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तीस वर्षों से राशन वितरण में गड़बड़ी
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सरूरपुर। विकास खंड क्षेत्र के गांव जैनपुर उर्फ देवलीखेड़ा में राशन वितरण के मामले में बड़ा घोटाला सामने आया था। राशन की कालाबाजारी करने के लिए तीस साल से मृतक को राशन दिया जाना सामने आया है। ऐसे में डीलर द्वारा मानक के विपरीत लोगों को अंत्योदय कार्ड की पात्रता सूची में दिखाकर राशन गबन किया गया है। इस गोरखधंधे का भंडाफोड़ करते हुए वितरण से वंचित ग्रामीणों एवं अपात्रों की सूची सौंपकर जिलाधिकारी से राशन डीलर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। अभी तक इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
गांव देवली खेड़ा उर्फ जैनपुर के ग्रामीणों ने करीब नौ माह पहले डीएम से शिकायत की थी कि अफसर अली के नाम से राशन एजेंसी है। आरोप है कि वह पिछले दो साल से राशन का वितरण नहीं कर रहा है। पात्रों द्वारा राशन मांगने पर उन्हें धमकी देकर भगा देता है। ग्रामीणों का आरोप है कि वह दो साल से राशन डकार रहा है। आरोप है कि दर्जनों लोगों के नाम रजिस्टर में तो दर्ज हैं, लेकिन आज तक उनके राशन कार्ड जारी नहीं किये गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से कालाबाजारी के खेल को अंजाम दिया जा रहा है। जिसके चलते कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने डीएम को पत्र सौंपकर जांच कराने की मांग की। जिसमें आरोप लगाया कि डीलर ने लगभग 29 कार्ड ऐसे बनाए हुए हैं, जो गांव के निवासी ही नहीं हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे हैं जो बहुत समय पहले गांव छोड़ चुके या मृतक हैं।
इन मृतकों को मिल रहा राशन
जाफरी (कार्ड संख्या- 2137402486724), अनीशा (कार्ड संख्या- 213710017627), सईदन (कार्ड संख्या- 213710017565), माया (कार्ड संख्या-213840396005), जगवती (कार्ड संख्या- 213740228974), जाफरी (कार्ड संख्या- 2137402486724), अनीशा (कार्ड संख्या- 213710017627), सईदन (कार्ड संख्या- 213710017565)।
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नोट.. इनके अतिरिक्त एक दर्जन से ज्यादा मृतकों के राशन कार्ड संचालित हैं।
परिवार के लोगों के नाम पर किया खेल
राशन डीलर यह खेल अरसे से कर रहा है। उसने अपने ही परिवार के लोगों के बीपीएल और अंत्योदय कार्ड बनवाए हुए हैं। राशन डीलर ने अपने पिता का जो ग्राम प्रधान रह चुके हैं, उनका भी अंत्योदयकार्ड बनवा रखा है। यही नहीं तीन साल पहले उनका निधन हो चुका है, लेकिन कार्ड से आज भी राशन लिया जा रहा है।
9 माह में भी नहीं हुई कार्रवाई
12 फरवरी को राशन डीलर अफसर अली जैनपुर की दुकान निलंबित करते हुए एक सप्ताह में सभी आरोपों के मामले में जिलाधिकारी ने स्पष्टीकरण देने के आदेश किए थे। लेकिन इस मामले में नौ माह बीतने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि ग्रामीण जांच के आधार पर राशन डीलर की दुकान निरस्त कराने की मांग करते आ रहे हैं।
नायब तहसीलदार की जांच में आरोप सही
नायब तहसीलदार सीमा भारती ने अपनी जांच में स्पष्ट किया कि राशन वितरण रजिस्टर में अधिकतर अंगूठे के निशान एक या दो लोगों द्वारा ही लगाए गए हैं। वहीं, अपात्रों की सूची में से दस लोगों को उपस्थित होने के मामले में राशन डीलर केवल अपने पिता और सगी बहन को ही पेश कर पाया। जबकि डीलर की बहन ने स्वीकार किया कि उसकी शादी बारह वर्ष पूर्व खिवाई कस्बे में हो चुकी है। जांच रिपोर्ट में राशन डीलर पर राशन नहीं देने और अवैध कार्ड बनाकर उनपर कालाबाजारी करने के आरोप सत्य पाए गए हैं। जांच अधिकारी के अनुसार सर्म्पूण जांच के उपरांत ज्ञात होता है कि पात्रता सूची में फर्जी एवं मृतकों के नाम शामिल हैं।
कार्रवाई कराई जाएगी
इस मामले में जांच रिपोर्ट तलब कर संबंधित राशन डीलर के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। जांच के बाद भी अब तक रिपोर्ट क्यों दबाकर रखी गई यह भी दिखवाया जायेगा। जो भी इसमें दोषी होंगे, उन पर भी विभागीय कार्रवाई तय होगी। - अनिल ढींगरा, जिलाधिकारी
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गांव देवली खेड़ा उर्फ जैनपुर के ग्रामीणों ने करीब नौ माह पहले डीएम से शिकायत की थी कि अफसर अली के नाम से राशन एजेंसी है। आरोप है कि वह पिछले दो साल से राशन का वितरण नहीं कर रहा है। पात्रों द्वारा राशन मांगने पर उन्हें धमकी देकर भगा देता है। ग्रामीणों का आरोप है कि वह दो साल से राशन डकार रहा है। आरोप है कि दर्जनों लोगों के नाम रजिस्टर में तो दर्ज हैं, लेकिन आज तक उनके राशन कार्ड जारी नहीं किये गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से कालाबाजारी के खेल को अंजाम दिया जा रहा है। जिसके चलते कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने डीएम को पत्र सौंपकर जांच कराने की मांग की। जिसमें आरोप लगाया कि डीलर ने लगभग 29 कार्ड ऐसे बनाए हुए हैं, जो गांव के निवासी ही नहीं हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे हैं जो बहुत समय पहले गांव छोड़ चुके या मृतक हैं।
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इन मृतकों को मिल रहा राशन
जाफरी (कार्ड संख्या- 2137402486724), अनीशा (कार्ड संख्या- 213710017627), सईदन (कार्ड संख्या- 213710017565), माया (कार्ड संख्या-213840396005), जगवती (कार्ड संख्या- 213740228974), जाफरी (कार्ड संख्या- 2137402486724), अनीशा (कार्ड संख्या- 213710017627), सईदन (कार्ड संख्या- 213710017565)।
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नोट.. इनके अतिरिक्त एक दर्जन से ज्यादा मृतकों के राशन कार्ड संचालित हैं।
परिवार के लोगों के नाम पर किया खेल
राशन डीलर यह खेल अरसे से कर रहा है। उसने अपने ही परिवार के लोगों के बीपीएल और अंत्योदय कार्ड बनवाए हुए हैं। राशन डीलर ने अपने पिता का जो ग्राम प्रधान रह चुके हैं, उनका भी अंत्योदयकार्ड बनवा रखा है। यही नहीं तीन साल पहले उनका निधन हो चुका है, लेकिन कार्ड से आज भी राशन लिया जा रहा है।
9 माह में भी नहीं हुई कार्रवाई
12 फरवरी को राशन डीलर अफसर अली जैनपुर की दुकान निलंबित करते हुए एक सप्ताह में सभी आरोपों के मामले में जिलाधिकारी ने स्पष्टीकरण देने के आदेश किए थे। लेकिन इस मामले में नौ माह बीतने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि ग्रामीण जांच के आधार पर राशन डीलर की दुकान निरस्त कराने की मांग करते आ रहे हैं।
नायब तहसीलदार की जांच में आरोप सही
नायब तहसीलदार सीमा भारती ने अपनी जांच में स्पष्ट किया कि राशन वितरण रजिस्टर में अधिकतर अंगूठे के निशान एक या दो लोगों द्वारा ही लगाए गए हैं। वहीं, अपात्रों की सूची में से दस लोगों को उपस्थित होने के मामले में राशन डीलर केवल अपने पिता और सगी बहन को ही पेश कर पाया। जबकि डीलर की बहन ने स्वीकार किया कि उसकी शादी बारह वर्ष पूर्व खिवाई कस्बे में हो चुकी है। जांच रिपोर्ट में राशन डीलर पर राशन नहीं देने और अवैध कार्ड बनाकर उनपर कालाबाजारी करने के आरोप सत्य पाए गए हैं। जांच अधिकारी के अनुसार सर्म्पूण जांच के उपरांत ज्ञात होता है कि पात्रता सूची में फर्जी एवं मृतकों के नाम शामिल हैं।
कार्रवाई कराई जाएगी
इस मामले में जांच रिपोर्ट तलब कर संबंधित राशन डीलर के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। जांच के बाद भी अब तक रिपोर्ट क्यों दबाकर रखी गई यह भी दिखवाया जायेगा। जो भी इसमें दोषी होंगे, उन पर भी विभागीय कार्रवाई तय होगी। - अनिल ढींगरा, जिलाधिकारी