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24 से परीक्षा संभव नहीं, तीन दिन बाद स्पष्ट होगी स्थिति
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मेरठ। सीसीएसयू कैंपस और कॉलेजों में यूजी-पीजी फाइनल ईयर की परीक्षाएं 24 अगस्त से तय की गई हैं, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए अभी परीक्षाएं कराना संभव नहीं है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा तीन दिन बाद निर्णय सुनाने और प्रदेश सरकार द्वारा कोई जवाब अभी तक नहीं दिए जाने के बाद इनका टलना तय हो गया है। विवि प्रशासन भी कह रहा है कि ऐसी स्थिति में 24 से परीक्षाएं आयोजित नहीं हो सकती हैं। ऐसे में सुप्रीमकोर्ट का निर्णय आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
सीसीएसयू में वार्षिक प्रणाली में बीए-बीएससी-बीकॉम रेग्युलर और बीए-बीकॉम एवं एमए-एमकॉम प्राइवेट विषयों की परीक्षाएं 22 फरवरी से शुरू हुईं थी। 30 फीसदी परीक्षाएं होने के बाद लॉकडाउन लगने पर 18 मार्च से आगे की सारी परीक्षाएं स्थगित हो गईं थी। इनमें फाइनल ईयर को छोड़कर बाकी सभी को बिना परीक्षा के प्रोन्नत किया जा रहा है। अब तक चार बार परीक्षा कार्यक्रम बना जा चुका है। फिलहाल विवि ने 24 अगस्त से बीए-बीएससी-बीकॉम रेग्युलर-प्राइवेट और एमए-एमकॉम प्राइवेट की फाइनल ईयर परीक्षाएं एवं 29 अगस्त से सेमेस्टर कोर्सों में एमए-एमएससी-एमकॉम रेग्युलर, एलएलबी, एलएलएम, बीए-एलएलबी, बीबीए, बीसीए, एमबीए-एमसीए समेत अन्य कोर्सों की फाइनल ईयर की परीक्षाएं कराने की घोषणा की थी। बीएड की परीक्षाओं की तिथि 31 अगस्त से रखी गई थी। लेकिन इसमें विवि प्रशासन परीक्षा कार्यक्रम घोषित नहीं कर पा रहा था। सभी जिलों में शनिवार और रविवार का लॉकडाउन एवं सहारनपुर में सोमवार का भी लॉकडाउन होने के कारण विवि प्रशासन ने प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर इस बारे में जानकारी मांगी। ये भी पूछा गया कि जब 31 अगस्त तक कॉलेजों को बंद रखने के निर्देश हैं तो क्या परीक्षा करा सकते हैं। इस पत्र का जवाब आने पर ही विवि को परीक्षा कार्यक्रम घोषित करना है। वहीं, मंगलवार को सुप्रीमकोर्ट ने परीक्षा कराने या नहीं कराने के मामले में अपना निर्णय सुरक्षित रखते हुए तीन दिन में राज्य सरकारों से भी जवाब मांगा हैै। ऐसे में सुप्रीमकोर्ट का निर्णय आने के बाद ही विवि अपना पक्ष जारी करेगा।
बाहर से भी आने हैं छात्र-छात्राएं
मेरठ में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं बाहर के पढ़ते हैं। ऐसे में परीक्षा कार्यक्रम पहले से जारी करना विवि की मजबूरी है। दूसरा उन छात्रों को यहां पर आकर हॉस्टल या कमरों में रहने की व्यवस्था करनी होगी। परीक्षा एक दिन की तो है नहीं, इसमें समय लगेगा। ऐसे में ये भी कारण है कि परीक्षा की तिथि टलनी तय है।
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सीसीएसयू में वार्षिक प्रणाली में बीए-बीएससी-बीकॉम रेग्युलर और बीए-बीकॉम एवं एमए-एमकॉम प्राइवेट विषयों की परीक्षाएं 22 फरवरी से शुरू हुईं थी। 30 फीसदी परीक्षाएं होने के बाद लॉकडाउन लगने पर 18 मार्च से आगे की सारी परीक्षाएं स्थगित हो गईं थी। इनमें फाइनल ईयर को छोड़कर बाकी सभी को बिना परीक्षा के प्रोन्नत किया जा रहा है। अब तक चार बार परीक्षा कार्यक्रम बना जा चुका है। फिलहाल विवि ने 24 अगस्त से बीए-बीएससी-बीकॉम रेग्युलर-प्राइवेट और एमए-एमकॉम प्राइवेट की फाइनल ईयर परीक्षाएं एवं 29 अगस्त से सेमेस्टर कोर्सों में एमए-एमएससी-एमकॉम रेग्युलर, एलएलबी, एलएलएम, बीए-एलएलबी, बीबीए, बीसीए, एमबीए-एमसीए समेत अन्य कोर्सों की फाइनल ईयर की परीक्षाएं कराने की घोषणा की थी। बीएड की परीक्षाओं की तिथि 31 अगस्त से रखी गई थी। लेकिन इसमें विवि प्रशासन परीक्षा कार्यक्रम घोषित नहीं कर पा रहा था। सभी जिलों में शनिवार और रविवार का लॉकडाउन एवं सहारनपुर में सोमवार का भी लॉकडाउन होने के कारण विवि प्रशासन ने प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर इस बारे में जानकारी मांगी। ये भी पूछा गया कि जब 31 अगस्त तक कॉलेजों को बंद रखने के निर्देश हैं तो क्या परीक्षा करा सकते हैं। इस पत्र का जवाब आने पर ही विवि को परीक्षा कार्यक्रम घोषित करना है। वहीं, मंगलवार को सुप्रीमकोर्ट ने परीक्षा कराने या नहीं कराने के मामले में अपना निर्णय सुरक्षित रखते हुए तीन दिन में राज्य सरकारों से भी जवाब मांगा हैै। ऐसे में सुप्रीमकोर्ट का निर्णय आने के बाद ही विवि अपना पक्ष जारी करेगा।
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बाहर से भी आने हैं छात्र-छात्राएं
मेरठ में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं बाहर के पढ़ते हैं। ऐसे में परीक्षा कार्यक्रम पहले से जारी करना विवि की मजबूरी है। दूसरा उन छात्रों को यहां पर आकर हॉस्टल या कमरों में रहने की व्यवस्था करनी होगी। परीक्षा एक दिन की तो है नहीं, इसमें समय लगेगा। ऐसे में ये भी कारण है कि परीक्षा की तिथि टलनी तय है।
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