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बाइक बोट घोटाले में ईओडब्ल्यू ने 45 बाइकें बरामद की
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बाइक बोट घोटाले में ईओडब्ल्यू ने 45 बाइकें बरामद की
मेरठ। बाइक बोट घोटाले में उत्तर प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध एवं अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) ने बृहस्पतिवार को मेरठ में अलग-अलग स्थानों पर छापे मारकर 45 बाइक बरामद की हैं। इससे पहले सोमवार को भी ईओडब्ल्यू की टीम ने अलग-अलग जिलों में छापे मारते हुए 178 बाइक बरामद की थी।
ईओडब्ल्यू मेरठ सेक्टर के एएसपी डॉ. रामसुरेश यादव ने बताया कि बाइक बोट घोटाले में 14 लोगों की गिरफ्तारी ईओडब्ल्यू को जांच स्थानांतरित होने से पहले हो चुकी है। इसमें मुख्य संचालक संजय भाटी भी शामिल है। कंपनी द्वारा किए गए घोटाले के मुकदमे सबसे पहले नोएडा में दर्ज हुए। इन मुकदमों की पूर्व में जांच नोएडा पुलिस द्वारा की गई। जिसके बाद शासन ने 14 फरवरी को नोएडा में दर्ज 57 मुकदमों की विवेचना ईओडब्ल्यू मेरठ सेक्टर को सौंप दी। ईओडब्ल्यू मेरठ की टीम ने बाइक बोट संचालन कर्ता करुणेश शर्मा निवासी अछरोंडा थाना परतापुर के कब्जे से 21 बाइक बरामद की हैं। इन बाइकों को पल्लवपुरम क्षेत्र में ए4 इंद्रप्रस्थ कॉलोनी से बरामद किया है। सनी पुत्र सत्येंद्र चौधरी निवासी नंगलाताशी थाना कंकरखेड़ा के घर से 24 बाइक बरामद की गई हैं। बरामद सभी बाइक गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स से संबंधित हैं। अधिकांश बाइकें नई हैं जो बजाज कंपनी द्वारा निर्मित हैं, जिन्हें छिपाकर रखा गया था। बाइक बोट में निवेश के नाम पर गर्वित प्रमोटर्स ने प्रति बाइक 62,200 रुपये लोगों से निवेश कराए थे। और इसके बदले 12 महीने तक 9765 रुपये देने का वादा किया जाता था। जब बड़ी संख्या में लोगों ने निवेश कर दिया तो कंपनी फरार हो गई। यूपी के विभिन्न जिलों में कंपनी के खिलाफ 57 लोगों ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है।
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मेरठ। बाइक बोट घोटाले में उत्तर प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध एवं अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) ने बृहस्पतिवार को मेरठ में अलग-अलग स्थानों पर छापे मारकर 45 बाइक बरामद की हैं। इससे पहले सोमवार को भी ईओडब्ल्यू की टीम ने अलग-अलग जिलों में छापे मारते हुए 178 बाइक बरामद की थी।
ईओडब्ल्यू मेरठ सेक्टर के एएसपी डॉ. रामसुरेश यादव ने बताया कि बाइक बोट घोटाले में 14 लोगों की गिरफ्तारी ईओडब्ल्यू को जांच स्थानांतरित होने से पहले हो चुकी है। इसमें मुख्य संचालक संजय भाटी भी शामिल है। कंपनी द्वारा किए गए घोटाले के मुकदमे सबसे पहले नोएडा में दर्ज हुए। इन मुकदमों की पूर्व में जांच नोएडा पुलिस द्वारा की गई। जिसके बाद शासन ने 14 फरवरी को नोएडा में दर्ज 57 मुकदमों की विवेचना ईओडब्ल्यू मेरठ सेक्टर को सौंप दी। ईओडब्ल्यू मेरठ की टीम ने बाइक बोट संचालन कर्ता करुणेश शर्मा निवासी अछरोंडा थाना परतापुर के कब्जे से 21 बाइक बरामद की हैं। इन बाइकों को पल्लवपुरम क्षेत्र में ए4 इंद्रप्रस्थ कॉलोनी से बरामद किया है। सनी पुत्र सत्येंद्र चौधरी निवासी नंगलाताशी थाना कंकरखेड़ा के घर से 24 बाइक बरामद की गई हैं। बरामद सभी बाइक गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स से संबंधित हैं। अधिकांश बाइकें नई हैं जो बजाज कंपनी द्वारा निर्मित हैं, जिन्हें छिपाकर रखा गया था। बाइक बोट में निवेश के नाम पर गर्वित प्रमोटर्स ने प्रति बाइक 62,200 रुपये लोगों से निवेश कराए थे। और इसके बदले 12 महीने तक 9765 रुपये देने का वादा किया जाता था। जब बड़ी संख्या में लोगों ने निवेश कर दिया तो कंपनी फरार हो गई। यूपी के विभिन्न जिलों में कंपनी के खिलाफ 57 लोगों ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है।
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