उत्तर प्रदेश के बिजनौर में दंपती की हत्या से पहले सिरफिरा युवक मनुदत्त शर्मा तीन दिन से हाथ में तमंचा लेकर गांव विशनपुरा की गलियों में घूम रहा था। इस दौरान वह कहता कि उसके भीतर विकास दुबे की आत्मा आ गई है, मार डालेगा। उसके इस पागलपन पर ग्रामीण चुप्पी साधे रहे, पुलिस को सूचना तक नहीं दी।
डबल मर्डर: कई दिन तमंचा लेकर गांव में घूमता रहा सिरफिरा..., कहता-मुझमें आ गई है विकास दुबे की आत्मा
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गांव के शिवकुमार शर्मा और उनकी पत्नी उषा की हत्या की सूचना मिलते ही आईजी मुरादाबाद रमित शर्मा, एसपी संजीव त्यागी, एसपी देहात संजय सिंह ने पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए।
सीओ धामपुर महावीर सिंह राजावत ने बताया कि मृतक के भतीजे की ओर से मनुदत्त के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
परिजनों का कहना है कि रात में ही घर से निकल गया। शिवकुमार व उसकी पत्नी उषा को सोते समय हत्या कर दी। सुबह जब गांव वालों को इस बात का पता चला कि उनका सीधा शक मनुदत्त शर्मा पर ही गया।
एसपी देहात संजय कुमार ने बताया कि गांव वालों ने उन्हें बताया है कि वह दो-तीन दिन से तमंचा हाथ में लेकर यह कहता घूम रहा था कि उसके अंदर कानपुर में मुठभेड़ में मारे गए विकास दुबे की आत्मा आ गई है।
पुलिस आरोपी मनुदत्त शर्मा की तलाश में जुटी है। एसपी संजीव त्यागी के मुताबिक सिरफिरे मनुदत्त शर्मा को शिवकुमार से खुन्नस रखने के कारण पागलपन में इस घटना को अंजाम दिया। वह शिवकुमार शर्मा के साथ अपने पिता पर भी जानलेवा हमला कर चुका है।
उसे जेल से बाहर आने के बाद मुचलके से भी पाबंद किया गया था। एसपी देहात ने बताया कि उसके तमंचा लेकर घूमने की सूचना पुलिस को नहीं दी गई थी। आज यह जानकारी दी गई। मारपीट की सूचना पर पुलिस गांव में पहुंची थी।
मुकदमा खत्म नहीं कराया तो दंपती को ही कर दिया खत्म
स्योहारा थाने के गांव विशनपुरा का मनुदत्त शर्मा शिवकुमार शर्मा की बेटी के पीछे पड़ा था। पुलिस के मुताबिक शिवकुमार की बेटी का उससे कोई वास्ता नहीं था।
विरोध करने पर उसने शिव कुमार पर 2018 में जानलेवा हमला किया, 28 अप्रैल 2019 को अपने पिता पर भी उसने कातिलाना हमला कर दिया था। इन दोनों मामलों में वह जेल गया था। जेल से बाहर आने के बाद भी वह शिवकुमार शर्मा के परिवार पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाता रहा।