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अधिकारियों की आपसी खींचतान में थमा विकास

Sat, 08 Feb 2020 02:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 08 Feb 2020 02:30 AM IST
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develpoment stop due to pulling of officers
अफसरों की आपसी खींचतान में थमा विकास
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मेरठ। नगर निगम की तिजोरी 14वें वित्त आयोग के खजाने से भरी है। कुल मिलाकर 100 करोड़ रुपये जमा हैं। जिनको 31 मार्च तक समायोजित करना जरूरी है। इसके बावजूद अधिकारी शहर के विकास को लेकर कतई गंभीर नहीं हैं। पूर्व में 70 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पास हो चुके हैं। हालांकि इन कार्यों को शुरू नहीं किया गया है। इनमें नाले एवं सड़कें निर्माण आदि हैं। वहीं, कूड़ा वाहनों की भी खरीद होनी थी। सभी कार्य अधर में हैं। इसके बावजूद शासन ने 33 करोड़ रुपये और जारी कर दिए हैं। शहर के विकास को लेकर निगम प्रशासन कतई गंभीर नहीं है।
टेंडरों की स्वीकृति में अटके काम
शहर का विकास करीब छह माह से ठप है। पार्षद और जनता सड़क, नाले, नाली, हैंडपंप रिपेयर एवं सफाई आदि समस्याओं से जूझ रहे हैं। इनके कभी प्रस्ताव नहीं बनते तो कभी टेेंडर स्वीकृति में अटके रहते हैं। इतना ही नहीं शहर में टूटी पुलिया, नाले आदि की दीवार तक पर काम नहीं हो रहा है। सड़कों की स्थिति बदतर है।
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यूजर चार्ज लगाया पर वार्डों में नहीं पहुंचतीं गाड़ी
महानगर के 90 वार्डों से डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के लिए 180 गाड़ियों की जरूरत है। पूर्व में 140 गाड़ी खरीदी जा चुकी हैं। इनको कुूछ वार्डों में कूड़ा उठाने के लिए उतारा गया है। हालांकि वे भी सभी घरों से कूड़ा नहीं उठा पा रही हैं। नियमानुसार इस व्यवस्था को सुचारू करने के बाद ही यूजर चार्ज वसूला जा सकता है जबकि यहां सब उल्टा हो रहा है। खजाने में धन होने के बावजूद कूड़ा गाड़ी की खरीद नहीं की जा रही है।
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सड़कें टूटी, गड्ढों से मुक्ति नहीं
सरकार सड़कों की गड्ढा मुक्ति पर वाहवाही लूट रही है। हालांकि धरातल पर स्थिति उलट है। नगर निगम की 200 से अधिक सड़कें गड्ढों में तब्दील हैं। जिनको गड्ढा मुक्त करने की मांग जनता पूरे साल करती रही परंतु निगम अधिकारी आश्वासन देते नहीं थके।
गड्ढों के चलते बदहाल हैं ये सड़कें
फूलबाग कॉलोनी विक्टोरिया पार्क नाला पुल से बसपा कार्यालय होते हुए लोकप्रिय अस्पताल तक।
गांधी आश्रम चौराहा से हंस चौराहा होते हुए विक्टोरिया पार्क तक।
जेल चुंगी चौराहा से किला रोड पर जगह-जगह गड्ढे।
बच्चा पार्क पर सेंट थामस सिटी मैथोडिस्ट चर्च के सामने बदहाल सड़क।
इंदिरा चौक से खैरनगर फव्वारा चौक तक जर्जर सड़क।
भुमियापुल से खत्ता रोड, माधवपुरम मुख्य मार्ग जर्जर हाल।
वर्जन
14वें वित्त आयोग के खजाने से होने वाले विकास कार्य और खरीदे जाने कूड़ा वाहनों का प्रस्ताव पास हुए चार माह से अधिक बीत चुके हैं। कई बार अधिकारियों से मौखिक और पत्र व्यवहार करके स्वीकृत प्रस्तावों पर काम करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। अधिकारी लापरवाही कर रहे हैं। अब शासन ने हाल ही में लगभग 33 करोड़ रुपये नगर निगम को दिए हैं। शीघ्र बैठक करके प्रस्ताव पास कराए जाएंगे।-सुनीता वर्मा, महापौर।

गाड़ी खरीद की तैयारी चल रही है। 14वें वित्त आयोग का समस्त धन 31 मार्च से पहले खर्च हो जाएगा। इस पर सभी विभाग कार्य कर रहे हैं। लोहियानगर में भी कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाया जाना है।-डॉ. गजेंद्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।
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