Earthquake in UP: भूकंप के तेज झटकों से दहला पश्चिमी यूपी, मेरठ में घरों से बाहर दौड़े लोग, दहशत में बोले...
Earthquake in UP : मंगलवार रात में भूकंप के तेज झटकों से पश्चिमी यूपी दहल उठा। मेरठ में लोग घरों से बाहर दौड़े और कहा कि पिछले पांच सालों में इतने तेज झटके महसूस नहीं किए।
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विस्तार
पश्चिमी यूपी के जिलों में मंगलवार रात को भूकंप के झटके महसूस किए गए। वहीं मेरठ में रात करीब 10:20 पर अचानक से धरती हिलने लगी। भूकंप के तेज झटके महसूस होने के बाद दहशत के चलते लोग घरों से दौड़कर बाहर निकल गए। लोगों का कहना था कि पिछले पांच साल के भीतर इतने तेज भूकंप के झटके कभी महसूस नहीं किए। मल्टी स्टोरी बिल्डिंग में रहने वाले लोग फ्लैट छोड़कर नीचे मैदान में जमा हो गए।
रात को 10:20 पर अचानक भूकंप के तेज झटके आने के बाद पूरे शहर में भूकंप आया, भूकंप आया का शोर मच गया। पूरे शहर में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। सबसे ज्यादा खौफ मल्टीनेशनल बिल्डिंग में रहने वालों लोगों में दिखा।
सुपरटेक पाम ग्रीन, पर्ल रेजीडेंसी, अंसल कोट्यार्ड, अंसल कॉलोनी के लोग फ्लैट से निकलकर बाहर दौड़ पड़े। लोगों का कहना था कि इतनी तीव्रता वाले झटके पिछले वर्षों में कभी महसूस नहीं किए। यहां तक कि सड़क पर चलने वाली गाड़ियां भी हिलने लगीं। हर कोई अपने परिचितों रिश्तेदारों से हाल पूछने में लग गया।
राम कुमार शर्मा एडवोकेट ने बताया कि हनी गोल्फ ग्रीन निकट मोती प्रयाग में सत्यम टावर की आठवीं मंजिल पर उनका घर है, आज तक ऐसा भूकंप नहीं देखा, बेड, पंखा सब हिल गया था, मेरी बेटी और पत्नी दोनों ने एक-दूसरे को पकड़ लिया।
करीब 20 से 30 सेकंड तक भूकंप के झटके रुक-रुक कर लोगों ने महसूस किए। भूकंप के आते ही लोगों में दहशत का माहौल हो गया और घरों से बाहर निकल आए। लोग अपने-अपने घरों से निकलकर बाहर खड़े हो गए। शहर से लेकर गांव देहात तक पूरे जिले में भूकंप को महसूस किया गया। भूकंप का केंद्र बिंदु अफगानिस्तान रहा है। जिसकी तीव्रता 6.6 रही। अगर और तेज होता तो आगे नुकसान भी हो सकता था। इससे पहले भी एनसीआर क्षेत्र में कई बार भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं। लगातार भूकंप का आना सही नहीं है।
क्या कहते हैं वैज्ञानिक
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि एक बार भूकंप आने के बाद कई हल्के भूकंप आते हैं। अक्सर ऐसा होता है, पहले भी हुआ है। भूकंप के दृष्टिकोण से सिस्मिक जोन चार व पांच में आते हैं, जो भूकंप के लिए प्रोन होते हैं। प्लेट टैकटोनिक सिद्धान्त के अनुसार पृथ्वी कई प्लेटो से बनी है ये प्लेट्स धीरे-धीरे गतिमान होते हैं, जिसके कारण भकूंप आते हैं।
बिजनौर जिले में महसूस किए गए भूकंप के झटके
बिजनौर जिले में रात करीब 10:30 बजे हल्के भूकंप के झटके महसूस किए गए। कई जगह पर भूकंप के झटके महसूस होने पर लोग घरों से बाहर आ गए। बिजनौर में नजीबाबाद धामपुर, चांदपुर, बिजनौर, नगीना तहसील मुख्यालय समेत कई कस्बों में लोग एक-दूसरे से फोन कर भूकंप की जानकारी लेते रहे। जिले में कहीं भूकंप से नुकसान की सूचना नहीं है।
सहारनपुर में भी महसूस किए गए भूकंप के झटके
सहारनपुर जनपद में भी मंगलवार रात्रि भूकंप के झटके महसूस किए गए। अचानक छत के पंखे और बेड हिलने पर लोगों को भूकंप आने का अहसास हो गया। नागरिकों में हड़कंप मच गया। लोग चिल्लाते हुए घरों से बाहर निकल कर भागे। लोगों ने घरों से बाहर सड़कों पर आकर अपने को सुरक्षित महसूस किया। नागरिक एक दूसरे को मोबाइल पर इसकी जानकारी देकर उनका हाल जानने में लगे रहे।
मंगलवार रात्रि 10.22 बजे अचानक आए भूकंप के झटको से नागरिकों में हडकंप मच गया। भूकंप के झटके महसूस होने पर लोग चिल्लाते हुए अपने बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को लेकर घरों से बाहर निकल आए। पूरे महानगर में भूकंप आने का शोर मच गया। गोविंदनगर निवासी सचिन भारद्वाज ने बताया कि वो परिवार के साथ थे, तभी अचानक पंखे हिलने लगे, तो भूकंप होने का पता चला। तुरंत ही परिवार को लेकर घर से निकल कर अपने को सुरक्षित किया।
नवीननगर निवासी शीतल वर्मा ने बताया कि अचानक बेड हिला तो भूकंप के झटके महसूस हुए। परिवार को लेकर घर से बाहर आए। जैन कॉलेज रोड निवासी आशीष जैन ने बताया कि परिवार के साथ सोने की तैयारी में थे, तभी अचानक कंपन महसूस हुआ। देखा की छत का पंखा हिल रहा है, तो भूकंप के झटके महसूस हुए।
जनपद में नानौता, देवबंद, गागलहेड़ी, चिलकाला, सरसावा, नकुड़, गंगोह आदि कसबो में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।
मुजफ्फरनगर जिले में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। बुढ़ाना, शाहपुर, चरथावल समेत अन्य क्षेत्रों में रात 10.30 बजे झटके लगे। लोगों ने एक-दूसरे को कॉल कर भूकंप की जानकारी ली।