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इंजीनियरिंग और एमबीए पास, धंधा लूटपाट
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Fri, 28 Oct 2016 02:31 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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इंजीनियर और एमबीए पास निकले लुटेरे एसपी सिटी ने बृहस्पतिवार को इस केस का खुलासा करते हुए बताया कि जेई समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जिनमें एक आरोपी एमबीए पास है जो आर्मी के सूबेदार का पुत्र है।
एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी ने प्रेसवार्ता में बताया कि बुधवार दोपहर बाइक सवार तीन बदमाशों ने अंसल टाउनशिप मोदीपुरम के सिविल ठेकेदार सेंसर पाल से लालकुर्ती में बाउंड्री रोड स्थित क्रिस्टल पैलेस के पास सात लाख रुपये लूटे थे। सेंसर पाल एक्सिस बैंक से कैश लेकर कार में बैठने जा रहे थे तो यह वारदात हुई थी। सूचना पर पुलिस ने काली पल्सर सवार तीन बदमाशों अफजाल पुत्र फैमीद, अमित कुमार पुत्र धन सिंह दोनों निवासी गांव सरसवा थाना दौराला और गौरव पुत्र चंद्रकिरन न्यू गोविंदपुरी थाना कंक रखेड़ा को दबोचते हुए सात लाख कैश बरामद कर लिया था। जबकि बृहस्पतिवार को पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के बाद कंट्रक्शन कंपनी के जेई जैनेंद्र पुत्र सुखवीर सिंह नटेशपुरम थाना कंकरखेड़ा को भी गिरफ्तार कर लिया।
जेई ने लिखी पटकथा
एसपी सिटी के अनुसार सिविल में डिप्लोमा होल्डर जैनेंद्र ने लूट की पटकथा लिखी थी। उसकी मुखबिरी पर ही बदमाश चार दिनों से सेंसर पाल की रैकी कर रहे थे। हालांकि जैनेंद्र लूटपाट के दौरान मौजूद नहीं था। लेकिन उसके बाद भी लूट की रकम में उसका एक चौथाई हिस्सा था। वहीं, आर्मी सूबेदार का बेटा गौरव दिल्ली से एमबीए कर चुका है, जो अफजाल और अमित के साथ लूट के लिए अपने पिता की बाइक लेकर पहुंच गया। तमंचा अफजाल का था।
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प्रेमिका को देना था गिफ्ट
एसओ लालकुर्ती मिथलेश उपाध्याय के अनुसार गौरव को अपनी प्रेमिका को दिवाली पर गिफ्ट देना था। इसलिए वह लूट में शामिल हुआ था। लूट के बाद पुलिस न पकड़े, इसलिए गौरव और जैनेंद्र ने आईकार्ड भी जेब में रखे हुए थे। लूट के बाद वह एक स्थान पर बाइक छोड़कर पैदल ही चले गए थे।
अफजाल गैंग लीडर
एसपी सिटी ने बताया कि यह घटना अफजाल गैंग ने की थी। अफजाल ही गैंग लीडर है जो एक माह पहले ही जेल से छूटा था। जिस पर दिल्ली और मेरठ में आधा दर्जन से ज्यादा केस दर्ज हैं। वारदात के दौरान इन्होंने बाइक की नंबर प्लेट के दो अक्षर मिटा रखे थे। ताकि पुलिस चेकिंग में न पकड़ सके। लेकिन वारदात के बाद तीनों बदमाश बैंक के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे। जिनमें से एक बदमाश को क्राइम ब्रांच के सिपाही ने पहचान लिया था। अफजाल ने बताया कि यदि वह नहीं पकड़े जाते तो दिवाली पर लूट की कई बड़ी घटनाओं को अंजाम देना था।
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एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी ने प्रेसवार्ता में बताया कि बुधवार दोपहर बाइक सवार तीन बदमाशों ने अंसल टाउनशिप मोदीपुरम के सिविल ठेकेदार सेंसर पाल से लालकुर्ती में बाउंड्री रोड स्थित क्रिस्टल पैलेस के पास सात लाख रुपये लूटे थे। सेंसर पाल एक्सिस बैंक से कैश लेकर कार में बैठने जा रहे थे तो यह वारदात हुई थी। सूचना पर पुलिस ने काली पल्सर सवार तीन बदमाशों अफजाल पुत्र फैमीद, अमित कुमार पुत्र धन सिंह दोनों निवासी गांव सरसवा थाना दौराला और गौरव पुत्र चंद्रकिरन न्यू गोविंदपुरी थाना कंक रखेड़ा को दबोचते हुए सात लाख कैश बरामद कर लिया था। जबकि बृहस्पतिवार को पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के बाद कंट्रक्शन कंपनी के जेई जैनेंद्र पुत्र सुखवीर सिंह नटेशपुरम थाना कंकरखेड़ा को भी गिरफ्तार कर लिया।
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जेई ने लिखी पटकथा
एसपी सिटी के अनुसार सिविल में डिप्लोमा होल्डर जैनेंद्र ने लूट की पटकथा लिखी थी। उसकी मुखबिरी पर ही बदमाश चार दिनों से सेंसर पाल की रैकी कर रहे थे। हालांकि जैनेंद्र लूटपाट के दौरान मौजूद नहीं था। लेकिन उसके बाद भी लूट की रकम में उसका एक चौथाई हिस्सा था। वहीं, आर्मी सूबेदार का बेटा गौरव दिल्ली से एमबीए कर चुका है, जो अफजाल और अमित के साथ लूट के लिए अपने पिता की बाइक लेकर पहुंच गया। तमंचा अफजाल का था।
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प्रेमिका को देना था गिफ्ट
एसओ लालकुर्ती मिथलेश उपाध्याय के अनुसार गौरव को अपनी प्रेमिका को दिवाली पर गिफ्ट देना था। इसलिए वह लूट में शामिल हुआ था। लूट के बाद पुलिस न पकड़े, इसलिए गौरव और जैनेंद्र ने आईकार्ड भी जेब में रखे हुए थे। लूट के बाद वह एक स्थान पर बाइक छोड़कर पैदल ही चले गए थे।
अफजाल गैंग लीडर
एसपी सिटी ने बताया कि यह घटना अफजाल गैंग ने की थी। अफजाल ही गैंग लीडर है जो एक माह पहले ही जेल से छूटा था। जिस पर दिल्ली और मेरठ में आधा दर्जन से ज्यादा केस दर्ज हैं। वारदात के दौरान इन्होंने बाइक की नंबर प्लेट के दो अक्षर मिटा रखे थे। ताकि पुलिस चेकिंग में न पकड़ सके। लेकिन वारदात के बाद तीनों बदमाश बैंक के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे। जिनमें से एक बदमाश को क्राइम ब्रांच के सिपाही ने पहचान लिया था। अफजाल ने बताया कि यदि वह नहीं पकड़े जाते तो दिवाली पर लूट की कई बड़ी घटनाओं को अंजाम देना था।