फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Deoband rifle loot case: action against seven inspectors and one suspended at Saharanpur

एके-47 लूट प्रकरण: दोषी पाए गए थे तत्कालीन सात इंस्पेक्टर, एक को किया पुलिस सेवा से बर्खास्त

Wed, 04 Sep 2019 01:14 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Wed, 04 Sep 2019 01:14 AM IST
विज्ञापन
Deoband rifle loot case: action against seven inspectors and one suspended at Saharanpur
यूपी पुलिस

सहारनपुर जनपद में वर्ष 2013 में फल विक्रेता की मौत के बाद देवबंद में हुए बवाल में आरोपियों पर कार्रवाई और लूटी गई एके-47 की बरामदगी न करने के मामले में जांच अधिकारी द्वारा तत्कालीन सात पुलिस इंस्पेक्टरों (निरीक्षकों) को दोषी पाया गया था। इनमें से एक निलंबित निरीक्षक को पुलिस सेवा से पदमुक्त भी किया जा चुका है। इसका पता आईजीआरएस सेल से बजरंग दल के प्रांत संयोजक विकास त्यागी को अब तक हुई कार्रवाई के संबंध में भेजे गए पत्र से हुआ है। 

विज्ञापन


बजरंग दल के प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने गत 23 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रार्थना पत्र भेजकर देवबंद में हुए बवाल और तत्कालीन एसपी देहात डॉक्टर अनिल कुमार मिश्र के गनर से एके-47 लूटे जाने के मामले को गंभीर व संवेदनशील बताते हुए शासन स्तर से प्रभावी जांच कराए जाने की मांग की थी। मंगलवार को मुख्यमंत्री के विशेष सचिव (आईजीआरएस सेल) की तरफ से जन सुनवाई पोर्टल पर विकास त्यागी को भेजे गए पत्र में कार्रवाई के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई है। जिसमें प्रकरण के बाद से अब तक आरोपियों पर की गई कार्रवाई की जानकारी दी गई है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: रायफल लूट प्रकरण: आतंकियों से जुड़ा हो सकता है जर्मन सिंह, गिरफ्तारी से खुलेंगे चौंकाने वाले राज
विज्ञापन
विज्ञापन


साथ ही यह भी बताया गया कि जांच अधिकारी द्वारा तत्कालीन पुलिस निरीक्षक राजीव कुमार यादव, निरीक्षक चरन सिंह, निरीक्षक ब्रजमोहन यादव, निरीक्षक पवन कुमार, निलंबित निरीक्षक उदयपाल सिंह, निरीक्षक सुभाष चंद राठौर एवं निरीक्षक गजेंद्र सिंह को दोषी पाया गया। जिसके आधार पर 25 मार्च 2018 को निरीक्षक पवन कुमार, सुभाष चंद राठौर व गजेंद्र सिंह को परिनिंदा लेख प्रदान किया जा चुका है, जबकि निरीक्षक उदयपाल सिंह को एक फरवरी 2019 को पुलिस सेवा से पदमुक्त किया जा चुका है।

विकास त्यागी ने बताया कि उन्होंने पूर्व में गृहमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मिलकर मामले की जांच एसटीएफ से कराए जाने की मांग की थी। जिसे शासन ने मान लिया था, लेकिन एसटीएफ की जांच से वह संतुष्ट नहीं थे। जिसके बारे में मुख्यमंत्री को पुन: अवगत कराया गया था। 

32 आरोपियों में से पांच गिरफ्तार, 21 ने कोर्ट से लिया गिरफ्तारी पर स्टे 
आईजीआरएस सेल की तरफ से भेजे गए पत्र में यह भी बताया गया कि अभियोग की विवेचनात्मक कार्रवाई के दौरान प्रकाश में आए कुल 32 अभियुक्तों में से 5 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई है। 21 आरोपियों के द्वारा गिरफ्तारी पर उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त किया हुआ है। एक अभियुक्त वहीद की मृत्यु हो चुकी है। पांच अभियुक्तों में से 3 के खिलाफ कुर्की हो चुकी है और दो आरोपियों के खिलाफ कुर्की के नोटिस चस्पा किए गए हैं। कुल पांच अभियुक्तों के विरुद्ध गिरफ्तारी उपरांत एवं 21 अभियुक्तों के विरुद्ध उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त करने की दशा में पर्याप्त साक्ष्य के आधार पर अलग अलग तिथियों में आरोप पत्र न्यायालय को प्रेषित किए जा चुके हैं।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed