मोदीपुरम (मेरठ)। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के कुलपति डॉ. के सिंह ने कहा कि कृषि में आर्थिक स्थायित्व के लिए गन्ना एवं धान में विविधीकरण करना होगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कृषि विज्ञान केन्द्रों के वैज्ञानिकों द्वारा गन्ना एवं धान आधारित फसल प्रणाली में विविधीकरण के लिए अन्य फसल उत्पादन के विकल्प तकनीकों का प्रदर्शन, प्रशिक्षण के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाए।
विवि में शुक्रवार को प्रसार परिषद की चौथी बैठक में डॉ. केके सिंह ने कहा कि पिछली बैठक के बाद विशेष कार्यों जैसे पूर्व सैनिक पुनर्वास महानिदेशालय नई दिल्ली व विश्वविद्यालय के मध्य समझौता हस्ताक्षर किया गया। उत्तर प्रदेश के किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने के लिए विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्रों का भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पूसा नई दिल्ली के बीच अनुबंध किया गया। कुलपति ने परिषद को विवि द्वारा फसल संबंधी मोबाइल एप तैयार किए जाने की भी जानकारी दी, जिससे किसानों का खेत की मेढ़ पर उत्पादन तकनीक के साथ बाजार की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। निदेशक प्रसार डॉ. पीके सिंह ने प्रसार कार्यक्रमों की तीसरी बैठक के बाद वर्तमान तक एक वर्ष की प्रगति का ब्यौरा दिया। पद्मश्री चंद्रशेखर ने वैज्ञानिकों को नवीनतम तकनीकी ज्ञान किसानों के खेत तक पहुंचाने, किसानों के बीच गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन तकनीकी को बढ़ावा देने की जानकारी दी। बैठक में कृषि विज्ञान केंद्र संभल, शामली, मुरादाबाद द्वितीय को अधिकतम गेहूं उत्पादकता के लिए सम्मानित किया गया। बैठक में पूर्व सहायक महानिदेशक कृषि प्रसार डॉ. रणधीर सिंह, देवव्रत त्यागी, डॉ. कमल खिलाड़ी, कुलसचिव डॉ. रामजी सिंह, वित्त नियंत्रक पंकज कुमार चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।