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Meerut News: शीतलहर का असर...बढ़ रही दिल की बीमारी और शुगर

Tue, 31 Dec 2024 02:59 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 31 Dec 2024 02:59 AM IST
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Effect of cold wave...heart disease and sugar are increasing
मेरठ। सर्दी का सितम बढ़ रहा है और सेहत खराब हो रही है। शीतलहर के चलते अब रोगियों की संख्या बढ़ रही है। चिकित्सकों की सलाह है कि ऐसे मौसम में दिल की बीमारी और शुगर वाले रोगी अधिक सावधान रहें। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में सोमवार को मरीजों की कतारें लगी रहीं और 4729 मरीज पहुंचे। बुखार, सर्दी-जुखाम, खांसी, शुगर, हृदय रोगियों, सांस के मरीजों और उच्च रक्तचाप वालों की संख्या अधिक रही।
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वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि ठंड बढ़ने के साथ हृदय रोगियों के दिल की धड़कनें भी बढ़ने लगती हैं। ऐसे में दिल के मरीजों को सावधान रहने की जरूरत है। सर्दी में ऑक्सीजन की कमी रहती है। इससे रक्त वाहनियां संकरी हो जाती हैं। दिल के रोगियों की तकलीफ बढ़ जाती है। रक्चाप (ब्लड प्रेशर) सामान्य से कुछ ज्यादा रहता है, जो दिल के रोगियों के लिए परेशानी का सबसे बड़ा कारण है। जिन लोगों का कॉलेस्ट्रॉल बढ़ा रहता है, उनके लिए यह मौसम ज्यादा मुश्किल भरा है। दिल के मरीजों में घबराहट, हाई ब्लड प्रेशर, सीने में दबाव या जकड़न बढ़ जाती है।
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वरिष्ठ जनरल फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि शुगर के मरीज अपने खानपान पर विशेष ध्यान दें। कोल्ड ड्रिंक्स, आइसक्रीम, मिठाई, अत्यधिक चाय व कॉफी आदि से बहुत तेजी से शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। इसलिए इनका अत्यधिक सेवन न करें। साबुत अनाज, दलिया आदि लें। तले हुए तथा सैचुरेटेड खाद्य पदार्थो का सेवन न करें। फलों और सब्जियों का सेवन भरपूर मात्रा में करें, इनमें मौजूद विटामिन और मिनरल्स इस मौसम में बीमारियों से लड़ने के लिए बहुत फायदेमंद हैं। सर्दियों में पानी का सेवन ज्यादा मात्रा में करें। 6-8 घंटे की नींद लें। रोज कम से कम 15 मिनट चलें, इससे खून का दौरा बढ़ता है।
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ठंड में क्यों बढ़ता है बीपी
- शारीरिक सक्रियता कम हो जाती है। इससे भी रक्त का दाब बढ़ जाता है। रक्तदाब बढ़ने से स्ट्रोक, हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट का खतरा बढ़ जाता है।
- सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय हो जाता है और शरीर में कैटेकोलामिन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जो धड़कनों को बढ़ाकर ब्लड प्रेशर बढ़ा देता है।
- शरीर तापमान और ऊष्मा के स्तर को बनाए रखने के लिए रक्त के प्रवाह को रोकता है। इससे रक्त के संचरण के लिए अधिक बल लगाना पड़ता है।
- शरीर में अल्फा रिसेप्टर होते हैं, जो सर्दियों में अधिक सक्रिय हो जाते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है।
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ब्लड प्रेशर पर ऐसे करें नियंत्रण
- मीठा, नमकीन और खट्टा कम खाएं।
- घर में दुबके न रहें, बल्कि धूप सेकें
- हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित होने पर सुबह दवा लेकर ही बाहर निकलें
- आउटडोर गतिविधियां कम से कम करें
- एक मोटा कपड़ा पहनने की बजाय कपड़ों की कई तह पहनें, इससे ऊष्मा कपड़ों की परतों के बीच में देर तक एकत्र रहती है
- सिर को अच्छी तरह से ऊनी कपड़ों से ढक कर रखें
- संतुलित, पोषक और ताजा भोजन खाएं
- अल्कोहल और कैफीन से बचें, क्योंकि ये शरीर से ऊष्मा को तेजी से बाहर निकालते हैं
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