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पढ़ाई के साथ अनुशासन, तकनीकी दक्षता जरूरी : सोनिका वर्मा
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मेरठ कॉलेज में विधिक सेवा प्राधिकरण के जागरूकता कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने दी जानकारी
अनुशासन और जिम्मेदारी को बताया सफलता की कुंजी
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। कानून की पढ़ाई सिर्फ अदालत में वकालत तक सीमित नहीं है। विधि के विद्यार्थियों के लिए न्यायपालिका, सरकारी सेवाओं, सशस्त्र सेनाओं समेत विभिन्न क्षेत्रों में कॅरिअर के अवसर उपलब्ध हैं। बदलते समय के साथ विधि के पेशे का दायरा लगातार बढ़ रहा है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अनुशासन, तकनीकी दक्षता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करनी चाहिए।
यह बात जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज सोनिका वर्मा ने मंगलवार को मेरठ कॉलेज में आयोजित विधि जागरूकता कार्यक्रम में कही।
मेरठ कॉलेज के प्रोफेशनल विभाग के विधि विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के पूर्व डीन एवं विधि विभागाध्यक्ष प्रो. एससी गुप्ता मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शुरुआत से ही अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
प्रो. गुप्ता ने कहा कि अधिवक्ता अपने पेशे के पहले दिन से ही ‘ऑफिसर ऑफ द कोर्ट’ होता है। यही विधि व्यवसाय की विशिष्ट पहचान है। उन्होंने विद्यार्थियों को पेशे की गरिमा और जिम्मेदारियों को समझने की सलाह दी। सिविल जज सोनिका वर्मा ने कहा कि विधि का क्षेत्र बहुत व्यापक है और इसमें रोजगार की अनेक संभावनाएं हैं
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मेरठ कॉलेज के प्राचार्य प्रो. नीरज कुमार ने कहा कि विद्यार्थी तकनीक के साथ स्वयं को मजबूत बनाएं, ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सकें। प्रबंध समिति के सचिव विवेक कुमार गर्ग ने विद्यार्थियों से शिक्षा को गंभीरता से लेने और अपने कर्तव्यों का जिम्मेदारी से पालन करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की देखरेख प्रो. एसके मित्तल ने की और संचालन डॉ. रुनझुन बिश्नोई ने किया। अध्यक्षता विवेक कुमार गर्ग ने की। कार्यक्रम में मुख्य नियंता प्रो. पवन कुमार, प्रो. भूपेंद्र सिंह, प्रो. चंद्रशेखर भारद्वाज, अरविंद कुमार, डॉ. रवीश कुमार, डॉ. रेखा, डॉ. काजल वर्मा और डॉ. आशनी भार्गव समेत शिक्षक मौजूद रहे।
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अनुशासन और जिम्मेदारी को बताया सफलता की कुंजी
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। कानून की पढ़ाई सिर्फ अदालत में वकालत तक सीमित नहीं है। विधि के विद्यार्थियों के लिए न्यायपालिका, सरकारी सेवाओं, सशस्त्र सेनाओं समेत विभिन्न क्षेत्रों में कॅरिअर के अवसर उपलब्ध हैं। बदलते समय के साथ विधि के पेशे का दायरा लगातार बढ़ रहा है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अनुशासन, तकनीकी दक्षता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करनी चाहिए।
यह बात जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज सोनिका वर्मा ने मंगलवार को मेरठ कॉलेज में आयोजित विधि जागरूकता कार्यक्रम में कही।
मेरठ कॉलेज के प्रोफेशनल विभाग के विधि विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के पूर्व डीन एवं विधि विभागाध्यक्ष प्रो. एससी गुप्ता मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शुरुआत से ही अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
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प्रो. गुप्ता ने कहा कि अधिवक्ता अपने पेशे के पहले दिन से ही ‘ऑफिसर ऑफ द कोर्ट’ होता है। यही विधि व्यवसाय की विशिष्ट पहचान है। उन्होंने विद्यार्थियों को पेशे की गरिमा और जिम्मेदारियों को समझने की सलाह दी। सिविल जज सोनिका वर्मा ने कहा कि विधि का क्षेत्र बहुत व्यापक है और इसमें रोजगार की अनेक संभावनाएं हैं
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मेरठ कॉलेज के प्राचार्य प्रो. नीरज कुमार ने कहा कि विद्यार्थी तकनीक के साथ स्वयं को मजबूत बनाएं, ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सकें। प्रबंध समिति के सचिव विवेक कुमार गर्ग ने विद्यार्थियों से शिक्षा को गंभीरता से लेने और अपने कर्तव्यों का जिम्मेदारी से पालन करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की देखरेख प्रो. एसके मित्तल ने की और संचालन डॉ. रुनझुन बिश्नोई ने किया। अध्यक्षता विवेक कुमार गर्ग ने की। कार्यक्रम में मुख्य नियंता प्रो. पवन कुमार, प्रो. भूपेंद्र सिंह, प्रो. चंद्रशेखर भारद्वाज, अरविंद कुमार, डॉ. रवीश कुमार, डॉ. रेखा, डॉ. काजल वर्मा और डॉ. आशनी भार्गव समेत शिक्षक मौजूद रहे।