दुकान पर हुए बवाल में सांसद मुनकाद के बेटाेें पर गाज

अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 08 Dec 2017 01:14 AM IST
फाइल फोटो
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
ख़बर सुनें
किठौर में दुकान को लेकर हुए खूनी संघर्ष की गाज राज्यसभा सदस्य मुनकाद अली के बेटों पर गिरी है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने मुनकाद अली के बेटों सलमान व फरमान को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। साथ ही यह भी कहा है कि सांसद को यदि पुत्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई बुरी लगती है तो वे पार्टी में रहने या छोड़कर जाने के लिए आजाद हैं। 
 बुधवार को किठौर कस्बे में एक दुकान पर कब्जे के विवाद को लेकर नव निर्वाचित चेयरपर्सन और पूर्व चेयरपर्सन पक्ष के लोगों के बीच खूनी संघर्ष हुआ। यहां मुनकाद के बेटे सलमान की पत्नी निदा परवीन चेयरपर्सन चुनी गई हैं। पूर्व चेयरमैन मतलूब गौड तथा हाल चेयरमैन के पक्ष के लोग आमने सामने आ गए। जमकर संघर्ष हुआ और गोलियां चलीं। दरअसल एक दुकान को लेकर दोनों पक्ष अपना अपना दावा ठोंक रहे थे। हालांकि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह से स्थिति को संभाला और दोनों पक्षों की ओर से एक दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

सोशल मीडिया पर छाया मुद्दा  
पूर्व चेयरमैन मतलूब गौड समर्थक डा. वीर सिंह दलित हैं, उनकी तरफ से मुनकाद के पुत्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। दरअसल सोशल मीडिया पर दलित उत्पीड़न की बात जोर शोर से उठाई गई। कहा गया कि सांसद मुनकाद के पुत्र दलितोें पर जुल्म कर रहे हैं और उनके उत्पीड़न से तंग आकर दलित किठौर से पलायन की तैयारी में हैं। वे अपने मकान भी बेच रहे हैं। सोशल मीडिया पर यह मुद्दा छाया रहा, जिस पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने संज्ञान ले लिया।

दोनों पुत्रों को किया बाहर
मायावती ने लखनऊ में दिए बयान और बाद मे विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मुनकाद अली के बेटे की पत्नी हाल ही में मेरठ जिले की किठौर नगर पंचायत से पार्टी के टिकट पर अध्यक्ष चुनी गई हैं। पता चला है कि सांसद के बेटे सलमान वहां अपने कुछ समर्थकों के साथ एक दुकान के मामले में जबरन कब्जा करने व एक दलित की दुकान में तोड़ फ ोड़ करने में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इसे अत्यंत गंभीरता से लिया गया है और कानून को हाथ में लेने की वजह से मुनकाद अली के बेटों को बसपा से निकाल दिया गया है।

चाहे तो मुनकाद भी छोड़ सकते हैं पार्टी
मायावती ने कहा कि यदि सांसद मुनकाद को पुत्रों के खिलाफ  की गई कार्रवाई बुरी लगती है तो वह भी पार्टी में रहने या ना रहने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं।  यदि वह पुत्र मोह से अलग हटकर पार्टी हित में इस फैसले का स्वागत करते हैं तो पार्टी इन्हें पूर्व व वर्तमान की तरह आगे भी पूरा आदर-सम्मान देती रहेगी। मायावती ने पार्टी के शहरी निकाय के चुनाव में जीते लोगों को निर्देशित किया है कि वे वे भी कानून के दायरे में ही रहकर अपने क्षेत्र के लोगाें की सेवा करें। दूसरी पार्टियों की तरह कानून अपने हाथों में कतई ना लें। बताते चलें बसपा से नसीमुद्दीन सिद्दीकी के पार्टी से बाहर किए जाने के बाद मुनकाद अली मुख्य मुस्लिम चेहरा हैं। बेटे की वजह से अब वे निशाने पर आ गए हैं।

मैं बसपा में हूं तथा रहूंगा: मुनकाद
वीर सिंह नाम के व्यक्ति ने साजिश की है। वह कभी बसपा में नहीं रहा। सोशल मीडिया का दुरुपयोग किया गया। साजिश के तहत माहौल बिगाड़कर मुझे दलित विरोधी करार देने की कोशिश की गई। माहौल को शांत करने के लिए बहनजी ने यह कार्रवाई की है। मैं उनके फैसले का स्वागत करता हूं। मायावती मेरी नेता हैं और उनके हर आदेश का पालन होगा। बसपा में हूं तथा आगे भी रहूंगा- मुनकाद अली, सांसद

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Chandigarh

अपने ही दो भाइयों, दो बहनों समेत 7 लोगों को मारने वाली पर नहीं कर सकते रहम: हाईकोर्ट

अपने ही दो भाइयों, दो बहनों और दादी समेत सात लोगों की हत्या करने वाली पर रहम नहीं किया जा सकता। उसकी और उसके प्रेमी की मौत की सजा बरकरार रहेगी।

18 जुलाई 2018

Related Videos

शामली में चोर ने कुछ ऐसे कबूला जुर्म, देखकर आएगी हंसी!

शामली पुलिस ने लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाली चार महिलाओं को लूटे गए सामान के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी महिलाएं अपने परिजनों के साथ मिलकर लूट और डकैती करती थीं। देखिए ये रिपोर्ट।

22 जुलाई 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen