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फर्जी एक्सचेंज खोलकर इंटरनेशनल कॉल कराने का भंडाफोड़

Fri, 09 Jun 2017 09:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Updated Fri, 09 Jun 2017 09:58 PM IST
सार

अफ्रीका की माराआईजन कंपनी में आईटी हैड था आरोपी सुमित - डॉट टर्म सेल के डायरेक्टर ने एसएसपी मेरठ से की थी शिकायत - साइबर सेल व ब्रह्मपुरी पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार - एसपी सिटी ने किया दोनों फर्जी एक्सचेंज का खुलासा

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Fake telephone exchange disclosure
फर्जी एक्सचेंज का भंडाफोड़ करते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

विस्तार

मेरठ में शास्त्रीनगर व ब्रह्मपुरी में फर्जी एक्सचेंज खोलकर इंटरनेशनल कॉल कराने का मेरठ साइबर सेल ने भंडाफोड़ किया हैं। गिरोह का सरगना सुमित शर्मा उर्फ रिंकू अफ्रीका की माराआईजन कंपनी में पांच साल आईटी हेड रह चुका है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर फर्जी एक्सचेंज के इंस्ट्रूमेंट व अन्य सामान बरामद किए। आरोपी के तार चेन्नई, दिल्ली समेत कई राज्यों में जुड़े हैं।
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एसपी सिटी मानसिंह चौहान ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर बताया कि डॉट टर्म सेल के डायरेक्टर आरवन एके वर्मा ने मेरठ एसएसपी से शिकायत की थी। उन्हें शक था कि मेरठ में फर्जी एक्सचेंज खोलकर इंटरनेशनल कॉल कराने का धंधा चल रहा है। इसका मुकदमा ब्रह्मपुरी थाने में दर्ज हुआ था। जिसकी जांच साइबर सेल को सौंपी गई थी। साइबर सेल प्रभारी कर्मवीर सिंह ने बताया कि आरोपी सुमित उर्फ रिंकू ने अपने घर शारदा रोड से सटी डॉ. गीता जैन वाली गली ब्रह्मपुरी में फर्जी एक्सचेंज चला रहा है। साइबर सेल और ब्रह्मपुरी पुलिस ने दबिश देकर सुमित शर्मा को गिरफ्तार किया। पुलिस की पूछताछ में सुमित ने बताया कि उसने अपने घर में और शास्त्रीनगर में फर्जी एक्सचेंज खोला हुआ है।
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सुमित ने साथ उसका दोस्त अमित निवासी दिल्ली भी शामिल है। पुलिस ने सुमित शर्मा को गिरफ्तार कर दोनों जगह पर छापा मारकर फर्जी एक्सचेंज में लगे इंस्टूमेंट और 258 सिम बरामद किए। आरोपियों को फर्जी आईडी पर भाजपा नेता अभिनव अरोरा निवासी प्रहलादनगर लिसाड़ीगेट सिम उपलब्ध कराता था। उसे भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। चाइना कंपनी की सेटिंग से चल रहा था एक्सचेंज साइबर सेल प्रभारी कर्मवीर सिंह ने बताया कि आरोपियों ने चाइना स्काईलाइन टेलीकॉम कंपनी की साठगांठ से फर्जी एक्सचेंज लाया हुआ था। चेन्नई, दिल्ली समेत कई जगहों पर उनके सेंटर बने थे, जहां से इंटरनेट के जरिये उनको जोड़ा गया था। इसके बदले में चाइना कंपनी ने उनको 15 सौ रुपये डॉलर हर माह देता था। अब तक उनको 1.80 लाख रुपये मिलने बताए है। रोजाना 10 हजार रुपये की कमाई होना बताया है। एक इंस्टूमेंट में लगते थे 32 सिम फर्जी एक्सचेंज चलाने के लिए उन्होंने रिलायंस कंपनी के सिम फर्जी तरीके से लिए। एक इंस्टूमेंट में करीब 32 सिम लगते थे।
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शास्त्रीनगर में 96 और ब्रह्मपुरी में 90 सिम इस्तेमाल हो रहे थे। इन सिम उपलब्ध करने के लिए खैरनगर में रमीज हसन और अभिनव अरोरा समेत आठ लोगों से संपर्क किया था। जोकि एक आईडी पर 100-100 सिम उनको एक्टिव कराए। एक सिम एक्टिव कराने के बदले में उनको 14 सौ रुपये मिलते थे। अधिकांश कॉल इंटरनेशनल होती थी पुलिस के मुताबिक अधिकांश कॉल इंटरनेशनल कराई जा रही थी। 24 घंटे कॉल कराने का सिस्टम चल रहा था। पूर्वी और पश्चिमी इलाकों कम कॉल होना बताया। साइबर सेल अभी जांच करने में लगा है कि आखिर इस इन कॉलों पर क्या क्या बातें होती थी। सिर्फ पैसे के लिए कॉल कराई गई या किसी आतंकी या फिर पाकिस्तान में बात हो रही थी। इसका खुलासा तो पुलिस और साइबर सेल की जांच रिपोर्ट को बाद ही होगा। कंपनी कर्मियों जोड़कर किया सिस्टम शुरू आरोपी सुमित (बीटेक) आईटी एक्सपर्ट है। अफ्रीका में जॉब छोड़कर उसने दिल्ली में अपने दोस्त अमित से संपर्क किया।

अमित द्वारा स्काइप पर चाइना की कंपनी स्काईलाइन टेलीकॉम कंपनी की स्काईप आईडी संपर्क करने के लिए दी। वाइप कॉल के लिए गूगल पर सर्च कर वाक्सस्पेश कंपनी के जुऐब, हसैन व अली से संपर्क किया। उसके वीओआईपी कॉल नेटवर्क पर चायना स्काईलान व वाक्सस्पेश से कॉल मिलनी शुरू हो गई। तीन ओर आरोपियों की तलाश जारी साइबर सेल ने सुमित के साथ मुजाहिद को हिरासत में लिया हुआ है। फर्जी एक्सचेंज चलाने में मुजाहिद की भी महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है। पुलिस का दावा है कि मुजाहिद से ओर फर्जी एक्सचेंज का खुलासा हो सकता है। जिससे पूछताछ चल रही है। वहीं वाक्सस्पेश कंपनी के कर्मचारी जुऐब, हसैन और अली भी पुलिस गिरफ्तार करेगी। जिसकी तलाश में पुलिस ने कंपनी मैनेजर से भी संपर्क किया है।


गंगानगर में पकड़ा था फर्जी एक्सचेंज गंगानगर में भी दो साल पहले एक फर्जी एक्सचेंज पकड़ा था। आरोपी का सरगना हैदराबाद का था। जिसमें तीन आरोपी गिरफ्तार किए थे। ठीक इसी तरह से गंगानगर में इंस्टूमेंट लगाकर कॉल कराने का धंधा चल रहा था। इस मामले में भी दिल्ली, चेन्नई और कंपनियों के कर्मचारी भी शामिल है। पुलिस ने कर्मचारियों को भी गिरफ्तार करने में जुट गई है।
अफ्रीका की माराआईजन कंपनी में आईटी हैड था आरोपी सुमित - डॉट टर्म सेल के डायरेक्टर ने एसएसपी मेरठ से की थी शिकायत - साइबर सेल व ब्रह्मपुरी पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार - एसपी सिटी ने किया दोनों फर्जी एक्सचेंज का खुलासा
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