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डॉक्टरों की हड़ताल के कारण चरमराई जिले की चिकित्सा व्यवस्था

Tue, 18 Jun 2019 03:44 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Gaurav sharma Updated Tue, 18 Jun 2019 03:44 AM IST
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Due to the strike of doctors, medical system of Karmarai district
जिला अस्पताल में लगी लाइन - फोटो : अमर उजाला
 पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के चिकित्सकों ने सोमवार को चिकित्सा सेवाएं बंद रखीं। इस कारण जिले की चिकित्सा व्यवस्था पटरी से उतर गई। निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम्स की केवल इमरजेंसी सेवाएं खुली रहीं। चिकित्सकों ने मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रोटेक्शन कानून बनाने की मांग की। पश्चिमी बंगाल की मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी भी की। ‘ममता बनर्जी होश में आओ’, ‘आईएमए जिंदाबाद’ और ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए।
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हड़ताल के दौरान चिकित्सकों ने ओपीडी नहीं की। पैथोलॉजी लैबों में जांच नहीं हुई। मरीज इधर-उधर भटकते रहे। गांव और दूसरे जिलों से आए मरीजों को लौटना पड़ा। प्राइवेट अस्पतालों केबाहर बोर्ड लगे थे कि आज हड़ताल है। सोमवार सुबह 10 बजे आईएमए हॉल में आकस्मिक आमसभा की गई, जिसमें सभी सदस्यों ने चिकित्सकों से मारपीट की कड़े शब्दों में निंदा की। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
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इसके बाद सुबह करीब 10:45 बजे आईएमए अध्यक्ष डॉ. शिशिर जैन और आईएमए सह सचिव डॉ. विकास गुप्ता के नेतृत्व में विरोध मार्च आईएमए हॉल से चौधरी चरण सिंह पार्क (मेरठ कॉलेज के सामने) तक निकाला गया। विरोध मार्च में मेरठ नर्सिंग होम्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अंबेश पंवार, सचिव डॉ. केए खान, डॉ. रवि भगत, डॉ. एसएम शर्मा, डॉ. जेवी चिकारा, डॉ. तनुराज सिरोही, डॉ. वीरोत्तम तोमर, डॉ. अनिल नौसरान, डॉ. सुशील गुप्ता, डॉ. मेधावी तोमर, डॉ. निखिल गोयल, डॉ. चारू गर्ग, अंजू रस्तोगी, डॉ. अनुपम सिरोही, डॉ. दीपिका रमेश, डॉ. मनीषा तोमर, डॉ. मनीषा त्यागी समेत काफी संख्या में चिकित्सक मौजूद रहे। आईएमए मेरठ शाखा के अध्यक्ष डॉ. शिशिर जैन ने बताया कि चिकित्सकों ने निर्णय लिया है कि 17 जून को सुबह छह बजे से लेकर 18 जून की सुबह छह बजे तक 24 घंटे के लिए चिकित्सा सेवाएं इमरजेंसी छोड़कर पूर्णत: बंद रहेंगी। पश्चिम बंगाल में जूनियर डॉक्टरों पर हमले व अत्याचार के विरोध में राष्ट्रीय आईएमए द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन में मेरठ आईएमए पूर्ण रूप से भागीदारी कर रही है। आईएमए मेरठ में करीब 1300 चिकित्सक पंजीकृत हैं। न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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