सीसीएसयू में नए सत्र से कीजिए एमफिल विष विज्ञान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कैंपस में साल 2004 में एमएससी टॉक्सीलॉजी कोर्स की शुरुआत हुई थी। अब तक यहां से 13 बैच निकल चुके हैं। एमएससी विष विज्ञान कोर्स की बात करें तो यूपी के किसी भी विश्वविद्यालय में यह कोर्स नहीं है। विभाग में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर रिसर्च चल रहा है। इस समय यहां पर एमएससी विष विज्ञान में 19 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं।
प्रोफेसर एमरेटिस डॉ. एसवीएस राणा बताते हैं कि कोर्स की अहमियत को देखते हुए नए सत्र से यहां पर एमफिल विष विज्ञान कोर्स भी शुरू किया जा रहा है। इसको लेकर बोर्ड ऑफ स्ट्डीज से लेकर तमाम तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। शुरू में यहां पर पांच सीटों पर एंट्रेंस टेस्ट के जरिए एडमिशन लिए जाएंगे।
पांच छात्र-छात्राएं कर रहे हैं रिसर्च
सीसीएसयू के टॉक्सीलॉजी विभाग से पांच छात्र-छात्राएं रिसर्च कर रहे हैं। इनमें कविता राणा वुमन साइंटिस्ट स्कीम के डब्लूओएस-ए के अंतर्गत रिसर्च कर रही हैं। वर्षा रानी वुमन साइंटिस्ट स्कीम डब्लूओएस में बी कैटेगिरी में रिसर्च स्कॉलर हैं।
हुमा खान इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की सीनियर रिसर्च फेलोशिप पा रही रही हैं। मीनू सिंह यूजीसी की तरफ से राजीव गांधी फेलोशिप पा रही हैं। इसके अलावा ललित मोहन वशिष्ठ डिपार्टमेंटल फेलोशिप पा रहे हैं।
20 को जारी होगा नोटिफिकेशन
सीसीएसयू कैंपस में एमफिल के सभी कोर्सों में एडमिशन को लेकर विवि 20 मार्च को नोटिफिकेशन जारी कर सकता है। एंट्रेंस एग्जाम को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एडमिशन प्रक्रिया की जानकारी विवि की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।
5 सीटों पर होंगे दाखिले
एमफिल विष विज्ञान कोर्स नए सत्र से शुरू हो जाएगा। शुरुआत में पांच सीटों पर एडमिशन होंगे। - डॉ. एसवीएस राणा, प्रोफेसर एमरेटिस