फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Exclusive:18 thousand bottles more liquor were consumed in the election week in Baghpat

अमर उजाला विशेष: चुनावी सप्ताह में बागपत में गटक गए 18 हजार बोतल ज्यादा शराब,1-8 जनवरी तक बिकी 40 हजार लीटर

Tue, 15 Feb 2022 11:25 AM IST
Dimple Sirohi अंकित चौहान, अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
अंकित चौहान, अमर उजाला नेटवर्क, बागपत Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 15 Feb 2022 11:25 AM IST
सार

चुनावी सप्ताह में यूपी के बागपत में लोग 18 हजार बोतल ज्यादा शराब पी गए। आबकारी विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार फरवरी में 55 हजार लीटर  देशी शराब बिक गई, वहीं 1-8 जनवरी तक 83 हजार 225 लीटर बिकी, तो फरवरी में 86 हजार 810 लीटर बिकी। चुनाव के कारण एक ही सप्ताह में करीब 40 प्रतिशत शराब ज्यादा बिकी, शराब भी खुदरा में बेची गई। 

विज्ञापन
Exclusive:18 thousand bottles more liquor were consumed in the election week in Baghpat
शराब की दुकान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चुनाव के दौरान बागपत के लोगों ने खूब शराब गटकी है। यही कारण है कि चुनाव से पहले एक सप्ताह में लोग 18 हजार बोतल ज्यादा शराब गटक गए। इस तरह चुनाव के कारण एक ही सप्ताह में शराब की करीब 40 प्रतिशत बिक्री बढ़ी है। यह शराब खुदरा में बेची गई है। इसलिए अधिकारी यह भी नहीं कह सकते हैं कि वोट बटोरने के लिए इसका इस्तेमाल हुआ है। 

विज्ञापन


आबकारी विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार जहां 1-8 जनवरी तक देशी शराब की 83 हजार 225 लीटर बिक्री हुई थी। वहीं, इस दौरान 1-8 फरवरी के बीच 86 हजार 810 लीटर शराब बिकी है। इस तरह ही 1-8 जनवरी के बीच अंग्रेजी शराब की 40 हजार लीटर बिक्री हुई थी। फरवरी में इस बीच 55 हजार लीटर शराब की बिक्री हुई है। इस तरह 18 हजार लीटर से ज्यादा शराब की बिक्री फरवरी में मतदान से पहले हुई है। इसलिए यह माना जा रहा है कि चुनाव के कारण बिक्री बढ़ी है। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: जज्बा: मतदान के लिए वन गुजर्रों ने तय की 30 किमी की दूरी, महिलाओं ने भी उत्साह से डाले वोट
विज्ञापन
विज्ञापन


बोतल ही नहीं, पव्वा व आधा भी खूब बिके  
अचानक शराब की बिक्री में बढ़ोतरी होने पर रिकॉर्ड की जांच की गई। दुकानों से केवल बोतल ही नहीं बिकी हैं। पव्वा व आधा भी बिके हैं। बताया जा रहा है कि हरियाणा की शराब पकड़े जाने के बाद ठेकों से बातचीत करके शराब की जगह पर्चियां दी जाती थीं। उस पर्ची के बदले ठेके से शराब मिल जाती थी। उन पर्चियों के बदले ठेका संचालक को प्रतिदिन रुपये मिल जाते थे। ऐसे में चुनाव के दौरान आरोप भी नहीं लगा सकते हैं। 

जनवरी के मुकाबले फरवरी में 1-8 तारीख तक अंग्रेजी व देशी दोनों शराब की बिक्री में बढ़ोतरी हुई है। उस दौरान चुनाव को देखते हुए शराब की पेटी देने पर रोक थी। इसलिए ठेकों से बोतल, आधा व पव्वा ही बिके हैं। यह जरूर है कि कार्यकर्ताओं के शराब पीने के कारण बढ़ोतरी हुई है। -अखिलेश कुमार सिंह, जिला आबकारी अधिकारी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed