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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Dhan Singh Kotwal: The Hero of 1857 Revolt from Panchali Khurd, Meerut

Meerut: पांचाली खुर्द की माटी का लाल, 1857 की क्रांति का नायक, अमर शहीद धन सिंह कोतवाल ने किया था नेतृत्व

Sat, 09 May 2026 11:47 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 09 May 2026 11:47 AM IST
सार

मेरठ के पांचाली खुर्द गांव में जन्मे अमर शहीद धन सिंह कोतवाल ने 1857 की क्रांति में अहम भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में मेरठ से उठी विद्रोह की चिंगारी ने पूरे देश में स्वतंत्रता संग्राम की ज्वाला भड़का दी।

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Dhan Singh Kotwal: The Hero of 1857 Revolt from Panchali Khurd, Meerut
धनसिंह कोतवाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की पहली बड़ी क्रांति वर्ष 1857 में मेरठ से भड़की थी। इस क्रांति का नेतृत्व महान क्रांतिकारी अमर शहीद धन सिंह कोतवाल ने किया था। मेरठ जनपद का गांव पांचाली खुर्द उनकी जन्मस्थली है और यही वह भूमि है जिसने आजादी की लड़ाई को नई दिशा दी।

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साधारण किसान परिवार से क्रांति के नायक तक का सफर
शहीद धन सिंह कोतवाल का जन्म मेरठ के पांचाली खुर्द गांव में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। अपने साहस, नेतृत्व क्षमता और योग्यता के बल पर वे मेरठ शहर के कोतवाल पद तक पहुंचे। उस समय मेरठ छावनी में भारतीय सैनिकों और स्थानीय जनता के बीच अंग्रेजी शासन के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त था।

10 मई 1857 को मेरठ की सदर बाजार और छावनी क्षेत्र में विद्रोह की स्थिति बनी। उस समय धन सिंह कोतवाल ने अपनी वर्दी का मोह त्यागकर देश सेवा को सर्वोपरि रखा। उन्होंने जेल के दरवाजे खुलवा दिए और 800 से अधिक कैदियों को मुक्त कराया। इसके बाद हजारों क्रांतिकारियों को संगठित कर अंग्रेजी ठिकानों पर हमला बोला और उन्हें दिल्ली की ओर कूच करने के लिए प्रेरित किया।

अंग्रेजी हुकूमत ने गांव को बनाया निशाना
धन सिंह कोतवाल के नेतृत्व से घबराई अंग्रेजी हुकूमत ने उनके पैतृक गांव पांचाली खुर्द को निशाना बनाया। अंग्रेजी सेना ने गांव को चारों ओर से घेरकर भीषण गोलाबारी की। इतिहास के अनुसार गांव के कई युवाओं को पेड़ों पर लटकाकर फांसी दी गई और पूरे गांव को तहस-नहस कर दिया गया। अंग्रेजी शासन ने धन सिंह कोतवाल को विद्रोह का मुख्य सूत्रधार मानते हुए बाद में उन्हें फांसी दे दी।

आज भी प्रेरणा देता है पांचाली खुर्द
आज पांचाली खुर्द गांव धन सिंह कोतवाल की वीरता और बलिदान का जीवंत प्रमाण है। गांव के प्रवेश द्वार पर उनकी भव्य प्रतिमा और स्मारक स्थापित हैं, जो युवाओं को देशभक्ति की प्रेरणा देते हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस भी उन्हें सर्वोच्च सम्मान देती है और मेरठ स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र का नाम भी उनके नाम पर रखा गया है। गांव के निवासी हर वर्ष 10 मई को गौरव दिवस के रूप में मनाते हैं और शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

गांव के निवासी एवं पूर्व ग्राम प्रधान भोपाल सिंह गुर्जर का कहना है कि पांचाली खुर्द का इतिहास केवल एक गांव की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस बलिदान का प्रतीक है जिसने भारत की स्वतंत्रता की नींव मजबूत की। वर्तमान में स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा इस ऐतिहासिक गांव को पर्यटन और शोध के केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

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