बागपत जिला पंचायत चुनाव अध्यक्ष चुनाव में एक बार फिर रालोद का दबदबा कायम रहा। रालोद प्रत्याशी ममता देवी ने भाजपा की बबली देवी को पांच वोट से शिकस्त देकर जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी पर कब्जा किया। ममता देवी को कुल 20 वोट में से 12 वोट मिली। बबली देवी के पक्ष में महज सात सदस्यों ने मतदान किया। एक वोट निरस्त हो गई। रालोद प्रत्याशी की जीत पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया। पुलिस को कलक्ट्रेट के सामने से भीड़ हटाने को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर घंटों तक जाम लगा रहा।
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव : रालोद अपना गढ़ बचाने में रहा कामयाब, जयंत चौधरी- बोले ये सत्य और लोकतंत्र की जीत
भाजपा प्रत्याशी बबली देवी अपने पक्ष के सदस्यों के साथ करीब 12 बजे कलक्ट्रेट पहुंची। करीब ढाई बजे तक सभी 20 सदस्य मतदान कर चुके थे। मतदान के दौरान बड़ी संख्या में रालोद और सपा नेता कलक्ट्रेट के बाहर एकत्र थे। उन्हें हटाने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। तीन बजे मतगणना प्रारंभ हुई तो रालोद व सपा नेताओं ने जमकर हंगामा किया। नारेबाजी के साथ आतिशबाजी भी की गई। कप्तान अभिषेक सिंह को खुद आगे आकर भीड़ वहां से हटवानी पड़ी। करीब आधा घंटे में ही रिजल्ट आ गया।
रालोद की ममता देवी को विजयी घोषित कर दी गई। इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। विजय जुलूस के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं ममता देवी और उनके पति जयकिशोर को कार्यकर्ता पहले कलक्ट्रेट से गौरीपुर मोड़ लेकर पहुंचे। वहां से उन्हें जिला पंचायत कार्यालय ले जाया गया। उन्होंने चुनाव में जीत पर सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं का आभार व्यक्त किया।
रालोद कार्यकर्ता संगठित होकर काम करेंगे। ये समाज के हर वर्ग की शानदार जीत है। अध्यक्ष पद के चुनाव का नतीजा आने पर रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ट्वीट किया कि बागपत में जनता ने लगातार नैतिक दबाव बनाकर जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में मनमानी नहीं होने दी। उम्मीद है जिले में विकास की गति तेज होगी। उन्होंने ममता देवी को जीत की बधाई देते हुए कहा कि यह सत्य और लोकतंत्र की जीत है।
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव का नतीजा भाजपा पहले ही भांप गई थी। जिसके चलते मतदान के लिए एजेंट नहीं बनाया। जबकि रालोद प्रत्याशी ममता देवी और चीफ एजेंट बसंत तोमर सुबह से ही जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में बनाए गए मतदान केंद्र पर मौजूद रहे। भाजपा के कई सदस्य कलक्ट्रेट परिसर में ही मौजूद रहे। भाजपा के जिला पंचायत सदस्य मतदान करने के बाद ज्यादा देर वहां नहीं रुके।
आंदोलन की वजह से हम चुनाव हारे हैं। निर्दलीय सदस्यों ने हमें आश्वासन दिया था, लेकिन वोट नहीं दी। हमने कोई जोड़तोड़ की राजनीति नहीं की। चुनाव में पार्टी का हमें पूरा सहयोग मिला है। - बबली देवी, भाजपा प्रत्याशी।