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संध्या स्वाध्याय आत्मोन्नति का साधन : राजेश सेठी
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- थापर नगर आर्य समाज में हुआ सत्संग
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। आर्य समाज थापरनगर में रविवारीय सत्संग हुआ। प्रधान राजेश सेठी ने संध्या, स्वाध्याय और सत्संग की महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि मानव शरीर आत्मकल्याण के लिए मिला है। संध्या परमात्मा के प्रति कृतज्ञता का साधन है। स्वाध्याय परम तप है। उन्होंने कहा कि सत्संग जीवन को दिशा देता है। कार्यक्रम में प्रीति सेठी, चांद ग्रोवर, ऋचा सेठी, सुमन आनंद, धर्मवीर ने भजन प्रस्तुत किए। आचार्य सत्यप्रकाश शास्त्री के ब्रह्मत्व में देवयज्ञ हुआ। यजमान सुनीता, मुकेश, राकेश ओबरॉय रहे। मनीष शर्मा ने संचालन किया।
गुरु तेगबहादुर, भाई मतिदास के बलिदान को याद किया
- आर्य समाज मंदिर बुढ़ाना द्वार की ओर से रविवार को राष्ट्र रक्षा यज्ञ शृंखला के तहत 74वां यज्ञ संपन्न हुआ। यजमान अमित कांत रहे। मुख्य वक्ता सरदार कंवलजीत सिंह ने भाई मतिदास, सतीदास व दयाला के बलिदान और गुरु तेगबहादुर के शीश देने की गाथा सुनाई। जिला प्रधान सुशील बसल ने वीरों को सम्मान देने पर जोर दिया। संचालन संजय गुप्ता ने किया। इस अवसर पर सोमप्रकाश रस्तोगी, विजय आर्य, गोपाल रस्तोगी आदि रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। आर्य समाज थापरनगर में रविवारीय सत्संग हुआ। प्रधान राजेश सेठी ने संध्या, स्वाध्याय और सत्संग की महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि मानव शरीर आत्मकल्याण के लिए मिला है। संध्या परमात्मा के प्रति कृतज्ञता का साधन है। स्वाध्याय परम तप है। उन्होंने कहा कि सत्संग जीवन को दिशा देता है। कार्यक्रम में प्रीति सेठी, चांद ग्रोवर, ऋचा सेठी, सुमन आनंद, धर्मवीर ने भजन प्रस्तुत किए। आचार्य सत्यप्रकाश शास्त्री के ब्रह्मत्व में देवयज्ञ हुआ। यजमान सुनीता, मुकेश, राकेश ओबरॉय रहे। मनीष शर्मा ने संचालन किया।
गुरु तेगबहादुर, भाई मतिदास के बलिदान को याद किया
- आर्य समाज मंदिर बुढ़ाना द्वार की ओर से रविवार को राष्ट्र रक्षा यज्ञ शृंखला के तहत 74वां यज्ञ संपन्न हुआ। यजमान अमित कांत रहे। मुख्य वक्ता सरदार कंवलजीत सिंह ने भाई मतिदास, सतीदास व दयाला के बलिदान और गुरु तेगबहादुर के शीश देने की गाथा सुनाई। जिला प्रधान सुशील बसल ने वीरों को सम्मान देने पर जोर दिया। संचालन संजय गुप्ता ने किया। इस अवसर पर सोमप्रकाश रस्तोगी, विजय आर्य, गोपाल रस्तोगी आदि रहे।
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