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पांच माह से घर में कैद है बिटिया
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Thu, 07 Apr 2016 02:00 AM IST
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लड़की का फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
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एक बिटिया का कॅरियर दांव पर लग गया है। वह पिछले पांच माह से घर में कैद है। उसका दोष सिर्फ इतना है कि उसने हिम्मत दिखाई। अपने साथ फरेब करने वाले लड़कों को समाज के सामने बेनकाब किया। उसकी इस हिम्मत से न केवल लव, सेक्स और ड्रग्स के गिरोह का भंडाफोड़ हुआ था, बल्कि कई मासूम लड़कियों की जिंदगी भी नर्क में जाने से बच गई।
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बिटिया समाज के लिए प्रेरणा बन गई थी। उस दौरान शहरवासियों और सामाजिक संगठनों ने पीड़ित परिवार का साथ भी दिया था। लेकिन अब बिटिया का स्कूल ही उससे मुंह मोड़ रहा है। उसका रिजल्ट रोक दिया है और टीसी कटवाने का दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि दबाव के बाद स्कूल ने छात्रा के पिता से सोमवार तक का समय मांगा है।
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बता दें कि एमपीजीएस की एक छात्रा को नशीला पदार्थ सुंघाकर गैंगरेप किया गया था। पीड़िता ने 18 नवंबर 2015 को पांच लड़कों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले में शुरू से ही ढुलमुल रवैया अपनाया। लेकिन शहरवासियों के दबाव के चलते आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और उन्हें जेल भेज दिया गया। उस दिन से छात्रा अपने घर में कैद है। उसने घर पर ही परीक्षा की तैयारी की। पुलिस की सुरक्षा में परीक्षा दी। स्कूल ने सभी छात्राओं का रिजल्ट जारी कर दिया, लेकिन केवल उसी का रिजल्ट रोक दिया। परिजन स्कूल पहुंचे तो उनसे कहा गया कि पहले टीसी कटवाओ, तब रिजल्ट दिया जाएगा।
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सोमवार को फिर से बुलाया
बुधवार को बिटिया के पिता कैंट स्थित एमपीएस ग्रुप के संचालक ताराचंद शास्त्री व स्कूल प्रबंधन से मिलने पहुंचे। पिता ने बताया स्कूल प्रबंधन ने हमसे अच्छा व्यवहार नहीं किया। उन्होंने सोमवार तक फैसला लेने की बात कही है।
एक महीने से दबाव बना रहा था स्कूल
परिजनों ने बताया पिछले एक महीने से स्कूल टीसी लेने के लिए दबाव बना रहा था। परीक्षा के दौरान व उसके बाद कई बार स्कूल द्वारा यह कहा गया कि हमें कुछ सोचना चाहिए, अब बेटी आगे कैसे इस स्कूल में पढ़ेगी। पिता ने बताया दो दिन पहले स्कूल सुपरवाइजर वंदना का फोन आया था। उसने मंगलवार को प्रिंसिपल डॉ. मृणालिनी अनंत से मिलने के लिए कहा था। प्रिंसिपल ने बिटिया को पहले ही केबिन से बाहर कर दिया। परिजनों से अंदर बात कर उन्हें टीसी के लिए कहा। अभी तक स्कूल ने रिपोर्ट कार्ड नहीं दिखाया है। न ही कार्ड दे रहे हैं। अगर स्कूल रिपोर्ट कार्ड नहीं देगा तो परिवार न्याय के लिए लड़ाई जारी रखेगा। पिता का कहना है अगर बेटी को स्कूल ने निकाल दिया तो कौन इसको दाखिला देगा।
प्रिंसिपल का तर्क, कौन लेगा जिम्मेदारी
परिजनों ने बताया कि प्रिंसिपल ने तर्क दिया है कि अगर स्कूल में छात्रा ने कुछ कर लिया तो कौन जिम्मेदार होगा। हर समय उसकी सुरक्षा नहीं की जा सकती है।
कला में निपुण है छात्रा
पिता ने बताया कि मेरी बेटी फैशन डिजायनर बनना चाहती है। वो आर्ट में इतनी पारंगत है किसी भी इंसान का हूबहू स्कैच बना देती है। तस्वीरों में रंग भरकर उन्हें जीवंत कर देती है। लेकिन जब से स्कूल ने टीसी की बात कही है वह फिर से गुमसुम हो गई है।
जेडी ने सुरक्षा के आदेश दिए
जेडी माध्यमिक शिक्षा डॉ. महेंद्र देव ने बुधवार को एमपीजीएस की प्रिंसिपल डॉ. मृणालिनी अनंत को पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा है कि गैंगरेप पीड़िता को प्रताड़ित किया जा रहा है। टीसी काटी जा रही है, जो किसी भी दृष्टि से न्यायोचित नहीं है। स्कूल प्रशासन बच्ची को अनुकूल माहौल के बीच आगे की पढ़ाई जारी कराए व पूरी सुरक्षा प्रदान करे। अगर इस संबंध में कोई भी शिकायत मिली तो स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जेडी ने पत्र की एक प्रति सीबीएसई को भी भेज दी है।