फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Eid Ul Azha 2023: Ibadat in Bargah-e-Ilahi is good luck of Hajis, Akram completed in five days

Eid Ul Azha 2023: बारगाह ए इलाही में अजीम इबादत हाजियों की खुशनसीबी, पांच दिन में पूरे हो जाते हैं अहम अकराम

Wed, 28 Jun 2023 11:52 AM IST
Dimple Sirohi शाह आलम त्यागी, संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
शाह आलम त्यागी, संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 28 Jun 2023 11:52 AM IST
सार

हज मुसाफिर आज ईद उल अजहा पर  काबा शरीफ में सजदा कर गुनाहों से तौबा कर रहे हैं। हुजूर पाक की सरजमीं पर इबादत को अपनी खुशनसीबी मान रहे हैं। कहा जाता है कि इन पांच दिनों में हज के अहम अरकान पूरे हो जाते हैं।

विज्ञापन
Eid Ul Azha 2023: Ibadat in Bargah-e-Ilahi is good luck of Hajis, Akram completed in five days
हज यात्रा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हज मुसाफिर के लबों पर दिन रात खुदा का जिक्र है और उसकी बारगाह में ईद उल अजहा पर सजदा किया। अल्लाह की ओर, जिसे काबा शरीफ कहा जाता है। इस अजीम इबादत को अदा करने के लिए हज मुबारक पर जाने वाले खुदा का शुक्र अदा करते हुए फूले नहीं समा रहे हैं। हज मुसाफिर हुजूर की पाक सरजमीं पर इस अजीम इबादत करने को खुशनसीबी महसूस कर रहे हैं।

विज्ञापन


हज के सफर के दौरान मुसाफिर आमतौर पर 40 या उससे अधिक दिन सऊदी अरब में गुजारते हैं, लेकिन हज के अहम पांच अरकान पांच दिन में पूरे हो जाते हैं। ऐसे में कोई हज मुसाफिर सफर कम करना चाहे तो वह पांच दिन के बाद अपनी हज की अजीम इबादत को पूरा कर अपने मुल्क लौट सकता है।
विज्ञापन


हज के पांच अरकान पर बहुत जरूरी हैं, जिन पर रोशनी डालते हुए शहर काजी मुफ्ती शाकिर कासमी ने हदीस के हवाले से बताया कि दिखावे के लिए हज करना और हराम माल से हज करना नाजायज है। अल्लाह के नबी ने फरमाया है कि हज और उमरा दोनों इंसानों के गुनाहों को दूर कर देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

Eid Ul Azha 2023: Ibadat in Bargah-e-Ilahi is good luck of Hajis, Akram completed in five days
हज यात्रा - फोटो : अमर उजाला

जामिया दारूस सलाम के मोहतमिम मौलाना यूसुफ कासमी ने बताया कि अहराम बिना सिला सफेद रंग का कपड़ा होता है, जिससे हाजी अपने बदन को ढंकते हैं। इस दौरान खुशबू लगाना, नाखून, बाल काटना और दाढ़ी बनाना मना है।

उन्होंने बताया कि दुनिया के भर के आजमीन खाना-ए-काबा की जियारत को मक्का शरीफ पहुंच चुके हैं, जहां खुदा की इबादत में मशगूल हैं, लेकिन असल इबादत इस्लामिक महीने जिलहिज की आठ तारीख से होगी, जो 12 जिलहिज तक चलेगी। इन पांच दिनों में आजमीनों के हज के सभी अरकान पूरे करने होंगे।

इस दिन ईद उल अजहा (बकरीद) होती है। फिर हाजी मक्का रवाना हो जाएंगे।

Eid Ul Azha 2023: Ibadat in Bargah-e-Ilahi is good luck of Hajis, Akram completed in five days
हज यात्रा

पहला दिन, 8 जिलहिज : मक्का पहुंचकर हज का अहम अरकान तवाफ-ए-जियारत करना होता है। चांद की आठ तारीख होती है। इस दिन सभी हाजी मीना शहर में इकट्ठा होते हैं।

दूसरा दिन, 9 जिलहिज : चांद की नौ तारीख को सभी हज मुसाफिर मीना से अराफात रवाना होते हैं। अराफात की मुजदलफा से दूरी लगभग छह किलोमीटर चलता है। यहां पहुंचकर सभी मगरिब और ईशा की नमाज अदा करेंगे, चाहे वक्त कुछ भी हुआ हो।

तीसरा दिन, 10 जिलहिज : मीना पहुंचकर तीन शैतानों में से एक शैतान को कंकरी मारनी होगी। क्योंकि इस दिन ईद उल अजहा बकरीद होती है। फिर हाजी मक्का शहर के लिए रवाना जो जाएंगे। मक्का पहुंचकर हज का अहम अरकान तवाफ ए जियारत करना होता है।

चौथा दिन, 11 जिलहिज: तीनों शैतानों पर कंकरी मारने का सिलसिला चलता है।

पांचवां दिन, 12 जिलहिज : तीनों शैतानों को कंकरी मारी जाती है। कंकरी मारने के बाद हाजियों को मक्का वापस आना होता है। इस तरह पांच दिन में हेज के अहम अरकान पूरे हो जाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed