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विश्वास है धर्म का आधार : पूर्णमति माता
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असौड़ा हाउस से साकेत जैन मंदिर तक पूर्णमति माता जी का स्वागत करते जैन समाज के लोग। ...........
शांतिनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर असौड़ा हाउस में आर्यिका पूर्णमति माताजी का मंगल प्रवेश भक्तिमय माहौल में हुआ। जैन समाज ने नफीरी, बैंड, पुष्पवर्षा और जयघोषों के साथ उनका स्वागत किया।
मंगल प्रवेश के बाद आयोजित धर्म सभा में आर्यिका पूर्णमति माता ने श्रद्धा और विश्वास के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रद्धा आत्मा के पथ को आलौकिक करती है। उन्होंने कहा कि विश्वास धर्म का आधार है। इनके बिना धार्मिक आचरण फलदायी नहीं होता। माता ने यह भी बताया कि श्रद्धा और जिनवाणी पर अटूट विश्वास से ही जीवन में शांति, संयम और आत्मकल्याण संभव है। उनके प्रवचनों से श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
प्रचार संयोजक रचित जैन ने बताया कि माता की अगली यात्रा शांतिनाथ, अरहनाथ और कुंथनाथ भगवान की जन्मस्थली हस्तिनापुर की ओर होगी। दोपहर बाद वह साकेत जैन मंदिर में प्रवेश करेंगी। कार्यक्रम का समापन माता जी के आशीर्वचन से हुआ। मंदिर परिसर में अध्यक्ष विनोद जैन सहित काफी संख्या में लोग रहे।
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मंगल प्रवेश के बाद आयोजित धर्म सभा में आर्यिका पूर्णमति माता ने श्रद्धा और विश्वास के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रद्धा आत्मा के पथ को आलौकिक करती है। उन्होंने कहा कि विश्वास धर्म का आधार है। इनके बिना धार्मिक आचरण फलदायी नहीं होता। माता ने यह भी बताया कि श्रद्धा और जिनवाणी पर अटूट विश्वास से ही जीवन में शांति, संयम और आत्मकल्याण संभव है। उनके प्रवचनों से श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
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प्रचार संयोजक रचित जैन ने बताया कि माता की अगली यात्रा शांतिनाथ, अरहनाथ और कुंथनाथ भगवान की जन्मस्थली हस्तिनापुर की ओर होगी। दोपहर बाद वह साकेत जैन मंदिर में प्रवेश करेंगी। कार्यक्रम का समापन माता जी के आशीर्वचन से हुआ। मंदिर परिसर में अध्यक्ष विनोद जैन सहित काफी संख्या में लोग रहे।
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