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योगी के टेस्ट में फेल और शासन के आदेश की परवाह नहीं कर रहे डीएम ने दी सफाई

Thu, 20 Jul 2017 02:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Updated Thu, 20 Jul 2017 02:55 PM IST
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Due to failure of the order of governance, the DM has given cleanliness
डीएम समीर वर्मा
प्रदेश में जिलाधिकारी ही शासन के आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं। उन्हें सुबह 9-11 बजे तक हर हाल में दफ्तर में मौजूद रहकर जनसुनवाई के निर्देश दिए गए हैं, पर औचक चेकिंग में मेरठ, बिजनौर समेत 26 जिलों के डीएम अपने दफ्तरों से गायब पाए गए। मुख्य सचिव राजीव कुमार ने इस पर कड़ा एतराज जताते हुए इसे सरासर आदेशों का उल्लंघन बताया है। 24 अप्रैल 2017 को मुख्य सचिव कार्यालय से एक शासनादेश जारी किया गया था, जिसमें सभी डीएम को प्रात: 9 बजे से 11 बजे तक अपने कार्यालयों में उपस्थित होकर जनसुनवाई करने के निर्देश दिए गए थे। इसमें यह भी कहा गया था कि डीएम जनसुनवाई के दौरान आने वाली समस्याओं का निस्तारण भी सुनिश्चित करेंगे। यहां बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ भी कई बार कह चुके हैं कि अगर जिलास्तर पर समस्याएं ठीक से सुनी जाएं तो उनके जनता दरबार में आने वाले लोगों की संख्या खुद ब खुद कम हो जाएगी। 17 जुलाई को मुख्य सचिव कार्यालय से सभी जिलों के डीएम दफ्तरों में प्रात: नौ बजे के बाद लैंड लाइन नंबरों पर फोन कॉल की गईं, ताकि उनकी उपस्थिति के बारे में सही स्थिति का पता लग सके। इसमें काफी खराब स्थिति सामने आई। आजमगढ़, बलिया, मऊ, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, झांसी, जालौन, फतेहपुर, गोण्डा, बाराबंकी, बदायूं, बिजनौर, बुलंदशहर, आगरा, मैनपुरी, अलीगढ़, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, मेरठ और कासगंज के डीएम अपने दफ्तरों से गायब मिले। 
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मुख्य सचिव कार्यालय से की गई आकस्मिक कॉल के दौरान ऑफिस से नदारद मिले डीएम समीर वर्मा ने सफाई दी है। कहा है कि उस दिन सावन का दूसरा सोमवार था और एसएसपी के साथ वह मंदिरों तथा कांवड़ मार्ग पर निरीक्षण के लिए सुबह ही निकल गए थे। मुख्यमंत्री का निर्देश है कि जिलाधिकारी समेत सभी अधिकारी सुबह 9 बजे से 11 बजे तक अपने ऑफिस में बैठकर जन समस्याओं को सुनेंगे। इस बाबत सीधे मुख्य सचिव कार्यालय से फोन कॉल कर चेक किया जा रहा है। 17 जुलाई को कई जिलों में कॉल की गई जिसमें मेरठ डीएम ऑफिस में भी कॉल कर डीएम के बारे में पूछा गया। इस दौरान डीएम यहां नहीं थे। इस पर मुख्य सचिव ने जवाब तलब किया है। इस पर डीएम समीर वर्मा का कहना है कि वह तो कांवड़ की तैयारियों में थे। निरीक्षण कर रहे थे। शासन से जो पत्र मिलेगा, उसका जवाब इसी आधार पर दिया जाएगा।
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अब गैरहाजिर मिले तो हटाने के साथ ही प्रतिकूल प्रविष्टि
मुख्य सचिव राजीव कुमार ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर कहा कि निर्धारित समय में दफ्तरों में मौजूद न रहना उच्चस्तर से प्राप्त आदेशों की अवहेलना है। उधर, मुख्य सचिव कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक, इस तरह से औचक फोन कॉल अब समय-समय पर होती रहेंगी। भविष्य में जो भी डीएम गैरहाजिर मिलेंगे, उन्हें हटाने के साथ ही प्रतिकूल प्रविष्टि भी दी जाएगी। 
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