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देवबंद : जमीयत के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी बने देश के मुसलमानों के अमीरुल हिंद
Sat, 03 Jul 2021 09:56 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sat, 03 Jul 2021 09:56 PM IST
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मौलाना सैय्यद अरशद मदनी
- फोटो : अमर उजाला
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देवबंद में जमीयत उलमा-ए-हिंद के मुख्य केंद्रीय कार्यालय में इमारत-ए-शरिया हिंद के एक दिवसीय प्रतिनिधि सम्मेलन में जमीयत के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी को देश के मुसलमानों का अमीरुल हिंद घोषित किया, जबकि मदरसा शाही मुरादाबाद के शेखुल हदीस मुफ्ती सलमान मंसूरपुरी को नायब अमीरुल हिंद बनाया। साथ ही बैठक में विभिन्न मुद्दों और उनके समाधान पर चर्चा की गई।
शनिवर को दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी बनारसी की अध्यक्षता में आयोजित दोनों जमीयत के संयुक्त प्रतिनिधि सम्मेलन में देशभर से जमीयत की इमारत-ए-शरिया हिंद की शूरा के सदस्यों ने सर्वसम्मति से मौलाना अरशद मदनी को अमीरुल हिंद और मुफ्ती सलमान मंसूरपुरी को नायब अमीरुल हिंद घोषित किया। मौलाना अरशद मदनी के नाम का प्रस्ताव मौलाना महमूद मदनी ने रखा। इसके बाद उनके नाम की घोषणा दारुल उलूम के मोहतमिम ने की।
बैठक में नव मनोनीत अमीरुल हिंद मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि आज इमारत ए शरिया हिंद के तहत 100 से अधिक शरिया महकमे चल रहे हैं। इस बात की अति आवश्यकता है कि देश के कोने-कोने में शरिया के विभाग स्थापित किए जाएं और इमारत की व्यवस्था को राज्य स्तर पर मजबूत किया जाए।
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शनिवर को दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी बनारसी की अध्यक्षता में आयोजित दोनों जमीयत के संयुक्त प्रतिनिधि सम्मेलन में देशभर से जमीयत की इमारत-ए-शरिया हिंद की शूरा के सदस्यों ने सर्वसम्मति से मौलाना अरशद मदनी को अमीरुल हिंद और मुफ्ती सलमान मंसूरपुरी को नायब अमीरुल हिंद घोषित किया। मौलाना अरशद मदनी के नाम का प्रस्ताव मौलाना महमूद मदनी ने रखा। इसके बाद उनके नाम की घोषणा दारुल उलूम के मोहतमिम ने की।
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बैठक में नव मनोनीत अमीरुल हिंद मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि आज इमारत ए शरिया हिंद के तहत 100 से अधिक शरिया महकमे चल रहे हैं। इस बात की अति आवश्यकता है कि देश के कोने-कोने में शरिया के विभाग स्थापित किए जाएं और इमारत की व्यवस्था को राज्य स्तर पर मजबूत किया जाए।
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उन्होंने कहा सभी मदरसा संचालक अपने अपने मदरसों में दारुल कजा का कोर्स शुरू करें और फिर उसमें प्रवेश लिए विद्यार्थियों को पूरा प्रशिक्षण देकर शरिया विभाग में नियुक्त करें। इस बैठक में मौलाना बदरुद्दीन अजमल, मौलाना नेममुल्लाह आजमी, मौलाना अब्दुल अलीम फारुकी, मौलाना रहमतुल्ला कश्मीरी, मौलाना असजद मदनी, मौलाना अशहद रशीदी के अलावा देशभर के नामचीन उलमा मौजूद रहे।
कब कौन बने अमीरुल हिंद
इमारत-ए-शरिया हिंद का गठन वर्ष 1986 में हुआ। सबसे पहले अमीरुल हिंद मौलाना हबीबुर्रहमान आजमी बने। वर्ष 1992 में पूर्व सांसद और जमीयत उलमा ए हिंद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद असद मदनी, वर्ष 2006 में दारुल उलूम देवबंद के पूर्व मोहतमिम स्व. मौलाना मरगूब-उर-रहमान और 2011 से 21 मई 2021 तक जमीयत उलमा-ए-हिंद (मौलाना महमदू मदनी गुट) के अध्यक्ष और दारुल उलूम के कार्यवाहक मोहतमिम स्व. मौलाना कारी उस्मान मंसूरपुरी इस पद पर रहे।
गौरतलब है कि अमीरुल हिंद इमारत-ए-शरिया हिंद के पूरे देश के अमीर होते हैं। इनके नेतृत्व में चांद देखे जाने की पुष्टि, यतीमो और विधवाओं को पेंशन व मदद आदि, समाज सुधार के काम और देश के मुसलमानों के मसाईल और समस्याओं का समाधान किया जाता है।
कब कौन बने अमीरुल हिंद
इमारत-ए-शरिया हिंद का गठन वर्ष 1986 में हुआ। सबसे पहले अमीरुल हिंद मौलाना हबीबुर्रहमान आजमी बने। वर्ष 1992 में पूर्व सांसद और जमीयत उलमा ए हिंद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद असद मदनी, वर्ष 2006 में दारुल उलूम देवबंद के पूर्व मोहतमिम स्व. मौलाना मरगूब-उर-रहमान और 2011 से 21 मई 2021 तक जमीयत उलमा-ए-हिंद (मौलाना महमदू मदनी गुट) के अध्यक्ष और दारुल उलूम के कार्यवाहक मोहतमिम स्व. मौलाना कारी उस्मान मंसूरपुरी इस पद पर रहे।
गौरतलब है कि अमीरुल हिंद इमारत-ए-शरिया हिंद के पूरे देश के अमीर होते हैं। इनके नेतृत्व में चांद देखे जाने की पुष्टि, यतीमो और विधवाओं को पेंशन व मदद आदि, समाज सुधार के काम और देश के मुसलमानों के मसाईल और समस्याओं का समाधान किया जाता है।