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Meerut News: जिला जज ने किया तहसील में मुंसिफ कोर्ट का निरीक्षण

Sat, 22 Mar 2025 01:25 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 22 Mar 2025 01:25 AM IST
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District judge inspected the Munsif court in the tehsil
सरधना। जिला न्यायाधीश रजत जैन ने शुक्रवार को सरधना तहसील पहुंचकर मुंसिफ कोर्ट जूनियर डिवीजन का वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण में वाद की फाइलों को गंभीरता से देखा तथा मुंसिफ मजिस्ट्रेट को लंबित वाद शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए।
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शुक्रवार को सरधना तहसील पहुंचे जिला न्यायाधीश रजत जैन, एडीजे प्रथम अंचल नारायण व सीजीएम आंचल मिश्रा ने बताया कि जनपद स्तर पर राष्ट्रीय लोक अदालत लग रही हैं, जिनमें लंबित वाद निपटाए जा रहे हैं। सरधना कोर्ट के जो भी लंबित वाद हैं, उन्हें लोक अदालत में ट्रांसफर किया जाए, ताकि उन वादों को समय से सुलझाया जा सके और जनता को सुलभ न्याय तय समय में मिल सके। जनता को सुलभ न्याय देना न्याय प्रक्रिया का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
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सरधना बार एसोसिएशन ने न्यायिक मजिस्ट्रेट सरधना क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाले पुलिस थानों का सत्र न्यायालय से संबंधित प्रथम जुडीशियल रिमांड व तहसील सरधना के अंतर्गत पड़ने वाले थाना दौराला से संबंधित फौजदारी मुकदमों का विचारण न्यायिक मजिस्ट्रेट सरधना को सुपुर्द करने करने के लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश से मांग की।
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सरधना बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम त्यागी ने बताया कि न्यायिक मजिस्ट्रेट सरधना के न्यायिक क्षेत्राधिकार में थाना सरधना और सरूरपुर के क्षेत्र पड़ते हैं। पूर्व में इन दोनों थानों से संबंधित सत्र न्यायालय को सुपुर्द होने वाले प्रथम जुडीशियल रिमांड को उच्च न्यायालय के निर्देश पर जिला मुख्यालयों पर परिवर्तित किया गया था। जो आज तक मेरठ में बना हुआ है। जबकि उत्तर प्रदेश के अधिकतर जनपदों में यह कार्य वापस क्षेत्राधिकार वाले न्यायालय को लौटा दिया गया है। इस कारण थाना सरधना व सरूरपुर का सत्र न्यायालयों से संबंधित प्रथम जुडीशियल रिमांड न्यायिक मजिस्ट्रेट सरधना को वापस किया जाना न्यायोचित है।

सरधना तहसील के सभी सिविल वादों के विचारण का क्षेत्राधिकार सिविल जज जूनियर डिवीजन सरधना के न्यायालय को प्राप्त है। अधिकतर मामलों में सिविल और फौजदारी मामले एक साथ विचारण किए जाते हैं। जिन वादों के सिविल वाद सरधना में विचारण हो रहे हैं, उन्हीं मामलों में फौजदारी मुकदमे जो थाना दौराला से संबंधित हैं, मेरठ में चलने से वादकारी परेशान हैं। ऐसी दशा में थाना दौराला से संबंधित फौजदारी मुकदमों के विचारण का अधिकार न्यायिक मजिस्ट्रेट सरधना को दिया जाना चाहिए। इसे लेकर सरधना बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश को पत्र लिखकर मांग की है।
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