{"_id":"5fbd68498ebc3e9be9187803","slug":"dr-akhilesh-mohan-becomes-the-new-cmo-of-meerut-meerut-news-mrt512544331","type":"story","status":"publish","title_hn":"डॉ अखिलेश मोहन बने सीएमओ मेरठ, बोले-कोरोना पर अंकुश होगा प्राथमिकता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डॉ अखिलेश मोहन बने सीएमओ मेरठ, बोले-कोरोना पर अंकुश होगा प्राथमिकता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डॉ. अखिलेश मोहन बने मेरठ के नए सीएमओ
गाजियाबाद के संयुक्त चिकित्सालय में थी तैनाती, बोले- कोरोना पर अंकुश होगी प्राथमिकता
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। एनसीआर में कोरोना तेजी से फैल रहा है। उस पर अंकुश लगाना ही प्राथमिकता होगी। यह कहना है जिले के नए सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का। उन्हें मंगलवार को मेरठ का मुख्य चिकित्सा अधिकारी बनाया गया।
फोन पर डॉ. अखिलेश ने बताया कि वह मूलरूप से आगरा के रहने वाले हैं। वहीं से उन्होेंने एमबीबीएस और एमएस किया। बीते सात सालों से गाजियाबाद संयुक्त चिकित्सालय में तैनात हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के पद पर उनकी पहली तैनाती है। उन्होंने कहा कि वह स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचरियों और अन्य स्टाफ के साथ मिलकर कोरोना पर अंकुश लगाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। वहीं सीएमओ डॉ. राजकुमार को संयुक्त निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मेरठ मंडल बनाया गया है। मंगलवार को शासन ने 11 चिकित्सा अधिकारियों और वरिष्ठ चिकित्सकों के ट्रांसफर किए हैं। इन्हें तत्काल कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया गया है।
-------
परिवार नियोजन को टॉप पर पहुंचाया
मेरठ। डॉ. राजकुमार को 7 जुलाई 2017 को सीएमओ मेरठ बनाया गया था। उनके कार्यकाल में परिवार नियोजन में मेरठ स्वास्थ्य विभाग टॉप फाइव में रहा। इसके अलावा ई-संजीवनी में प्रदेश में पहले और देश में तीसरे नंबर पर है। मेरठ में बतौर सीएमओ डॉ. का सबसे लंबा कार्यकाल रहा। वह तीन साल, चार माह और 17 दिन तक सीएमओ रहे। इनसे पहले 1999 से 2002 तक डॉ. रोशन लाल सबसे लंबे कार्यकाल तक सीएमओ रहे थे। उनका कार्यकाल 3 साल 4 माह 12 दिन का था। सूत्रों का कहना है कि अगले साल तक वह मेरठ में ही अपर चिकित्सा निदेशक बनाए जा सकते हैं। उनके कार्यकाल का एक साल बचा हुआ है। डॉ. राजकुमार केजीएमसी लखनऊ से एमडी चेस्ट एंड टीबी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद के संयुक्त चिकित्सालय में थी तैनाती, बोले- कोरोना पर अंकुश होगी प्राथमिकता
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। एनसीआर में कोरोना तेजी से फैल रहा है। उस पर अंकुश लगाना ही प्राथमिकता होगी। यह कहना है जिले के नए सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का। उन्हें मंगलवार को मेरठ का मुख्य चिकित्सा अधिकारी बनाया गया।
फोन पर डॉ. अखिलेश ने बताया कि वह मूलरूप से आगरा के रहने वाले हैं। वहीं से उन्होेंने एमबीबीएस और एमएस किया। बीते सात सालों से गाजियाबाद संयुक्त चिकित्सालय में तैनात हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के पद पर उनकी पहली तैनाती है। उन्होंने कहा कि वह स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचरियों और अन्य स्टाफ के साथ मिलकर कोरोना पर अंकुश लगाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। वहीं सीएमओ डॉ. राजकुमार को संयुक्त निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मेरठ मंडल बनाया गया है। मंगलवार को शासन ने 11 चिकित्सा अधिकारियों और वरिष्ठ चिकित्सकों के ट्रांसफर किए हैं। इन्हें तत्काल कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
-------
परिवार नियोजन को टॉप पर पहुंचाया
मेरठ। डॉ. राजकुमार को 7 जुलाई 2017 को सीएमओ मेरठ बनाया गया था। उनके कार्यकाल में परिवार नियोजन में मेरठ स्वास्थ्य विभाग टॉप फाइव में रहा। इसके अलावा ई-संजीवनी में प्रदेश में पहले और देश में तीसरे नंबर पर है। मेरठ में बतौर सीएमओ डॉ. का सबसे लंबा कार्यकाल रहा। वह तीन साल, चार माह और 17 दिन तक सीएमओ रहे। इनसे पहले 1999 से 2002 तक डॉ. रोशन लाल सबसे लंबे कार्यकाल तक सीएमओ रहे थे। उनका कार्यकाल 3 साल 4 माह 12 दिन का था। सूत्रों का कहना है कि अगले साल तक वह मेरठ में ही अपर चिकित्सा निदेशक बनाए जा सकते हैं। उनके कार्यकाल का एक साल बचा हुआ है। डॉ. राजकुमार केजीएमसी लखनऊ से एमडी चेस्ट एंड टीबी हैं।
विज्ञापन