ईवीएम मशीन को लेकर फर्जी अफवाह फैलाने वाले युवक पर मुकदमा दर्ज, जानें- क्या था पूरा मामला
मुजफ्फरनगर में मीरापुर विधानसभा के गांव कसौली में ईवीएम को लेकर फर्जी अफवाह फैलाने वाले धारा सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है। डीएम अजय शंकर पांडेय के आदेश पर एसडीएम जानसठ की ओर से यह मुकदमा भोपा थाने में दर्ज हुआ है। एडीएम वित्त की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट पर यह कार्रवाई की गई है।
गुरुवार को मतदान के दिन बिजनौर लोकसभा की मीरापुर विधानसभा में मतदान शांतिपूर्वक चल रहा था। इसी दौरान सोशल मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर तेजी से एक खबर प्रसारित हुई कि विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कसौली के प्राइमरी विद्यालय के कक्ष संख्या-2 में बने पोलिंग बूथ पर ईवीएम में हाथी का बटन दबाने पर कमल को वोट जा रहा है। इस खबर को फैलाने वाले धारा सिंह ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को अपना इंटरव्यू भी दिया था। चुनाव आयोग में इस आरोप के बाद खलबली मच गई थी। जिला मजिस्ट्रेट से आयोग ने रिपोर्ट तलब की। डीएम ने सेक्टर मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट एवं उप जिला मजिस्ट्रेट जानसठ को जांच के लिए भेजा। पूरा प्रकरण झूठा पाया गया। बाद में डीएम ने एडीएम वित्त आलोक कुमार को पूरे मामले की जांच सौंपी। जांच के समय धारा सिंह गायब हो गए। इसके बाद ईवीएम की जांच की गई और आरोप झूठे व मनगढंत पाए गए।
डीएम अजय शंकर पांडेय ने बताया कि धारा सिंह कसौली गांव के बूथ पर बसपा के पोलिंग एजेंट थे। मॉकपोल के समय धारा सिंह ने यह प्रमाण-पत्र दिया था कि ईवीएम पर जिस प्रत्याशी के नाम के सम्मुख बटन दबाया जा रहा था, उसके नाम की वीवीपैट पर पर्ची निकल रही थी और सीआरसी के समय उस प्रत्याशी को उतने ही वोट मिले। मॉकपोल के प्रमाण-पत्र पर धारा सिंह के स्वयं के हस्ताक्षर हैं।
डीएम ने बताया की पूरे प्रकरण की रिपोर्ट 11 अप्रैल को ही आयोग को भेजी गई थी। डीएम ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है और पूरी व्यवस्था को बदनाम करने का प्रयास किया गया है। जानसठ एसडीएम को धारा सिंह के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए गए। एसडीएम जानसठ विजय कुमार ने भोपा थाने में धारा सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। धारा सिंह पर धारा 171जी, 188, 505 आईपीसी एवं 125 लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
योजनाबद्ध तरीके से फैलाई अफवाह
सोशल मीडिया पर हाथी का बटन दबाने पर कमल पर वोट जाने की अफवाह योजनाबद्ध तरीके से फैलाई गई। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के तथाकथित पत्रकार जिन्हें इंटरव्यू दिया गया वह बिजनौर जिले के हैं। कसौली गांव मुजफ्फरनगर से मात्र 15 किमी की दूरी पर है। सुबह के समय ही मीडिया की यह टीम बिजनौर से कसौली कहां से पहुंच गई और बिना किसी अधिकारी से बात किए सोशल मीडिया पर इसे आगे बढ़ा दिया गया। जिन चैनल के नाम से साक्षात्कार लिया गया, उसमें किसी पर भी यह खबर नहीं चली। इंटरव्यू लेने वाले भी प्रशासन की जांच के दायरे में है।
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