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दलित बच्चों को एडमिशन देने से प्रधानाचार्य का इनकार, हुआ जबरदस्त हंगामा

Wed, 01 Aug 2018 10:09 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Wed, 01 Aug 2018 10:09 PM IST
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Denied admission of dalit children in Meerut, a ruckus against the Principal
विरोध करते दलित समाज के लोग - फोटो : अमर उजाला

उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में दलित बच्चों को स्कूल में एडमिशन न देने का मामला सामने आया है। इससे नाराज दलित समाज के लोगों ने विद्यालय पहुंचकर जमकर हंगामा किया। जानिए पूरा मामला।

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फलावदा में प्राथमिक विद्यालय नं. 2 मोहल्ला जोगियान में मंगलवार को प्रधानाचार्य द्वारा दलित बच्चे को एडमिशन नहीं देने पर हंगामा हो गया। जानकारी मिलते ही दलित समाज के लोग विद्यालय पहुंचे और हंगामा करने लगे। इस बीच अन्य गणमान्य लोग भी विद्यालय पहुंचे और मामला शांत कराकर बच्चों के एडमिशन कराए। वहीं प्रधानाध्यापक ने दलित बच्चों के एडमिशन नहीं देने के आरोपों को नकारा है। प्रधानाध्यापक का कहना है कि महिला बच्चों को साथ लेकर नहीं आई थी। महिला से बच्चों को साथ लाने और आधार कार्ड लाने को कहा गया था। 
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कस्बे के मोहल्ला जगजीवन राम निवासी दलित महिला मंगलवार को अपने दो बच्चे गौरव (9 वर्ष) व कार्तिक (7 वर्ष) को प्रवेश दिलाने के लिए मोहल्ले में ही स्थित सरकारी स्कूल प्राथमिक विद्यालय नं. दो में पहुंची। महिला का आरोप है प्रधानाध्यापक रहीसुद्दीन ने दलित होने के कारण उसके दोनों बच्चों को स्कूल में प्रवेश देने से इंकार कर दिया। निराश महिला ने प्रधानाध्यापक द्वारा कही बात की जानकारी समाज के लोगों को दी। मामले की जानकारी दलित समाज के लोग विद्यालय पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। महिला का कहना था कि प्रधानाध्यापक ने ये कहकर उसके बच्चों का दाखिला नहीं दिया के बच्चे दलित है। इसलिए इस स्कूल में दलित बच्चों का दाखिला नहीं किया जा सकता। सूचना पर मोहल्ले के अन्य गणमान्य लोग भी विद्यालय पहुंचे और मामले को शांत कराया और बच्चों को एडमिशन दिलवाया।

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उधर, प्रधानाध्यापक रहीसुद्दीन का कहना है महिला बच्चों का दाखिला कराने के लिए आई थी। बच्चे महिला के साथ नहीं थे बच्चों को साथ लाने और आधार कार्ड लाने कि बात कही थी। आरोप गलत है वे महिला की बिरादरी नहीं जानते। इस मामले में सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी ध्यानचंद का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में आया है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

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