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हाईकोर्ट के आदेश पर बर्खास्त प्रोफेसर डॉ. योगेश प्रसाद बहाल
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हाईकोर्ट के आदेश पर बर्खास्त प्रोफेसर डॉ. योगेश प्रसाद बहाल
मोदीपुरम (मेरठ)। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के बर्खास्त प्रोफेसर डॉ. योगेश प्रसाद राजभर को हाईकोर्ट के आदेश पर बहाल कर दिया गया है। बहाली के बाद भी जांच समिति प्रकरण की जांच जारी रखेगी। जांच जल्द पूरी करने के आदेश दिए गए हैं।
कृषि विवि के उद्यान विभाग के प्रोफेसर डॉ. योगेश प्रसाद को अनुशासनहीनता के चलते तत्कालीन कुलपति डॉ. आरके मित्तल ने 12 मार्च, 2021 को निलंबित कर दिया था। इसके बाद डॉ. योगेश प्रसाद राजभर ने कुलपति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। वह अपने निलंबन के खिलाफ कुलपति से लड़ाई लड़ रहे थे। तत्कालीन कुलपति ने 4 मई, 2022 को बर्खास्त कर उनकी सेवा समाप्त कर दी थी।
हाईकोर्ट ने डॉ. योगेश प्रसाद राजभर की याचिका पर उनके निलंबन और बर्खास्तगी पर रोक लगाते हुए बहाल कर दिया है। हाईकोर्ट ने आदेश दिए हैं कि प्रकरण की जांच जारी रहेगी। इसके लिए अलग कमेटी से जांच कराई जाए। वर्तमान कुलपति डॉ. केके सिंह ने जांच अधिकारी डॉ. गोपाल सिंह व डॉ. आरएन यादव के नेतृत्व में कमेटी गठित की है, जो प्रकरण की जांच करेगी।
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तत्कालीन कुलपति ने नहीं माना था हाईकोर्ट का आदेश
तत्कालीन कुलपति डॉ. आरके मित्तल के समय भी हाईकोर्ट ने उनकी बर्खास्तगी और निलंबन पर रोक लगाने का आदेश दिया था। नई समिति से इस प्रकरण की जांच कराने के लिए आदेश दिया था। लेकिन कुलपति ने इसे गंभीरता से नहीं लिया था।
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मोदीपुरम (मेरठ)। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के बर्खास्त प्रोफेसर डॉ. योगेश प्रसाद राजभर को हाईकोर्ट के आदेश पर बहाल कर दिया गया है। बहाली के बाद भी जांच समिति प्रकरण की जांच जारी रखेगी। जांच जल्द पूरी करने के आदेश दिए गए हैं।
कृषि विवि के उद्यान विभाग के प्रोफेसर डॉ. योगेश प्रसाद को अनुशासनहीनता के चलते तत्कालीन कुलपति डॉ. आरके मित्तल ने 12 मार्च, 2021 को निलंबित कर दिया था। इसके बाद डॉ. योगेश प्रसाद राजभर ने कुलपति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। वह अपने निलंबन के खिलाफ कुलपति से लड़ाई लड़ रहे थे। तत्कालीन कुलपति ने 4 मई, 2022 को बर्खास्त कर उनकी सेवा समाप्त कर दी थी।
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हाईकोर्ट ने डॉ. योगेश प्रसाद राजभर की याचिका पर उनके निलंबन और बर्खास्तगी पर रोक लगाते हुए बहाल कर दिया है। हाईकोर्ट ने आदेश दिए हैं कि प्रकरण की जांच जारी रहेगी। इसके लिए अलग कमेटी से जांच कराई जाए। वर्तमान कुलपति डॉ. केके सिंह ने जांच अधिकारी डॉ. गोपाल सिंह व डॉ. आरएन यादव के नेतृत्व में कमेटी गठित की है, जो प्रकरण की जांच करेगी।
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तत्कालीन कुलपति ने नहीं माना था हाईकोर्ट का आदेश
तत्कालीन कुलपति डॉ. आरके मित्तल के समय भी हाईकोर्ट ने उनकी बर्खास्तगी और निलंबन पर रोक लगाने का आदेश दिया था। नई समिति से इस प्रकरण की जांच कराने के लिए आदेश दिया था। लेकिन कुलपति ने इसे गंभीरता से नहीं लिया था।