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Meerut News: तबादले के बाद भी रोहटा चौकी के सरकारी आवास नहीं छोड़े
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- दो दरोगाओं की दूसरी जगह तैनाती, फिर भी रोहटा में रात्रि विश्राम की बात सामने आई
- संवेदनशील सीमा क्षेत्र की पुलिसिंग पर सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहटा। पुलिस चौकी रोहटा से तबादला होने के बाद भी दो दरोगाओं द्वारा चौकी परिसर स्थित सरकारी आवासों में रहने की बात सामने आई है। दोनों दरोगाओं की तैनाती बागपत और किनौनी चौकी पर है। ऐसे में संवेदनशील मेरठ-बागपत सीमा क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों की रात के समय मौके पर उपलब्धता और आपात स्थिति में त्वरित पुलिसिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
रोहटा पुलिस चौकी खंड शिक्षा कार्यालय परिसर में संचालित है। चौकी परिसर में पुलिसकर्मियों के लिए सरकारी आवास भी बने हुए हैं। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 बैच के दो दरोगाओं का रोहटा से तबादला होने के बाद उनकी तैनाती दूसरी जगह कर दी गई। इनमें एक की तैनाती बागपत और दूसरे की मेरठ क्षेत्र की किनौनी चौकी पर बताई गई है। इसके बावजूद दोनों के रोहटा स्थित सरकारी आवासों में रहने की बात सामने आई है।
मेरठ-बागपत सीमा क्षेत्र पुलिस के लिए संवेदनशील माना जाता है। किसी वारदात के बाद बदमाश अक्सर जिले की सीमा पार कर दूसरे जिले में निकलने का प्रयास करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, मेरठ क्षेत्र में वारदात के बाद बदमाश किनौनी चौकी के आसपास से होते हुए हिंडन नदी पार कर बागपत की ओर जाने का प्रयास करते हैं। ऐसे में सीमा क्षेत्र की चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों की मौके पर तत्काल उपलब्धता महत्वपूर्ण हो जाती है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि संवेदनशील चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों को तैनाती स्थल के आसपास ही रात्रि विश्राम करना चाहिए, ताकि रात में किसी घटना की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की जा सके। उनका कहना है कि तैनाती स्थल से दूर रहने की स्थिति में आकस्मिक परिस्थितियों में पुलिस की प्रतिक्रिया प्रभावित होने की आशंका रहती है। थाना प्रभारी पूजा पंवार ने बताया कि उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं है।
सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। संबंधित पुलिसकर्मियों को उनकी तैनाती वाले स्थान पर ही रात्रि विश्राम के लिए भेजा जाएगा।
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- संवेदनशील सीमा क्षेत्र की पुलिसिंग पर सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहटा। पुलिस चौकी रोहटा से तबादला होने के बाद भी दो दरोगाओं द्वारा चौकी परिसर स्थित सरकारी आवासों में रहने की बात सामने आई है। दोनों दरोगाओं की तैनाती बागपत और किनौनी चौकी पर है। ऐसे में संवेदनशील मेरठ-बागपत सीमा क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों की रात के समय मौके पर उपलब्धता और आपात स्थिति में त्वरित पुलिसिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
रोहटा पुलिस चौकी खंड शिक्षा कार्यालय परिसर में संचालित है। चौकी परिसर में पुलिसकर्मियों के लिए सरकारी आवास भी बने हुए हैं। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 बैच के दो दरोगाओं का रोहटा से तबादला होने के बाद उनकी तैनाती दूसरी जगह कर दी गई। इनमें एक की तैनाती बागपत और दूसरे की मेरठ क्षेत्र की किनौनी चौकी पर बताई गई है। इसके बावजूद दोनों के रोहटा स्थित सरकारी आवासों में रहने की बात सामने आई है।
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मेरठ-बागपत सीमा क्षेत्र पुलिस के लिए संवेदनशील माना जाता है। किसी वारदात के बाद बदमाश अक्सर जिले की सीमा पार कर दूसरे जिले में निकलने का प्रयास करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, मेरठ क्षेत्र में वारदात के बाद बदमाश किनौनी चौकी के आसपास से होते हुए हिंडन नदी पार कर बागपत की ओर जाने का प्रयास करते हैं। ऐसे में सीमा क्षेत्र की चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों की मौके पर तत्काल उपलब्धता महत्वपूर्ण हो जाती है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि संवेदनशील चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों को तैनाती स्थल के आसपास ही रात्रि विश्राम करना चाहिए, ताकि रात में किसी घटना की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की जा सके। उनका कहना है कि तैनाती स्थल से दूर रहने की स्थिति में आकस्मिक परिस्थितियों में पुलिस की प्रतिक्रिया प्रभावित होने की आशंका रहती है। थाना प्रभारी पूजा पंवार ने बताया कि उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं है।
सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। संबंधित पुलिसकर्मियों को उनकी तैनाती वाले स्थान पर ही रात्रि विश्राम के लिए भेजा जाएगा।