विवादित कलेंडर से आगबबूला हुए देवबंदी उलमा, कहा- मुस्लिम धर्म स्वीकार करें हिंदू
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अखिल भारतीय हिंदू महासभा अलीगढ़ में हिंदू नववर्ष के मौके पर हवन यज्ञ कर एक विवादित कलेंडर जारी किया गया। जिसमें मुस्लिम के पवित्र तीर्थ स्थल मक्का मदीना समेत अन्य धार्मिक स्थलों को हिंदू देवी देवताओं का स्थान बताते हुए मुसलमानों से हिंदू सनातन धर्म में वापसी करने को कहा गया है। इस पर देवबंदी उलमा आगबबूला हो गए हैं। उन्होंने पलटवार करते हुए हिंदुओं को ही इस्लाम धर्म कबूल करने की सलाह दे डाली।
मदरसा दारुल उलूम अशरफिया के मोहतमिम मौलाना सालिम अशरफ कासमी का कहना है कि इस अंदाज के जितने भी विवादित बयान हिंदुस्तान में आते हैं ये सोची समझी साजिश के तहत दिलाए जाते हैं, जबकि जमीनी हकीकत से इसका कोई ताल्लुक नहीं होता। अगर इस तरह के लोगों को अकेले बुलाकर पूछा जाए तो वो अपने दिल पर हाथ रखकर इस हकीकत से इंकार कर देगा।
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उन्होंने कहा कि अगर हमारे पूर्वज हिंदू थे तो इस्लाम में कोई ना कोई तो खूबी होगी जो हिंदुस्तान में कम से कम 22 करोड़ मुस्लिम आबादी है और तुम्हारे पूर्वजों ने इस्लाम की खूबियों को कुछ तो समझा होगा। इसलिए तुम्हारी भलाई इसी में है कि हम तुम में वापस हों और तुम इस्लाम की खूबियों को पूर्वजों से समझ कर इस्लाम धर्म स्वीकार करो और कलमा पढ़कर इस्लाम के अमन और पीस फुल प्रोग्राम, हिंदुस्तान की गंगा जमुनी तहजीब, एकजुटता व इस्लाम की साफ नीति को सबके सामने रखें।
मौलाना सालिम अशरफ ने कहा कि इस प्रकार के जितने भी बयान होते हैं वो इन लोगों के दिवालियापन का सबूत है। ऐसे लोगों को ऋषि मुनि या किसी अच्छे डॉक्टर से अपना इलाज कराना चाहिए।
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