उत्तर प्रदेश के बिजनौर में मर्यादा पुरुषोत्तम राम की लीला का मंचन करने के दौरान सारी हदें पर कर दी गईं। यहा मंच पर प्रस्तुति देते हुए नृत्यांगना ने बॉलीवुड एक्ट्रेस मंदाकिनी के वेश में नृत्य किया। इसके कई वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में रोष फैल गया। लोगों ने जहां पुलिस प्रशासन पर नाराजगी जताई है वहीं आयोजकों पर कार्रवाई की मांग करते हुए अश्लील डांस पर रोक लगाने की मांग की है। वहीं बुद्धिजीवी लोगों का कहना है कि रामलीला में इस प्रकार से भोंडे नृत्य का आयोजन किया जाना समाज के लिए घातक है।
Ramlila में हदें पार: मंच पर मंदाकिनी बनी महिला, आयोजकों को नहीं आई शर्म, बुद्धिजीवी बोले- समाज के लिए घातक
बुद्धिजीवी बोले-समाज के लिए घातक, लगे रोक
मर्यादा पुरुषोत्तम राम की लीला मंचन के दौरान मंच पर मर्यादा तोड़ने की वीडियो वायरल होने के बाद समाज के बुद्धिजीवी वर्ग ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे समाज के लिए घातक बताया है। नगर में चल रही रामलीला के मंच पर आयोजकों द्वारा चंद पैसे के लालच में मर्यादा की सारी सीमाएं लांघकर अश्लीलता का नंगा नाच खेला गया। मौके पर मौजूद कुछ युवकों ने वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दीं। वीडियो वायरल होने के बाद समाज के बुद्धिजीवियों ने इस पर रोष जताते हुए रामलीला जैसे पवित्र मंचन का उपहास उडाने की संज्ञा दी है।
जिले में कई जगह अश्लील डांस, प्रशासन ने साधी चुप्पी
सोशल मीडिया पर ऐसी कई वीडियो वायरल हो रही हैं, जो जिले के हल्दौर, फीना, स्योहारा समेत अन्य कई जगहों की बताई जा रही है। वहीं दूसरी ओर इनसबके बावजूद पुलिस और प्रशासन मूकदर्शक बने हुए हैं। आरोप तो यहां तक हैं कि कुछ राजनीतिक लोगों के हस्तक्षेप के कारण अफसर कुछ नहीं कर पा रहे हैं।
समाज के हित में सही नहीं: अनिल कुशवाह
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष व समाजसेवी अनिल कुशवाह ने कहा कि रामलीला मंचन के माध्यम से हम अपने बच्चों को मर्यादा पुरुषोत्तम राम का चित्रण दिखाकर उनके पद चिन्हों पर चलने की अपील करते हैं | यदि रामलीला मंचन जैसे पवित्र आयोजनों ने ही अश्लीलता का नंगा नाच होगा तो ये समाज हित में सही नहीं है |
चकाचौंध में संस्कृति भूल रहे युवा: नीरज अग्रवाल
संघ कार्यकर्ता व लुब्रिक्रेंट के प्रमुख व्यवसायी नीरज अग्रवाल ने रामलीला मंचन के दौरान भोंडे नृत्य की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर इसे हिंदू संस्कृति पर कलंक के समान बताया है। रामलीला मंचन का मतलब भगवान राम के आदर्शों पर चलने के लिए अग्रसारित करना है। आज के युवा सोशल मीडिया की चकाचौंध में अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे हैं | रामलीला जैसे धार्मिक आयोजनों से युवा वर्ग अपनी सनातनी संस्कृति को समझने का प्रयास करता है । उन्होंने रामलीला मंचन में इस तरह के भोंडे नृत्य की निंदा की है |
चंद रुपयों के लालच में पवित्र आयोजन को बदनाम कर रहे आयोजक
क्षेत्र में स्योहारा के साथ-साथ दर्जनों स्थानों पर आदर्श रामलीला का मंचन किया जाता रहा है। लेकिन वर्तमान में रामलीला कमेटी के कुछ आयोजकों ने चंद रुपये के लालच में रामलीला के मंचन को बदनाम कर दिया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रही है, जो स्योहारा के मोहल्ला रियासत में चल रही आदर्श रामलीला मंचन के दौरान की बताई जा रही है।
वीडियो में अश्लील नाच होता नजर आ रहा है। वीडियो वायरल होने पर कमेटी के आयोजक तरह तरह की सफाई देने में लगे हैं। मंगलवार को वीडियो के वायरल होने पर कई लोगों ने पुलिस प्रशासन से अश्लील डांस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।