{"_id":"5de42bf08ebc3e54de04af58","slug":"facility-drow-and-user-charge-full-meerut-news-mrt4565403180","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुविधाएं अधूरी, यूजर चार्ज लगा दिया पूरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुविधाएं अधूरी, यूजर चार्ज लगा दिया पूरा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुविधाएं अधूरी, यूजर चार्ज लगा दिया पूरा
मेरठ। नगर निगम ने शहर की 20 लाख आबादी पर यूजर चार्ज तो लगा दिया, लेकिन शहर को सुविधाएं आधी अधूरी ही दी जा रही हैं। न तो नगर निगम के पास समस्त वार्डों से कूड़ा उठाने के लिए पर्याप्त गाड़ियां हैं और न ही निगरानी का कोई सिस्टम। सफाई के प्रति भी नगर निगम प्रशासन गंभीर नहीं है। मोहल्लों से एक-एक सप्ताह में कूड़ा उठाया जाता है।
महानगर से डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए नगर निगम के पास 130 गाड़ियां हैं। इनमें से 10-12 गाड़ी आए दिन खराब रहती हैं। यानी कुल मिलाकर 115 से 120 गाड़ी ही प्रतिदिन शहर से डोर टू डोर कूड़ा लेने का काम करती हैं, जो शहर के 90 वार्डों के लिए पर्याप्त नहीं है। इस कारण कई-कई दिनों तक मोहल्लों से कूड़ा नहीं उठाया जाता। अगर प्रत्येक वार्ड को दो-दो गाड़ी दी जाएं तो महानगर में प्रतिदिन 180 गाड़ी उतारी जानी चाहिए। जिसके हिसाब से 60 से 80 गाड़ी कम हैं। 14वें वित्त आयोग खजाने से गाड़ी खरीद के पास प्रस्ताव के मुताबिक अगर 31 दिसंबर तक वाहन खरीद नहीं की गई तो धन वापस हो सकता है।
कूड़ा नहीं उठेगा तो क्यों लेंगे यूजर चार्ज
नगर निगम की कूड़ा गाड़ी और अन्य संसाधनों पर गौर करें तो इस स्थिति में शहर के हर भवन से प्रतिदिन कूड़ा उठाया जाना संभव नहीं है। क्योंकि अभी तक तो शहर के कई वार्ड ऐसे हैं जहां पर कूड़ा गाड़ी पहुंच ही नहीं रही है। कुछ वार्डों में कूड़ा गाड़ी पहुंचती तो है लेकिन औपचारिकता पूरी करके चली आती हैं। केवल स्वच्छता का संदेश देने के लिए साउंड सिस्टम बजाया जाता है। ऐसी स्थिति में जनता नगर निगम को यूजर चार्ज देगी। इस पर संदेह हैं।
विज्ञापन
स्वच्छ भारत मिशन की शर्तों को पूरा कर दिया
स्मार्ट सिटी और स्वच्छ भारत मिशन योजना में सरकार ने डोर टू डोर कूड़ा उठाया जाना सुनिश्चित किया हुआ है। योजना की इस शर्त को पूरा करने के लिए नगर निगम ने जनता पर यूजर चार्ज लगा दिया। लेकिन जनता को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर अभी तक भी गंभीरता नहीं दिखाई गई है।
14वें वित्त से गाड़ी खरीद का प्रस्ताव पास
14वें वित्त आयोग के खजाने से डोर टू डोर गाड़ी खरीद के लिए प्रस्ताव पास हुआ था। लेकिन अभी तक भी गाड़ी नहीं खरीदी गई हैं। अभी तक टेंडर प्रक्रिया भी शुरू नहीं की गई है। जिससे साफ है कि पूरे दिसंबर भी गाड़ी खरीद नहीं हो पाएगी। फिर भी संसाधन होने से पहले ही नगर निगम ने दो दिन पहले कार्यकारिणी की बैठक में डोर टू डोर कूड़ा उठाने की एवज में शहर की जनता पर यूजर चार्ज थोप दिया।
31 दिसंबर के बाद नहीं खरीद सकेंगे वाहन
हमने नगर आयुक्त को पत्र लिख दिया है। अगर 14वें वित्त में पास हुए प्रस्तावों के मुताबिक धन 31 दिसंबर 2019 तक खर्च नहीं किया गया तो धनराशि वापस हो जाएगी। फिर वाहन नहीं खरीदे जा सकेंगे। - संतोष शर्मा, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी, नगर निगम।
विज्ञापन
मेरठ। नगर निगम ने शहर की 20 लाख आबादी पर यूजर चार्ज तो लगा दिया, लेकिन शहर को सुविधाएं आधी अधूरी ही दी जा रही हैं। न तो नगर निगम के पास समस्त वार्डों से कूड़ा उठाने के लिए पर्याप्त गाड़ियां हैं और न ही निगरानी का कोई सिस्टम। सफाई के प्रति भी नगर निगम प्रशासन गंभीर नहीं है। मोहल्लों से एक-एक सप्ताह में कूड़ा उठाया जाता है।
महानगर से डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए नगर निगम के पास 130 गाड़ियां हैं। इनमें से 10-12 गाड़ी आए दिन खराब रहती हैं। यानी कुल मिलाकर 115 से 120 गाड़ी ही प्रतिदिन शहर से डोर टू डोर कूड़ा लेने का काम करती हैं, जो शहर के 90 वार्डों के लिए पर्याप्त नहीं है। इस कारण कई-कई दिनों तक मोहल्लों से कूड़ा नहीं उठाया जाता। अगर प्रत्येक वार्ड को दो-दो गाड़ी दी जाएं तो महानगर में प्रतिदिन 180 गाड़ी उतारी जानी चाहिए। जिसके हिसाब से 60 से 80 गाड़ी कम हैं। 14वें वित्त आयोग खजाने से गाड़ी खरीद के पास प्रस्ताव के मुताबिक अगर 31 दिसंबर तक वाहन खरीद नहीं की गई तो धन वापस हो सकता है।
विज्ञापन
कूड़ा नहीं उठेगा तो क्यों लेंगे यूजर चार्ज
नगर निगम की कूड़ा गाड़ी और अन्य संसाधनों पर गौर करें तो इस स्थिति में शहर के हर भवन से प्रतिदिन कूड़ा उठाया जाना संभव नहीं है। क्योंकि अभी तक तो शहर के कई वार्ड ऐसे हैं जहां पर कूड़ा गाड़ी पहुंच ही नहीं रही है। कुछ वार्डों में कूड़ा गाड़ी पहुंचती तो है लेकिन औपचारिकता पूरी करके चली आती हैं। केवल स्वच्छता का संदेश देने के लिए साउंड सिस्टम बजाया जाता है। ऐसी स्थिति में जनता नगर निगम को यूजर चार्ज देगी। इस पर संदेह हैं।
विज्ञापन
स्वच्छ भारत मिशन की शर्तों को पूरा कर दिया
स्मार्ट सिटी और स्वच्छ भारत मिशन योजना में सरकार ने डोर टू डोर कूड़ा उठाया जाना सुनिश्चित किया हुआ है। योजना की इस शर्त को पूरा करने के लिए नगर निगम ने जनता पर यूजर चार्ज लगा दिया। लेकिन जनता को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर अभी तक भी गंभीरता नहीं दिखाई गई है।
14वें वित्त से गाड़ी खरीद का प्रस्ताव पास
14वें वित्त आयोग के खजाने से डोर टू डोर गाड़ी खरीद के लिए प्रस्ताव पास हुआ था। लेकिन अभी तक भी गाड़ी नहीं खरीदी गई हैं। अभी तक टेंडर प्रक्रिया भी शुरू नहीं की गई है। जिससे साफ है कि पूरे दिसंबर भी गाड़ी खरीद नहीं हो पाएगी। फिर भी संसाधन होने से पहले ही नगर निगम ने दो दिन पहले कार्यकारिणी की बैठक में डोर टू डोर कूड़ा उठाने की एवज में शहर की जनता पर यूजर चार्ज थोप दिया।
31 दिसंबर के बाद नहीं खरीद सकेंगे वाहन
हमने नगर आयुक्त को पत्र लिख दिया है। अगर 14वें वित्त में पास हुए प्रस्तावों के मुताबिक धन 31 दिसंबर 2019 तक खर्च नहीं किया गया तो धनराशि वापस हो जाएगी। फिर वाहन नहीं खरीदे जा सकेंगे। - संतोष शर्मा, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी, नगर निगम।