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Exclusive: मेरठ के सीपीआरआई में बनेगा दस हजार क्विंटल का कोल्ड स्टोरेज, रैपिड के साथ हुए समझौते में है शामिल

Sat, 27 Feb 2021 11:57 AM IST
Dimple Sirohi मोहित कुमार, अमर उजाला, मेरठ
मोहित कुमार, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 27 Feb 2021 11:57 AM IST
सार

  • मोदीपुरम में सीपीआरएस के नाम से बनेगा रैपिड का स्टेशन 
  • केंद्रीय आलू अनुसंधान की दीवार तोड़कर रैपिड का काम शुरू

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Exclusive: cold storage of ten thousand quintal to be made in CPRI of Meerut with agreement with Rapid
केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम - फोटो : amar ujala

विस्तार

केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम में 10 हजार क्विंटल का कोल्ड स्टोरेज बनेगा। इसके निर्माण के लिए रैपिड और संस्थान के बीच समझौता हुआ है। वहीं शुक्रवार को संस्थान की दीवार तोड़कर रैपिड का काम शुरू किया गया। इसके लिए संस्थान में 10 हजार 800 वर्ग मीटर भूमि ली गई है। यहां बनने वाले स्टेशन का नाम सीपीआरएस मोदीपुरम रखा जाएगा।

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हाईवे स्थित केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) के सामने से ही रैपिड निकलेगी। दो जगह पर सीपीआरआई को अपनी जमीन देनी पड़ रही है। शुक्रवार को मुख्यालय के बाहर हाईवे से सटी दीवार तोड़कर पिलर बनाने का काम शुरू कर दिया गया। यहां बनने वाला स्टेशन मोदीपुरम की तरफ से शुरू होने वाला पहला स्टेशन होगा।  
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केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान शिमला के निदेशक डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि एमओयू में यह भी तय किया गया कि संस्थान में दस हजार क्विंटल की क्षमता का एक कोल्ड स्टोरेज भी बनाया जाएगा। अभी तक संस्थान के पास कोल्ड स्टोरेज नहीं था, जिस कारण से यहां पर आलू को रख रखाव में भी परेशानी होती थी।
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इसके बनने से वहां पर भी उसका भंडारण किया जाएगा। जिस पर करीब 5 करोड़ रुपये के आसपास खर्च किया जाएगा। इसके अलावा पोटेटो शैड, नेट हाउस आदि भी बनाया जाएगा। एक से डेढ़ साल में इसे तैयार करना होगा।

सीपीआरएस से होगी स्टेशन की पहचान 
केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम के संयुक्त निदेशक व शिमला के निदेशक डॉ. मनोज कुमार का कहना है कि स्टेशन के लिए पहले सीपीआरआई का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन बाद में सीपीआरएस पर समझौता हो गया।

वायरल वीडियो को एनसीआरटीसी ने नकारा 
सोशल मीडिया पर शुक्रवार शाम एक निर्माणाधीन पिलर गिरने का वीडियो वायरल हुआ। इसे मोदीनगर में चल रहे रैपिड रेल निर्माण से जोड़कर कहा जाने लगा। वहीं अभी तक मोदीनगर में गर्डर लॉचिंग नहीं हुई है। इस पर संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम के अधिकारियों ने इसे नकार दिया।
 
जनसंपर्क अधिकारी की ओर से कहा गया कि इस वीडियो का रैपिड रेल कॉरिडोर से कोई लेना-देना नहीं है। इस तरह के नकली वीडियो पर विश्वास न करें और स्पष्टता के लिए एनसीआरटीसी अधिकारियों के संपर्क में रहें। 

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