चुनाव 2022: वर्चुअल रैलियां बनेंगी वास्तविक जीत का आधार, आईटी टीम और सोशल मीडिया टीम हुई सक्रिय
चुनावी समर का एलान होते ही सियासी दलों ने वर्चुअल रैलियों को जीत का आधार बनाने की तैयारी कर ली है। सभी पार्टियां शहर से गांव तक सोशल मीडियो के जरिए मतदाताओं को लुभाने की कोशिशों में जुट गई है।
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चुनावी समर का एलान होते ही सियासी दलों ने प्रत्याशियों की सूची जारी करने की तैयारी तेज कर दी है। भाजपा, सपा-रालोद, कांग्रेस और बसपा के वॉर रूम में भी वर्चुअल रैलियों की योजना बन रही है। सोशल मीडिया के जरिए मतदाताओं के दिलो-दिमाग पर छाप छोड़ने की रणनीति बनाई जा रही है। सपा कार्यकर्ता फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर भी रहेंगे। युवाओं से कहने के साथ ही बुजुर्गों तक भी संदेश पहुंचाए जाएंगे।
विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने शहर से गांव तक लोगों से वर्चुअल संवाद की पूूरी तैयारी कर ली है। क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल ने आईटी टीम और सोशल मीडिया प्रभारियों को चुनाव आयोग की गाइडलाइन के मुताबिक जुट जाने के निर्देश दिए हैं। वे खुद वर्चुअल मोड में चुनाव प्रचार की सारी निगरानी करेंगे। भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय में बनाए गए सोशल मीडिया वाॅर रूम से सोमवार को वर्चुअल चुनावी अभियान की शुरूआत हो जाएगी।
वर्चुअल प्लेटफार्म पर जहां अभी सारी पार्टियां तैयारी कर रही है वहीं, भाजपा डेढ़ साल से वर्चुअल कार्यक्रम, बैठक-सभाएं कर रही है। भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल का कहना है कि कोरोना की पहली लहर से ही भाजपा ने आईटी और सोशल मीडिया के क्षेत्र में बूथ स्तर तक पूरे पश्चिम के कार्यकर्ताओं को जोड़ लिया था। शहर के अलावा गांव-गांव तक वर्चुअल नेटवर्क है, ऐसे में कहीं भी किसी से संवाद किया जा सकता है।
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वीडियो कांफ्रेंसिंग बैठक भाजपा डेढ़ साल से करती आ रही है। सोशल मीडिया और आईटी सेल को अलग-अलग तरह से जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। एकतरफ प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार द्वारा चलाई गई योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी वहीं, विपक्ष पर हमला बोलने के लिए दूसरी टीमों को लगाया जा रहा है।
एक टीम को चुनाव स्लोगन और नारों के लिए लगाया गया है। एक टीम इस बात पर नजर रखेगी कि विपक्षी पार्टियां सोशल मीडिया पर क्या गतिविधियां कर रही हैं। यानी की सोशल मीडिया वार रूम से लेकर गांव-गांव तक भाजपा ने जन संवाद का पूरा खाका तैयार कर लिया है। मोहित बेनीवाल का कहना है कि विपक्षी पार्टियां भाजपा की लोकप्रियता से घबरा रही हैं। हम चुनाव के लिए जमीनी स्तर से लेकर वर्चुअल मोड पर पूरी तरह से तैयार हैं।
दूसरे दलों पर भाजपा की नजर, 14 के बाद देंगे टिकट
भाजपा में टिकट 14 जनवरी के बाद घोषित हो सकते हैं। हर बार भाजपा अंतिम दौर में ही प्रत्याशी की घोषणा करती है। दूसरी पार्टियों के प्रत्याशी 14 जनवरी तक घोषित हो सकते हैं, ऐसे में भाजपा सारे समीकरणों पर नजर रखे हुए हैं। किस विधानसभा से कौन सी पार्टी किस बिरादरी के प्रत्याशी को लड़ा रही है, इन पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
भाजपा में टिकट को लेकर अभी दो दौर की बैठक होनी है। क्षेत्र और प्रदेश स्तर से टिकट फाइनल होने के बाद केंद्रीय स्तर से मुहर लगने के बाद ही प्रत्याशी घोषित होंगे। इस प्रक्रिया में 16 से 18 जनवरी तक का समय लग सकता है।
सपा ने हर सीट पर बनाएंगे 5 हजार व्हाॅट्सएप ग्रुप
समाजवादी पार्टी का जिला संगठन वर्चुअल प्रचार की तैयारी में जुट गई है। हर विधानसभा क्षेत्र में पांच-पांच हजार कार्यकर्ताओं का व्हाॅट्सएप ग्रुप बनाएंगे। सोशल प्लेटफॉर्म फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम का भी सहारा लिया जाएगा। ज्यादा से ज्यादा युवाओं को जोड़ेंगे और उनसे कहेंगे कि अपने बड़ों तक सपा का संदेश पहुंचाएं।
रविवार को सपा जिलाध्यक्ष ने पार्टी कार्यालय पर इस सम्बंध में बैठक की और कार्यकर्ताओं को सभी विधानसभा क्षेत्रों में सोशल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहने के निर्देश दिए। इस तरह से रणनीति बनाने के लिए कहा कि सपा का संदेश घर घर तक पहुंचे।
चुनाव आयोग ने 15 जनवरी तक रैलियों, रोड शो और नुक्कड़ सभाओं पर रोक लगाई है। जिस तरह से कोरोना के केस बढ़ रहे हैं उससे माना जा रहा है कि पाबंदियां आगे भी बढ़ाई जा सकती हैं। इसे देखते हुए ही पार्टियां अपनी तैयारी में जुट गई हैं।
जनता तक पार्टी की बात पहुंचाई जाएगी
जनता तक पार्टी की बात पहुंच गई है। तैयारी के मद्देनजर वर्चुअल माध्यम से चुनाव प्रचार करने के लिए भी तैयार हैं। हर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सपाई जुड़े हैं। व्हाटसएप के ही हजारों ग्रुप चल रहे हैं और बनाए जा रहे हैं। - राजपाल सिंह, जिलाध्यक्ष, सपा
आप का दावा : हम सबसे दमदार
चुनाव प्रचार के लिए सभी दल तैयारी में जुट गए हैं। आम आदमी पार्टी (आप) का दावा है कि वर्चुअल प्रचार में उनकी पार्टी सबसे आगे है। पार्टी ने सदस्यता अभियान के दौरान ही लोगों के व्हाट्सएप नंबर भी एकत्र कर लिए हैं।
आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष अंकुश चौधरी ने कहा कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में जनता से सीधे संपर्क करके दो बार सरकार बनाई है। उसी तर्ज पर आप के कार्यकर्ता उप्र में भी पहले दिन से ही जनसपंर्क अभियान चला रहे हैं। पार्टी की आईटी सेल भी है, जो लखनऊ से काम करती है।
चुनाव आयोग की गाइडलाइनों का अनुपालन करते हुए फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्यूटर आदि सोशल मीडिया के माध्यम से चुनाव प्रचार किया जाएगा। मेरठ की सभी सात विधान सभाओं में पार्टी सदस्यता अभियान चलाकर लोगों के मोबाइल नंबर ले चुकी है। बाकी अब डोर टू डोर जनसंपर्क चल रहा है।
अज्जू, तरुण, मनोज व सुरेश छह साल के लिए निष्कासित
आम आदमी पार्टी की अनुशासन समिति के सदस्य इंजीनियर मोहम्मद हैदर ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए बताया कि महानगर अध्यक्ष अज्जू पंडित, जिला उपाध्यक्ष तरुण गोयल, दक्षिण विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष मनोज भाटी, महानगर कोषाध्यक्ष सुरेश पंडित को अनुशासनहीनता की वजह से छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।