{"_id":"64289ed68fb826c1740848e4","slug":"departments-got-rs-50-crore-on-the-last-day-of-the-financial-year-meerut-news-c-14-1-roh1021-176323-2023-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन विभागों को मिले 50 करोड़ रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन विभागों को मिले 50 करोड़ रुपये
विज्ञापन
मेरठ। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन विभागों को 50 करोड़ रुपये जारी किए गए। वर्ष 2017 के बाद नगर निगम के खजाने में स्टाम्प ड्यूटी के 11.72 करोड़ रुपये आए हैं। इसके अलावा प्रशासन को गांवों के विकास के लिए दो करोड़ रुपये क्रिटिकल गैंप के रूप में मिले हैं। त्वरित आर्थिक विकास के लिए 10 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। वहीं टेंडर नहीं होने या बजट देरी से आने की वजह से पीडब्ल्यूडी के 20 करोड़ रुपये सरेंडर हो गए हैं।
शनिवार से वित्तीय वर्ष 2023-24 की शुरूआत हो गई है। विगत वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 31 मार्च के पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, चिकित्सा विभाग, मेरठ कॉलेज, सरदार पटेल कृषि विश्वविद्यालय, मेडिकल कालेज, सिंचाई विभाग के अधिकारी-कर्मी अपने-अपने विभाग का बजट जारी कराने के लिए मुख्य कोषागार के चक्कर लगाते रहे।
कोषाधिकारी एसके त्रिपाठी ने बताया कि 31 मार्च को जिले के विभिन्न विभागों को 50 करोड़ रुपये जारी हुए हैं। पीडब्ल्यूडी को 10 करोड़, सिंचाई विभाग को पांच करोड़, चिकित्सा के लिए पांच करोड़, सरदार पटेल कृषि विवि को चार करोड़ मिले हैं।
विज्ञापन
- इनका बजट हुआ सरेंडर
साकेत आईटीआई और मेरठ कॉलेज का बजट भी सरेंडर हुआ है। अफसरों का कहना है कि समय से कागजी खानापूर्ति नहीं होने से बजट को सरेंडर किया गया है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता एसके सारस्वत ने बताया कि बजट सरेंडर होने का मतलब यह नहीं है कि उक्त विकास कार्य नहीं होगा। विकास कार्य होगा मगर धनराशि दोबारा से शासन स्तर से जारी होगी।
-- -- -- -
पीडब्ल्यूडी ने 20 करोड़ रुपये सरेंडर किए हैं। निगम को स्टाम्प ड्यूटी में से 11.70 करोड़ रुपये मिले हैं। डीएम की संस्तुति पर क्रिटिकल गैप के लिए दो करोड़ और त्वरित विकास के लिए 10 करोड़ रुपये मिले हैं। साकेट आईटीआई और मेरठ कालेज की धनराशि भी सरेंडर हुई है।
लक्ष्मी मिश्रा, मुख्य कोषाधिकारी
विज्ञापन
शनिवार से वित्तीय वर्ष 2023-24 की शुरूआत हो गई है। विगत वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 31 मार्च के पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, चिकित्सा विभाग, मेरठ कॉलेज, सरदार पटेल कृषि विश्वविद्यालय, मेडिकल कालेज, सिंचाई विभाग के अधिकारी-कर्मी अपने-अपने विभाग का बजट जारी कराने के लिए मुख्य कोषागार के चक्कर लगाते रहे।
विज्ञापन
कोषाधिकारी एसके त्रिपाठी ने बताया कि 31 मार्च को जिले के विभिन्न विभागों को 50 करोड़ रुपये जारी हुए हैं। पीडब्ल्यूडी को 10 करोड़, सिंचाई विभाग को पांच करोड़, चिकित्सा के लिए पांच करोड़, सरदार पटेल कृषि विवि को चार करोड़ मिले हैं।
विज्ञापन
- इनका बजट हुआ सरेंडर
साकेत आईटीआई और मेरठ कॉलेज का बजट भी सरेंडर हुआ है। अफसरों का कहना है कि समय से कागजी खानापूर्ति नहीं होने से बजट को सरेंडर किया गया है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता एसके सारस्वत ने बताया कि बजट सरेंडर होने का मतलब यह नहीं है कि उक्त विकास कार्य नहीं होगा। विकास कार्य होगा मगर धनराशि दोबारा से शासन स्तर से जारी होगी।
पीडब्ल्यूडी ने 20 करोड़ रुपये सरेंडर किए हैं। निगम को स्टाम्प ड्यूटी में से 11.70 करोड़ रुपये मिले हैं। डीएम की संस्तुति पर क्रिटिकल गैप के लिए दो करोड़ और त्वरित विकास के लिए 10 करोड़ रुपये मिले हैं। साकेट आईटीआई और मेरठ कालेज की धनराशि भी सरेंडर हुई है।
लक्ष्मी मिश्रा, मुख्य कोषाधिकारी