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तेज आंधी के साथ बूंदाबांदी ने बढ़ाई किसानों की चिंता
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तेज आंधी के साथ बूंदाबांदी ने बढ़ाई किसानों की चिंता
हस्तिनापुर/मवाना/बहसूमा/सरधना। शुक्रवार शाम क्षेत्र में तेज आंधी तूफान ने किसानों की चिंता को बढ़ा दिया। इस समय किसानों के खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार है। थ्रेसिंग के लिए फसल को खेतों में एकत्रित किया हुआ है। बूंदाबांदी से फसल सीलन में बढ़ गई है।
इन दिनों फसली सीजन चरम पर है। खेतों में गेहूं फसल की कटाई चल रही है। किसान खेत में खड़ी गेहूं की फसल को काट रहा है तो कोई किसान थ्रेसिंग के लिए फसल को एकत्रित कर रहा है। सभी अपने खेतों में पूरी तरह व्यस्त हैं। शुक्रवार शाम तेज आंधी और बूंदाबांदी ने किसानों की चिंता को बढ़ा दिया। आंधी के कारण किसानों के खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल भी इधर-उधर बिखर गई, जिससे किसान चिंतित हो गए। वहीं कटा पड़ा भूसा भी हवा में उडु गया। किसान प्रवीण कुमार, ऋषि पाल, हरेंद्र चौहान, देवेंद्र ठाकुर आदि का कहना है कि बेमौसम बरसात से किसानों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। खेतों में एकत्रित गेहूं की फसल बारिश में भीगकर गिरने की संभावना है। साथ ही चरम पर चल रही गेहूं की कटाई भी प्रभावित होगी और किसानों की गन्ने की बुवाई लेट होगी। इन दिनों किसान गेहूं की फसल को काटकर करने की बुवाई कर रहे हैं। वहीं, मवाना में पुलिस चौकी के पास भैंसा रोड पर पेड़ टूटकर गिरने से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई तथा भैंसा मार्ग पर आवागमन ठप हो गया।
आग से गेहूं की 200 बीघा फसल जली
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। आंधी से गांव सीना में आबादी के बीच खाली प्लाट में रखे बिटौड़ों ने आग पकड़ ली। ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। वहीं, गांव मिर्जापुर गोशाला के पास खेतों में लगी आग से 200 बीघा गेहूं की फसल जल गई।
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गांव सीना में आबादी के बीच में याकूब का खाली प्लाट है। जिसमें लोगों ने बिटौड़े और कूड़ा आदि डाल रखा था। ग्रामीणों ने बताया कि गर्म राख आदि डाले जाने से आंधी के दौरान बिटौड़ों ने आग पकड़ ली। आग से आसपास रहने वाले नवाबुद्दीन, वसीर के मकान को खतरा पैदा हो गया।
ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी तो जवाब मिला कि गाड़ी आग बुझाने गई हुई है। वहां से आते ही भेज दी जाएगी। जिससे बाद ग्रामीणों ने जनरेटर से सबमर्सिबल चलाकर आग पर काबू पाया। आग से नसरु, जुबैदा, फरमू के बिटौडे जल गए।
वहीं, गांव जलालपुर जोरा के पूर्व प्रधान महेंद्र सिंह ने बताया कि आग से मिर्जापुर गोशाला के पास गोपी, रघुवर, तारी, जयला, लाडी निवासी हटूपुरा का लगभग 200 बीघा गेहूं की फसल आग से जलकर राख हो गई। वहीं इसके अलावा सिखेड़ा के जंगल, शुगर मिल के पीछे, आसिफाबाद तथा नंगला हरेरु में भी आग लगने से गेहूं की फसल जल गई। सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी इधर से उधर दौड़ती रही।
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हस्तिनापुर/मवाना/बहसूमा/सरधना। शुक्रवार शाम क्षेत्र में तेज आंधी तूफान ने किसानों की चिंता को बढ़ा दिया। इस समय किसानों के खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार है। थ्रेसिंग के लिए फसल को खेतों में एकत्रित किया हुआ है। बूंदाबांदी से फसल सीलन में बढ़ गई है।
इन दिनों फसली सीजन चरम पर है। खेतों में गेहूं फसल की कटाई चल रही है। किसान खेत में खड़ी गेहूं की फसल को काट रहा है तो कोई किसान थ्रेसिंग के लिए फसल को एकत्रित कर रहा है। सभी अपने खेतों में पूरी तरह व्यस्त हैं। शुक्रवार शाम तेज आंधी और बूंदाबांदी ने किसानों की चिंता को बढ़ा दिया। आंधी के कारण किसानों के खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल भी इधर-उधर बिखर गई, जिससे किसान चिंतित हो गए। वहीं कटा पड़ा भूसा भी हवा में उडु गया। किसान प्रवीण कुमार, ऋषि पाल, हरेंद्र चौहान, देवेंद्र ठाकुर आदि का कहना है कि बेमौसम बरसात से किसानों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। खेतों में एकत्रित गेहूं की फसल बारिश में भीगकर गिरने की संभावना है। साथ ही चरम पर चल रही गेहूं की कटाई भी प्रभावित होगी और किसानों की गन्ने की बुवाई लेट होगी। इन दिनों किसान गेहूं की फसल को काटकर करने की बुवाई कर रहे हैं। वहीं, मवाना में पुलिस चौकी के पास भैंसा रोड पर पेड़ टूटकर गिरने से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई तथा भैंसा मार्ग पर आवागमन ठप हो गया।
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आग से गेहूं की 200 बीघा फसल जली
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। आंधी से गांव सीना में आबादी के बीच खाली प्लाट में रखे बिटौड़ों ने आग पकड़ ली। ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। वहीं, गांव मिर्जापुर गोशाला के पास खेतों में लगी आग से 200 बीघा गेहूं की फसल जल गई।
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गांव सीना में आबादी के बीच में याकूब का खाली प्लाट है। जिसमें लोगों ने बिटौड़े और कूड़ा आदि डाल रखा था। ग्रामीणों ने बताया कि गर्म राख आदि डाले जाने से आंधी के दौरान बिटौड़ों ने आग पकड़ ली। आग से आसपास रहने वाले नवाबुद्दीन, वसीर के मकान को खतरा पैदा हो गया।
ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी तो जवाब मिला कि गाड़ी आग बुझाने गई हुई है। वहां से आते ही भेज दी जाएगी। जिससे बाद ग्रामीणों ने जनरेटर से सबमर्सिबल चलाकर आग पर काबू पाया। आग से नसरु, जुबैदा, फरमू के बिटौडे जल गए।
वहीं, गांव जलालपुर जोरा के पूर्व प्रधान महेंद्र सिंह ने बताया कि आग से मिर्जापुर गोशाला के पास गोपी, रघुवर, तारी, जयला, लाडी निवासी हटूपुरा का लगभग 200 बीघा गेहूं की फसल आग से जलकर राख हो गई। वहीं इसके अलावा सिखेड़ा के जंगल, शुगर मिल के पीछे, आसिफाबाद तथा नंगला हरेरु में भी आग लगने से गेहूं की फसल जल गई। सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी इधर से उधर दौड़ती रही।