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यूपी: सलाखों में कैद इंजीनियरिंग की पढ़ाई, अफसर बेफिक्र, छात्र-छात्राओं के सामने ये बड़ी मुश्किल
Sat, 30 Jan 2021 12:45 PM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jan 2021 12:45 PM IST
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मेरठ में सर छोटू राम कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के मेरठ में अस्थाई जेल के कारण सर छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज में कक्षाएं नहीं चल पा रही हैं। इससे छात्र परेशान हैं। शासन से भौतिक कक्षाओं के निर्देश आ चुके हैं, लेकिन बीटेक के छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन पढ़ाई करनी पड़ी रही है। छात्रों ने राजभवन को ई-मेल कर अस्थाई जेल हटवाने की मांग की है।
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कॉलेज में बीटेक में दो हजार के करीब छात्र-छात्राएं हैं। एमबीए एचए पाठ्यक्रम भी यहीं पर चलता है। एक महीने पहले शासन ने सभी कॉलेजों को भौतिक कक्षाएं चलाने के निर्देश दिए थे। खासतौर से इंजीनियरिंग और साइंस की कक्षाओं पर ज्यादा जोर दिया गया था। गुरुवार को छात्रों ने विवि के अधिकारियों से मिलकर कक्षाएं चलाने की मांग की थी।
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वहीं शुक्रवार को छात्रों की तरफ से राजभवन को ई-मेल आईडी के माध्यम से शिकायत की गई है। लगता है कि प्रशासनिक अधिकारियों को इस बात की कोई फिक्र नहीं है कि छात्र-छात्राएं कहां पढ़ाई करेंगे। विवि के अधिकारियों का कहना है कि जिला प्रशासन के अधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अगली परीक्षा के लिए फार्म भरवाने शुरू हो गए हैं, ऐसे में अगर जेल नहीं हटाई गई छात्र-छात्राओं का कोर्स भी पूरा नहीं हो पाएगा। विवि प्रशासन रिमाइंडर जारी कर रहा है।
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शासन के आदेश का इंतजार
कोरोना के मामले भले ही कम हो चुके हैं, लेकिन अभी भी उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसीलिए गाइडलाइन का पालन हो रहा है। शासन से आदेश मिलते ही अस्थाई जेल की व्यवस्था समाप्त कर दी जाएगी। - डॉ. बीडी पांडेय, वरिष्ठ जेल अधीक्षक, जिला कारागार
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