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मायके वालों ने हत्या की आशंका जताई, जांच शुरू

Sun, 05 Dec 2021 02:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 05 Dec 2021 02:30 AM IST
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Family members feared murder, investigation started
मायके वालों ने हत्या की आशंका जताई, जांच शुरू
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- रजबन में साधना यादव के खुदकुशी का मामला
मेरठ। रजबन निवासी साधना यादव के खुदकुशी के मामले में शनिवार मायके वाले एसपी सिटी कार्यालय में पहुंचे। महिला के भाई शैलेश यादव ने हत्या का आरोप लगाकर तहरीर दी। एसपी ने मामले में जांच कराने का आश्वासन दिया और निष्पक्ष कार्रवाई करने की बात कहीं।
आशाराम यादव की पत्नी साधना ने शुक्रवार को फांसी लगाकर जान दी थी। बताया गया कि खाना बनाने को लेकर दंपती के बीच विवाद हुआ। आरोप लगा था कि पति ने उसे थप्पड़ मारा था, जिस महिला ने बच्चों के सामने फांसी लगाकर जान दी। शनिवार को महिला के मायके वाले फैजाबाद से मेरठ पहुंचे। मायके वालों ने पति और ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाकर पहले सदर बाजार थाने में और एसपी सिटी कार्यालय में जाकर तहरीर दी।
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शैलेश ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से दहेज के लिये आशाराम उनकी बहन साधना को प्रताड़ित करता था। एसपी सिटी ने उनसे पुराने विवाद की जानकारी मांगी तो वह चुप हो गए। शादी के नौ साल होने के चलते दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज करने से पुलिस ने मना कर दिया। उन्होंने सीओ और इंस्पेक्टर से पूरा घटनाक्रम जाना। साधना के परिवार के लोग संतुष्ट नहीं दिख रहे थे। एसपी सिटी से जांच का आश्वासन दिया।
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पापा... दरवाजा तोड़ दो, मां लटक गई
मेरठ। 2012 में शादी के बाद पत्नी साधना यादव ने अर्जुन (8) को जन्म दिया। कुछ समय गांव में रहे और फिर मेरठ आकर रहने लगे। सबकुछ ठीक चल रहा था। इसी दौरान अर्जुन को दादी जय कुमारी अपने साथ गांव ले गई। 2017 में साधना फिर मां बनी। इस बार उसने जुड़वा बच्चों राम और श्याम को जन्म दिया। सब ठीक चल रहा था कि कुछ दिन पहले दोनों में किसी बात पर अनबन शुरू हो गई। विवाद बढ़ने लगा। आशाराम पहले कोठी में काम करने जाता है और उसके बाद एक शापिंग सेंटर पर सेल्समैन के रूप में काम करता है। बताया गया है कि शुक्रवार सुबह भी उसका पत्नी से विवाद हुआ था। सुबह आठ बजे तक खाना नहीं बना था। आशाराम बिना खाना लिए चला गया। अचानक बीच रास्ते से लौट आया तो देखा कि भीड़ जमा है। लोग दरवाजा पीट रहे हैं। आशाराम ने भी आवाज लगाई। तभी अंदर से राम ने कहा, पापा... दरवाजा तोड़ दो मां लटक गई है।

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मां के जाने के बाद से मौन रहे मासूम
राम और श्याम जुड़वा हैं। दोनों के जन्म के बीच एक मिनट का अंतर है। साधना के फांसी पर लटकने के बाद राम ने ही शोर मचाया था। रात में अंतिम संस्कार होने के बाद दोनों ही मौन हैं। सुबह खाना खाया और कुछ देर बाद ही मां के बारे में पूछने लगे। पिता आशाराम से जवाब नहीं बन रहा। लोगों ने पूछा कि मां कहां गई है तो राम बोला, घूमने गई है, कल आएगी। मासूमियत उनके चेहरे पर साफ झलक रही है। वह यह नहीं जानते कि मां अब वापस नहीं आएगी। आशाराम जिस मकान में रहते हैं, वह एक कमरे का है। कमरे में आशाराम, पत्नी व दो बच्चों संग रहते थे। बाहर के कवर्ड एरिया में बेड डालकर दूसरा भाई मंशाराम यादव अपनी पत्नी सुदेश व एक बेटी सलोनी के साथ रहता है। बताया जाता है कि पिछले कुछ समय से मनमुटाव बढ़ गया था। बात बात पर साधना नाराज होती थी, लेकिन आशाराम ने नहीं सोचा था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगी। घर में सन्नाटा है।
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