{"_id":"69a9a8c8b7331a6e3009fc6e","slug":"explanation-sought-on-illegal-laying-of-telecom-wires-in-sewer-lineexplanation-sought-on-illegal-laying-of-telecom-wires-in-sewer-line-meerut-news-c-14-1-mrt1004-1124819-2026-03-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: सीवर लाइन में अवैध तरीके से टेलीकॉम के तार बिछाने पर मांगा स्पष्टीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: सीवर लाइन में अवैध तरीके से टेलीकॉम के तार बिछाने पर मांगा स्पष्टीकरण
विज्ञापन
सीवर लाइन में टेलीकॉम कंपनी के तारों का जाल दिखाते हुए महापौर हरिकांत अहलूवालिया (फाइल फोटो)
- फोटो : samvad
मेरठ। शास्त्रीनगर और मंगलपांडे नगर में अवैध तरीके से टेलीकॉम के तार बिछाने के मामले में महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने नगर निगम के अफसरों से स्पष्टीकरण मांगा है। एक टेलीकॉम कंपनी की ओर से यहां तार बिछाए गए थे।
महापौर ने बताया कि शहर में सीवर चोक होने की समस्या निगम और टेलीकॉम कंपनी के अफसरों की लापरवाही के कारण हुई। उन्होंने निरीक्षण के बाद निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कोई कदम नहीं उठाया गया।
बता दें कि 12 फरवरी को शास्त्रीनगर और मंगलपांडे नगर के लोगों ने सीवर ओवरफ्लो की शिकायत की थी। इस पर महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने महाप्रबंधक (जल) एवं अपर नगर आयुक्तों के साथ निरीक्षण किया। निरीक्षण में सीवर लाइन के अंदर अवैध तरीके से टेलीकॉम कंपनी के तारों की लाइन बिछी पाई गई थी। नगर निगम की कार्यदायी संस्था ने भी इसकी पुष्टि की। निरीक्षण के बाद महापौर ने जलकल विभाग को टेलीकॉम कंपनी के खिलाफ सरकारी संपत्ति पर अतिक्रमण और नुकसान पहुंचाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
अब समीक्षा में पाया गया कि अधिकारियों ने अब तक कोई कानूनी कार्रवाई या प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है। इस पर महापौर ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर नाराजगी जताई है। महापौर ने कहा कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर शासन को अवगत कराया जाए। महापौर ने निर्देश दिए कि टेलीकॉम कंपनी ने निगम की संपत्ति को जो भी नुकसान पहुंचाया है, उसका आकलन कराया जाए। संबंधित कंपनी से उस नुकसान की भरपाई भी की जाए।
विज्ञापन
महापौर ने बताया कि शहर में सीवर चोक होने की समस्या निगम और टेलीकॉम कंपनी के अफसरों की लापरवाही के कारण हुई। उन्होंने निरीक्षण के बाद निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कोई कदम नहीं उठाया गया।
विज्ञापन
बता दें कि 12 फरवरी को शास्त्रीनगर और मंगलपांडे नगर के लोगों ने सीवर ओवरफ्लो की शिकायत की थी। इस पर महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने महाप्रबंधक (जल) एवं अपर नगर आयुक्तों के साथ निरीक्षण किया। निरीक्षण में सीवर लाइन के अंदर अवैध तरीके से टेलीकॉम कंपनी के तारों की लाइन बिछी पाई गई थी। नगर निगम की कार्यदायी संस्था ने भी इसकी पुष्टि की। निरीक्षण के बाद महापौर ने जलकल विभाग को टेलीकॉम कंपनी के खिलाफ सरकारी संपत्ति पर अतिक्रमण और नुकसान पहुंचाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
अब समीक्षा में पाया गया कि अधिकारियों ने अब तक कोई कानूनी कार्रवाई या प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है। इस पर महापौर ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर नाराजगी जताई है। महापौर ने कहा कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर शासन को अवगत कराया जाए। महापौर ने निर्देश दिए कि टेलीकॉम कंपनी ने निगम की संपत्ति को जो भी नुकसान पहुंचाया है, उसका आकलन कराया जाए। संबंधित कंपनी से उस नुकसान की भरपाई भी की जाए।