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सुबह की हड़ताल की घोषणा, दोपहर में स्थगित
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मेरठ। नेशनल मेडिकल कमिशन (एनएमसी) बिल के विरोध में आईएमए ने बुधवार सुबह साढ़े नौ बजे प्रेस कांफ्रेंस कर हड़ताल की घोषणा की, लेकिन दोपहर तीन बजे ही हड़ताल को स्थगित कर दिया। आईएमए ने अब विरोध किसी और दिन करने की बात कही है।
आईएमए सभागार में हुई प्रेस कांफ्रेंस में मेरठ शाखा अध्यक्ष डॉ. शिशिर जैन, सचिव संदीप जैन, डॉ. ऋषि भाटिया, डॉ. विकास गुप्ता और डॉ. जेवी चिकारा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा एनएमसी बिल पारित करने के विरोध में इमरजेंसी समेत 24 घंटे तक सभी मेडिकल सेवाएं बंद रखने का निर्णय लिया गया है। बृहस्पतिवार (आठ अगस्त) सुबह छह बजे से लेकर शुक्रवार (नौ अगस्त) सुबह छह बजे तक मेडिकल सेवाएं नहीं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि संशोधित एनएमसी बिल में आईएमए द्वारा दिए गए अनेक प्रस्तावों को शामिल नहीं किया गया। इसलिए यह विरोध किया जा रहा है।
दोपहर तीन बजे आईएमए मेरठ शाखा सचिव डॉ. संदीप जैन ने बताया कि हड़ताल स्थगित करने की वजह यह है कि नेशनल आईएमए का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से मिला था। उन्होंने जम्मू कश्मीर के वर्तमान हालात, नॉर्थ ईस्ट में बाढ़ और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज का अचानक निधन होने के कारण बाद में एनएमसी बिल पर वार्ता करने को कहा है। लिहाजा हड़ताल को स्थगित कर दिया गया है। अब यह हड़ताल कब होगी, इसका निर्णय बाद में लिया जाएगा।
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विरोध की वजह
- आईएमए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की स्वायत्तता को भंग करने का विरोध करती है।
- नए बिल के मुताबिक एलोपैथी चिकित्सा की डिग्री न होने के बावजूद सिर्फ रजिस्ट्रेशन कराकर होम्योपैथी, आयुर्वेद व अन्य ऐसे ही लोग एलोपैथी की प्रैक्टिस कर सकेंगे।
- एमबीबीएस छात्रों द्वारा अपना कोर्स पूरा करने के बाद एग्जिट एग्जाम देना होगा।
- प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की आंतरिक सीटों के वार्षिक शुल्क पर सरकार का नियंत्रण न रहना।
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आईएमए सभागार में हुई प्रेस कांफ्रेंस में मेरठ शाखा अध्यक्ष डॉ. शिशिर जैन, सचिव संदीप जैन, डॉ. ऋषि भाटिया, डॉ. विकास गुप्ता और डॉ. जेवी चिकारा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा एनएमसी बिल पारित करने के विरोध में इमरजेंसी समेत 24 घंटे तक सभी मेडिकल सेवाएं बंद रखने का निर्णय लिया गया है। बृहस्पतिवार (आठ अगस्त) सुबह छह बजे से लेकर शुक्रवार (नौ अगस्त) सुबह छह बजे तक मेडिकल सेवाएं नहीं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि संशोधित एनएमसी बिल में आईएमए द्वारा दिए गए अनेक प्रस्तावों को शामिल नहीं किया गया। इसलिए यह विरोध किया जा रहा है।
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दोपहर तीन बजे आईएमए मेरठ शाखा सचिव डॉ. संदीप जैन ने बताया कि हड़ताल स्थगित करने की वजह यह है कि नेशनल आईएमए का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से मिला था। उन्होंने जम्मू कश्मीर के वर्तमान हालात, नॉर्थ ईस्ट में बाढ़ और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज का अचानक निधन होने के कारण बाद में एनएमसी बिल पर वार्ता करने को कहा है। लिहाजा हड़ताल को स्थगित कर दिया गया है। अब यह हड़ताल कब होगी, इसका निर्णय बाद में लिया जाएगा।
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विरोध की वजह
- आईएमए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की स्वायत्तता को भंग करने का विरोध करती है।
- नए बिल के मुताबिक एलोपैथी चिकित्सा की डिग्री न होने के बावजूद सिर्फ रजिस्ट्रेशन कराकर होम्योपैथी, आयुर्वेद व अन्य ऐसे ही लोग एलोपैथी की प्रैक्टिस कर सकेंगे।
- एमबीबीएस छात्रों द्वारा अपना कोर्स पूरा करने के बाद एग्जिट एग्जाम देना होगा।
- प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की आंतरिक सीटों के वार्षिक शुल्क पर सरकार का नियंत्रण न रहना।