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Meerut News: गोवंश संरक्षण के साथ आय बढ़ाने पर जोर
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सरधना। गांव कपसाड़ में स्थित अस्थाई गौ आश्रय स्थल का निरीक्षण करते मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। पशुपालन और गोवंश संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत गांव कपसाढ़ स्थित गोशाला में समीक्षा की गई। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते अब तक क्षेत्र के 108 लाभार्थियों को 324 गोवंश सुपुर्द किए जा चुके हैं। इससे पशुपालकों को आर्थिक संबल मिल रहा है।
योजना के संचालन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया अपनाई गई है। इसके तहत प्रत्येक माह लाभार्थियों के पास उपलब्ध गोवंश का भौतिक सत्यापन किया जाता है। सत्यापन के बाद ही संबंधित फंड की मांग की जाती है, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम हो जाती है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. पवित्रजीत सिंह ने बताया कि लाभार्थियों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। इससे भुगतान प्रक्रिया तेज, सुरक्षित और पारदर्शी बनी हुई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य निराश्रित गोवंश को संरक्षण प्रदान करना, पशुपालकों की आय में वृद्धि करना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है। स्थानीय स्तर पर योजना के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
वहीं, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. पवित्रजीत सिंह ने सरधना देहात स्थित मंडी समिति के अस्थायी गो आश्रय स्थल का भी निरीक्षण किया। इस दौरान गोशाला की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। गोशाला में वर्तमान में 392 गोवंश संरक्षित हैं। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत अब तक 57 गोवंश पशुपालकों को सुपुर्द किए जा चुके हैं।
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सरधना। पशुपालन और गोवंश संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत गांव कपसाढ़ स्थित गोशाला में समीक्षा की गई। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते अब तक क्षेत्र के 108 लाभार्थियों को 324 गोवंश सुपुर्द किए जा चुके हैं। इससे पशुपालकों को आर्थिक संबल मिल रहा है।
योजना के संचालन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया अपनाई गई है। इसके तहत प्रत्येक माह लाभार्थियों के पास उपलब्ध गोवंश का भौतिक सत्यापन किया जाता है। सत्यापन के बाद ही संबंधित फंड की मांग की जाती है, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम हो जाती है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. पवित्रजीत सिंह ने बताया कि लाभार्थियों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। इससे भुगतान प्रक्रिया तेज, सुरक्षित और पारदर्शी बनी हुई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य निराश्रित गोवंश को संरक्षण प्रदान करना, पशुपालकों की आय में वृद्धि करना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है। स्थानीय स्तर पर योजना के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
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वहीं, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. पवित्रजीत सिंह ने सरधना देहात स्थित मंडी समिति के अस्थायी गो आश्रय स्थल का भी निरीक्षण किया। इस दौरान गोशाला की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। गोशाला में वर्तमान में 392 गोवंश संरक्षित हैं। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत अब तक 57 गोवंश पशुपालकों को सुपुर्द किए जा चुके हैं।
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