तेल का खेल: माफिया ने यहां बनाया नया ठिकाना, मेरठ में हुआ था फर्जी पेट्रोल-पंप का खुलासा
- दो दिन पहले कंकरखेड़ा क्षेत्र के पठानपुरा में फर्जी पेट्रोल पंप के खुलासे का मामला
- मेरठ में ऑयल डिपो से निकलने वाले टैंकर अब तेल माफिया के निशाने पर आए
- तेल माफिया गौतमबुद्धनगर के दादरी में तैयार कर रहे सॉल्वेंट मिक्स पेट्रोल और डीजल
विस्तार
सॉल्वेंट मिक्स पेट्रोल और कोरोसिन मिलाकर मिलावटी डीजल बनाने का काला कारोबार अब मेरठ से दादरी (गौतमबुद्धनगर) शिफ्ट हो गया है। मेरठ में पुलिस-प्रशासन की सख्ती के साथ ही आम जनता की नजर में यह धंधा सामने आने के बाद तेल माफिया ने इसे नया ठिकाना बनाया है। लेकिन इस मिलावटी तेल की सप्लाई इनकी अभी भी मेरठ सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में बदस्तूर जारी है।
मिलावटी तेल की जड़े मेरठ में बेहद मजबूत हैं। यहां के करीब एक दर्जन लोग इस मिलावटी तेल के कारोबार से जुड़े हैं। अमर उजाला ने करीब छह साल पहले इस तेल के खेल का खुलासा किया था। लेकिन प्रशासनिक साठगांठ के चलते इनका कुछ नहीं बिगड़ा। लेकिन अगस्त 2019 इन तेल माफिया पर भारी पड़ा। जब तत्कालीन आईजी आलोक सिंह के निर्देशन में एसपी देहात अविनाश पांडे ने दो केमिकल फैक्टरियों पर छापा मारते हुए इस तेल के खेल का खुलासा किया था। लंबी जांच प्रक्रिया के बाद यह मामला अब ठंडे बस्ते में पड़ा है।
बिजनौर, मुरादाबाद तक सप्लाई
तेल कारोबार से जुड़े सूत्रों के अनुसार अब तेल माफिया का नया ठिकाना दादरी (गौतमबुद्धनगर) बना है। जहां पर मिलावटी पेट्रोल और डीजल तैयार होता है। इसमें केरोसिन की आपूर्ति कम होने के कारण अब मिलावटी पेट्रोल पर ज्यादा जोर है। वहां से टैंकर भरकर गाजियाबाद, बागपत, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, शामली, सहारनपुर और मुरादाबाद के साथ कुछ अन्य जनपदों में जाते हैं।
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यहां छोटे स्तर पर सिमटा धंधा
मेरठ में अब छोटे स्तर पर काम सिमट गया है। ऑयल कंपनियों से तेल भरकर निकलने वाले टैंकरों से तेल चोरी होती है। सूत्रों के अनुसार जो पेट्रोल पंप डायरेक्ट ऑयल कंपनी संचालित कर रही हैं, वहां आपूर्ति के लिए जाने वाले टैंकरों से तेल ज्यादा चोरी होता है।
...एक टैंकर से पांच सौ लीटर तक चोरी
तेल के टैंकर 10 हजार लीटर से 16 हजार लीटर तक के होते हैं। जिनमें तीन से चार चैंबर होते हैं। 12 हजार लीटर के एक टैंकर में तीन से चार चेंबर बनाए जाते हैं। प्रत्येक चेंबर में तीन से चार हजार लीटर तक तेल भरा जाता है। इसकी चाबी ऑयल कंपनी और पेट्रोल पंप संचालक के पास होती है। लेकिन साठगांठ से डुप्लीकेट चाबी टैंकर चालक बनवा लेते हैं। जिसकी सहायता से रास्ते में तेल चोरी कराकर उसमें साल्वेंट आदि मिलाकर पेट्रोल पंप पर भेज दिया जाता है। वहीं, इस चोरी के तेल में मिलावट कर अलग से टैंकर तैयार कर उसे फर्जी पेट्रोल पंपों पर बेचा जाता है। जैसा कि पिछले दिनों भोला रोड कंकरखेड़ा पर फर्जी पेट्रोल पंप संचालित मिला था। ऐसे कई पेट्रोल पंप अभी भी मेरठ सहित अन्य जनपदों के देहात क्षेत्रों में हैं।
एडीएम सिटी इस पूरे मामले को देख रहे हैं। तेल के सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद जहां पूरी कार्रवाई तय होगी। वहीं, दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं। इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। - अनिल ढींगरा, जिलाधिकारी मेरठ
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