फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Elephant and Guldar are blocking the way, became panic

रास्ते रोक रहे हाथी और गुलदार, बनी दहशत

Thu, 31 Oct 2019 10:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 31 Oct 2019 10:48 PM IST
विज्ञापन
Elephant and Guldar are blocking the way, became panic
रास्ता रोक रहे हाथी और गुलदार, बनी दहशत
विज्ञापन

कालागढ़/रेवली। जंगलों से वन्य जीव सड़कों पर आ रहे हैं। बुधवार रात को भगौता - कुराली मार्ग पर करीब एक घंटा तक गुलदार सड़क के बीच बैठा रहा, जिससे आवागमन ठप हो गया। वहीं, मंगलवार को रामगंगा बांध परियोजना कर्मियों की बस को बीच सड़क पर आए हाथी ने दौड़ा दिया, जिससे कर्मियों की जान आफत में पड़ गई।
साहूवाला वन क्षेत्र से सटे कई गांवों में गुलदार के आतंक से लोग परेशान है। बुधवार की रात एक गुलदार भगौता-कुराली मार्ग पर करी एक घंटा बैठा रहा। इस दौरा आवागमन बाधित रखा। ग्रामीणों ने कनस्तर आदि पीटकर गुलदार को जंगल में भगाया। शाह नगर, कुराली, भगौता, इनायतपुर, रामनगर गोसाई, मधपुरी आदि गांवों साहूवाला वन क्षेत्र से सटे हुए है। इन गांवों में गुलदार ने पिछले कई दिनों से आतंक बरपा रखा है। शाहनगर कुराली निवासी बलवीर सिंह, बलवंत सिंह, रमेश सिंह, कृपाल सिंह, इरफान खान, हरकिशन सिंह का कहना है कि बुधवार रात वह लोग हरेवली में लगने वाले साप्ताहिक बाजार से घर वापसी आ रहे थे। भगौता-कुराली के बीच बेगा नदी पर स्थित रपटे पर पहुंचे तो सड़क पर गुलदार बैठा दिखाई दिया। जिसे देख कर पैर थम गए। एक घंटे तक गुलदार सड़क पर बैठा रहा। ग्रामीणों ने फोन से सूचना देकर अन्य ग्रामवासियों को बुलाया। ग्रामीणों ने मिट्टी के तेल की लुक जला कर और कनस्तर आदि को पीटकर शोर मचाया तो यह है तो गुलदार जंगल की तरफ धीरे-धीरे चलने लगा। गुलदार के जाने के काफी देर बाद मार्ग पर आवागमन शुरू हुआ।
विज्ञापन

उधर, रामगंगा बांध परियोजना के सैडिल बांध मार्ग, सैडिल बांध रामगंगा पावर हाउस मार्ग, शहीद स्मारक पर इन दिनों वन्यजीवों के आ जाने से कर्मचारियों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है। मुख्य बांध मार्ग पर एक हाथी ने मंगलवार को शेरनाला क्षेत्र में उत्तराखंड जलविद्युत निगम लिमिटेड की शिफ्ट की बस को दौड़ा दिया। उत्तरांचल पावर इंजीनियर ऐसोसिएशन के केंद्रीय सचिव सहायक अभियंता तनवीर अहमद ने बताया कि रामगंगा बांध क्षेत्र में कर्मचारी जान हथेली पर रखकर अपनी नौकरी को अंजाम दे रहे हैं। बांध परिसर में हाथियों की आवाजाही से कर्मचारियों की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने विभाग के उच्च अधिकारियों से बांध क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

गश्ती टीम पर हमला कर चुका है बाघ
बिजनौर। कार्बेट रिजर्व की प्लेन रेंज में एक सप्ताह पूर्व ही बाघ ने गश्ती दल पर हमला कर दिया था। शाम के समय हुए इस हमले में एक वन रक्षक को बाघ खींचकर ले गया था और उसके शरीर का काफी हिस्सा खा लिया था। रात भर खोजबीन के बाद वन रक्षक का शव तड़के पांच बजे मिल सका था। इसके बाद वन विभाग की टीम ने कार्बेट रिजर्व में गश्ती दलों को समूह के रूप में जाने की सलाह दी थी। अन्य भी कई जगह बाघ दिखाई देने पर तलाशी अभियान चलाया था। वहीं, एक पखवाड़ा पूर्व भी पर्यटकों के वाहन के पीछे हाथी दौड़ लिया था, जिससे पर्यटक घबरा गए थे।

कोट
वन क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र सिंह रावत का कहना है कि जंगल में गुलदार है। वन कर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों से अपील की है कि सड़क पर जंगली जानवर दिखाई देता है तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें। अपनी ओर से कोई कदम ना उठाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed