है। पढ़िए पूरा अपडेट।

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Family of retired district judge has opened legal clinic for public after death of his son
रिटायर जज का परिवार। - फोटो : amar ujala

विस्तार

चार महीने पहले इकलौते बेटे को खोने वाले रिटायर जिला जज डॉ. जी. के. शर्मा ने बेटे के नाम पर एक लीगल क्लीनिक की शुरुआत की है। इसके माध्यम से वे युवाओं की प्री मैरिज काउंसिलिंग करेंगे तो रिटायर सैनिकों को निशुल्क विधिक राय देंगे। विश्वविद्यालय-कॉलेजों में जाकर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ युवाओं को जागरूक करेंगे।

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उत्तराखंड के कई जिलों में जिला जज रहे डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा के इकलौते बेटे प्रणव वशिष्ठ ने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से लॉ किया। बेहद होनहार प्रणव ने कम उम्र में ही सुप्रीम कोर्ट में अपनी पहचान बना ली। एक केस के सिलसिले में चंडीगढ़ हाईकोर्ट गए तो वहां सीढ़ियों से फिसलकर चोट के कारण कोमा में पहुंच गए। पांच महीने अस्पताल में रहे, लेकिन प्रणव बच नहीं सके। 29 साल के प्रणव का सपना था कि पापा रिटायर होकर उनके साथ समाज के लिए कुछ अलग करें। एक ऐसा लीगल क्लीनिक खोलें, जिससे समाज को निशुल्क विधिक सलाह मिले। टूटते परिवारों को बचाने के लिए युवाओं की प्री मैरिज काउंसिलिंग और सेना के रिटायर जवानों को सलाह दें। बेटे के इस सपने को पूरा करने के लिए बुधवार को प्रणव की दादी राजो देवी के श्राद के मौके पर उनके 99 वर्षीय दादा ओम प्रकाश शर्मा और नानी उर्मिला देवी ने शास्त्रीनगर एल ब्लॉक में प्रणव वशिष्ठ लीगल क्लीनिक का उद्घाटन किया।
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प्रणव वशिष्ठ के पिता रिटायर जिला जज डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा बताते हैं कि युवाओं की प्री मैरिज काउंसिलिंग के जरिए परिवारों में शांति कायम की जा सकती है। शांत परिवारों से ही हम समाज एवं सुदृढ़ भारत की परिकल्पना कर सकते हैं। इस काउंसिलिंग से 80 फीसदी परिवारिक-वैवाहिक विवाद जो शादी के बाद उत्पन्न होते हैं, वह नहीं होंगे। इसके लिए वे कॉलेजों में जाकर युवाओं की काउंसिलिंग करेंगे। डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा बताते हैं कि सेना के रिटायर अधिकारी-जवानों को कई बार उनको जो लाभ मिलना चाहिए, वह नहीं मिल पाता है, ऐसे में वे उनको निशुल्क विधिक सलाह और सेवा देंगे।
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इसके अलावा पॉक्सो, मद्यनिषेध और अन्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ विधिक जागरूकत अभियान चलाएंगे। इस दौरान प्रणव वशिष्ठ न्यूज लेटर का विमोचन भी किया गया। इस मौके पर प्रणव की माता माधवी शर्मा, जगदीश पिमौली, दिनेश, रिषभ देव शर्मा, ओमदत्त शर्मा, चंद्रदत्त शर्मा, मनोज गिरि, प्रमोद शर्मा मौजूद रहे।

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