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डीएम अंकल! मैं भूखा हूं, मेरी मां मर चुकी और पिता जेल में है, दुनिया में मेरा कोई नहीं

Sat, 22 Sep 2018 10:15 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Sat, 22 Sep 2018 10:15 PM IST
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DM Uncle I'm hungry, my mother is dead and my father is in jail, no one in the world
डीएम से गुहार लगाता नौ साल का बच्चा - फोटो : अमर उजाला

डीएम अंकल मैं कई दिन से भूखा हूं। मेरे पिता बीमार हैं और जेल में बंद है। मेरी मां मर चुकी है, मेरा कोई नहीं है। कलक्ट्रेट में जनता की समस्या सुन रहे डीएम राजीव शर्मा नौ साल के बच्चे आकाश की ये बातें सुनकर सहम गए। बच्चे को कचहरी में धरने पर बैठे मास्टर विजय सिंह की सुपुर्दगी में देते हुए उसके भोजन आदि की व्यवस्था कराई। यह मामला यूपी के मुजफ्फरनगर शहर का है।  

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शाहपुर के गावं निरमाणा के नौ साल के बच्चे आकाश पर गम का ऐसा पहाड़ टूटा की बच्चा बिलख उठा। मां जन्म के कुछ दिन बाद ही बीमारी में मर चुकी है। पिता भट्ठे पर मजदूरी करता है और बीमार रहता है। 16 सितंबर को शाहपुर पुलिस ने अपने कागजों का पेट भरने के लिए उसके पिता कृष्णपाल का शांतिभंग में चालान कर दिया। घर पर उसे रोटी देने वाला दूसरा कोई नहीं। एक दो दिन आसपड़ोस में मांगकर रोटी खा ली। बाद में वह भी मिलनी मुश्किल हो गई। बाप को वह कैसे छुटाए जमानत कौन करे, उसे तो कुछ पता नहीं। किसी ने बताया कि मुजफ्फरनगर कलक्ट्रेट में चला जा, डीएम अंकल छुटा सकते हैं। नौ साल का अबोध बालक किसी तरह कलक्ट्रेट पहुंचा। सीधे डीएम के ऑफिस में पहुंच गया और जाते ही पैर पकड़ लिए। बच्चा रोते बिलखते हुए हुए बोला कि वह कई दिन से भूखा है। सात दिन से उसका पिता जेल में बंद है। मां पहले ही मर चुकी है, वह कहां जाए। बच्चे की बातें सुन डीएम का मन भी सहम गया।

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डीएम राजीव शर्मा ने कुछ देर सोच समझकर कचहरी में धरने पर बैठे मास्टर विजय सिंह को बुलाया। बच्चे को भोजन, कपड़े की व्यवस्था करने के साथ उसके पिता कृष्णपाल को जेल से छुड़ाने के लिए कहा। विजय सिंह ने कृष्णपाल को छुड़ाने के लिए शाहपुर थाने से कागज तैयार कराए। रात्रि में जाकर उसे छोड़ा गया।  

बच्चे को नहलाया, कपड़े पहनाए 
बालक की पीड़ा को संवेदनशीलता से लेते हुए विजय सिंह ने आकाश को नहलाया। बाजार से कपड़े खरीदकर उसे पहनाए। रात्रि में जब वह अपने पिता से मिला तो उसकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था।

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