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Meerut News: फ्रेट कॉरिडोर के ट्रायल में मिली खामियां दूर कर रहे इंजीनियर
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मेरठ। ईस्टर्न डेडिकेट फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) पर भले ही शुक्रवार को ट्रायल हो गया मगर दो-तीन दिन तक इस पर मालगाड़ियां नहीं चलेंगी। वजह, ट्रायल में मिली खामियां को दूर करना है। खामियां दूर होने के बाद डबल इंजन लगाकर मालगाड़ी का ट्रायल होगा, तब रुटीन में मालगाड़ियां चलेंगी।
पश्चिम बंगाल से दनकुनी से पंजाब के साहनेवाल तक ईस्टर्न डेडिकेट फ्रेट कॉरिडोर बनाने का काम किया जा रहा है। खुर्जा से साहनेवाल तक सिंगल ट्रैक बिछाने का काम जारी है। फिलहाल खुर्जा से खतौली तक लाइन बिछाई जा चुकी है। खतौली में ईडीएफसी ट्रैक को भारतीय रेल की मुख्य लाइन में जोड़ दिया गया है ताकि मालगाड़ियों का सुचारू संचालन हो।
शुक्रवार को खुर्जा से खतौली तक बिछाए गए ट्रैक पर ट्रायल किया गया था, जिस दौरान टीम को कई खामियां मिली। ट्रायल में मिली खामियों को दूर कराया जा रहा है। दो-तीन दिन में खामियां दूर होने के बाद इलेक्टि्क व डीजल का इंजन लगाकर मालगाड़ी को चलाया जाएगा। जब खुर्जा से खतौली तक ट्रेन रफ्तार से पहुंच जाएगी तब अधिकारिक रूप से मालगाड़ियां चलाने की अनुमति मिलेगी। असिस्टेंट प्रोजेक्ट मैनेजर अरुण कुमार वर्मा का कहना है कि दो-तीन दिन में खामियां दूर की जाएगी। इसके बाद इलेक्टि्क व डीजल इंजन लगाकर मालगाड़ी चलेगी। सब कुछ सही होने पर मालगाड़ियों का संचालन किया जाएगा।
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पश्चिम बंगाल से दनकुनी से पंजाब के साहनेवाल तक ईस्टर्न डेडिकेट फ्रेट कॉरिडोर बनाने का काम किया जा रहा है। खुर्जा से साहनेवाल तक सिंगल ट्रैक बिछाने का काम जारी है। फिलहाल खुर्जा से खतौली तक लाइन बिछाई जा चुकी है। खतौली में ईडीएफसी ट्रैक को भारतीय रेल की मुख्य लाइन में जोड़ दिया गया है ताकि मालगाड़ियों का सुचारू संचालन हो।
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शुक्रवार को खुर्जा से खतौली तक बिछाए गए ट्रैक पर ट्रायल किया गया था, जिस दौरान टीम को कई खामियां मिली। ट्रायल में मिली खामियों को दूर कराया जा रहा है। दो-तीन दिन में खामियां दूर होने के बाद इलेक्टि्क व डीजल का इंजन लगाकर मालगाड़ी को चलाया जाएगा। जब खुर्जा से खतौली तक ट्रेन रफ्तार से पहुंच जाएगी तब अधिकारिक रूप से मालगाड़ियां चलाने की अनुमति मिलेगी। असिस्टेंट प्रोजेक्ट मैनेजर अरुण कुमार वर्मा का कहना है कि दो-तीन दिन में खामियां दूर की जाएगी। इसके बाद इलेक्टि्क व डीजल इंजन लगाकर मालगाड़ी चलेगी। सब कुछ सही होने पर मालगाड़ियों का संचालन किया जाएगा।
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